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सावधान : अब बिंगोमॉड वायरस बना साइबर ठगी का हथियार
Tue, 20 Aug 2024 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 20 Aug 2024 12:35 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। अब बिंगोमॉड वायरस का इस्तेमाल कर साइबर ठग धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं। इसके जरिए उपभोक्ता की पूरी जानकारी ठग तक पहुंच जाती है। इस संबंध में जिला पुलिस ने नागरिकों को सचेत एडवाइजरी जारी की है।
डबवाली की एसपी दीप्ति गर्ग ने बताया कि साइबर ठग एसएमएस के माध्यम से लिंक भेजते हैं। इस लिंक पर क्लिक करते ही डिवाइस में बिंगोमॉड वायरस मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है। वायरस के माध्यम से उपयोगकर्ता के बैंक खाते की जानकारी ठग के पास पहुंच जाती है, जिसके बाद ठग खाते से रुपये निकाल लेता है। उन्होंने बताया कि ये वायरस आत्म-विनाशकारी प्रकृति का है। उपयोगकर्ता के बैंक खाते की जानकारी देने के बाद वायरस खुद ही डिवाइस से हट जाता है। यह मोबाइल को फैक्टरी मोड में फॉर्मेट कर देता है। इस वायरस से बचने के लिए किसी भी अज्ञात स्रोत से प्राप्त लिंक पर क्लिक न करें। अपने मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करते रहें। जागरूक होकर ही साइबर धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। साइबर अपराध होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
बचाव के लिए अपनाएं ये टिप्स
-मोबाइल पर पहचान या अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए रुपये के मैसेज की अच्छी तरह से पड़ताल करें।
-किसी के बहकावे में आकर किसी तरह की कोई एप डाउनलोड और कोई मैसेज व लिंक न ओपन करें।
-अपने बैंक, डेबिट, क्रेडिट कार्ड समेत निजी जानकारी किसी के साथ भी साझा न करें।
-नेटवर्क को 5-जी नेटवर्क में शिफ्ट करवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले से सुरक्षित रहें।
-व्हाट्सएप पर किसी भी अज्ञात नंबर से आई वीडियो व ऑडियो कॉल को रिसीव न करें।
-टेलीग्राम एप के माध्यम से घर बैठे पैसे कमाने के लुभावने ऑफर के लालच में न आएं।
-इनकम टैक्स रिफंड के लिए बैंक खाता वेरिफाई करने का मैसेज आए तो दिए गए लिंक को न खोलें।
-ऑनलाइन खरीदारी करते समय जांच करें वेबसाइट के यूआरएल में एचटीटीपीएस हो न की खाली एचटीटीपी हो।
-ऑनलाइन कस्टमर केयर नंबर गुगल पर सर्च करने की बजाए कंपनी या संस्था की वेबसाइट पर ही सर्च करें।
-डाक विभाग से अधूरा पता होने का मैसेज आए तो सावधान रहें। कोई जानकारी साझा न करें और न ही मैसेज में दिए लिंक को खोलें।
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सिरसा। अब बिंगोमॉड वायरस का इस्तेमाल कर साइबर ठग धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं। इसके जरिए उपभोक्ता की पूरी जानकारी ठग तक पहुंच जाती है। इस संबंध में जिला पुलिस ने नागरिकों को सचेत एडवाइजरी जारी की है।
डबवाली की एसपी दीप्ति गर्ग ने बताया कि साइबर ठग एसएमएस के माध्यम से लिंक भेजते हैं। इस लिंक पर क्लिक करते ही डिवाइस में बिंगोमॉड वायरस मैलवेयर इंस्टॉल हो जाता है। वायरस के माध्यम से उपयोगकर्ता के बैंक खाते की जानकारी ठग के पास पहुंच जाती है, जिसके बाद ठग खाते से रुपये निकाल लेता है। उन्होंने बताया कि ये वायरस आत्म-विनाशकारी प्रकृति का है। उपयोगकर्ता के बैंक खाते की जानकारी देने के बाद वायरस खुद ही डिवाइस से हट जाता है। यह मोबाइल को फैक्टरी मोड में फॉर्मेट कर देता है। इस वायरस से बचने के लिए किसी भी अज्ञात स्रोत से प्राप्त लिंक पर क्लिक न करें। अपने मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करते रहें। जागरूक होकर ही साइबर धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। साइबर अपराध होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
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बचाव के लिए अपनाएं ये टिप्स
-मोबाइल पर पहचान या अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए रुपये के मैसेज की अच्छी तरह से पड़ताल करें।
-किसी के बहकावे में आकर किसी तरह की कोई एप डाउनलोड और कोई मैसेज व लिंक न ओपन करें।
-अपने बैंक, डेबिट, क्रेडिट कार्ड समेत निजी जानकारी किसी के साथ भी साझा न करें।
-नेटवर्क को 5-जी नेटवर्क में शिफ्ट करवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले से सुरक्षित रहें।
-व्हाट्सएप पर किसी भी अज्ञात नंबर से आई वीडियो व ऑडियो कॉल को रिसीव न करें।
-टेलीग्राम एप के माध्यम से घर बैठे पैसे कमाने के लुभावने ऑफर के लालच में न आएं।
-इनकम टैक्स रिफंड के लिए बैंक खाता वेरिफाई करने का मैसेज आए तो दिए गए लिंक को न खोलें।
-ऑनलाइन खरीदारी करते समय जांच करें वेबसाइट के यूआरएल में एचटीटीपीएस हो न की खाली एचटीटीपी हो।
-ऑनलाइन कस्टमर केयर नंबर गुगल पर सर्च करने की बजाए कंपनी या संस्था की वेबसाइट पर ही सर्च करें।
-डाक विभाग से अधूरा पता होने का मैसेज आए तो सावधान रहें। कोई जानकारी साझा न करें और न ही मैसेज में दिए लिंक को खोलें।