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Sirsa News: गलत तरीके से बनाए बस क्यू शेल्टर, नहीं मिल रहा लाभ

Wed, 09 Apr 2025 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 09 Apr 2025 12:05 AM IST
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Bus queue shelters are built in the wrong way, no benefit is being received
आंबेडकर चौक पर बस क्यू शेल्टर के अंदर खड़ी किया वाहन।

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सिरसा। शहर में 20 बस क्यू शेल्टर बनाने का ठेका नगर परिषद ने 20 साल के लिए एजेंसी को सौंपा था। एजेंसी की मनमानी और टेंडर प्रक्रिया में खामियों के चलते नगर परिषद ने इस टेंडर को रद्द कर दिया। लोगों को धूप, बारिश और सर्द मौसम में सिर छिपाने और बैठने की सहूलियत बस क्यू शेल्टर से मिलने वाली थी। लेकिन एजेंसी ने धूप और ऋतुओं को ध्यान में न रखकर बस क्यू शेल्टर बना दिए जो आमजन के कोई काम नहीं आ रहे हैं।

लोग इन बस क्यू शेल्टर के नीचे गाड़ी खड़ी कर देते हैं। बता दें कि राजकीय कन्या महिला महाविद्यालय, शहीद उद्यम सिंह पार्क के सामने के अलावा कई अन्य जगहों पर बने बस क्यू शेल्टर पर सुबह 11 बजे के बाद सीधी धूप आती है। दोपहर 1 बजे के बाद स्टील के बने बस क्यू शेल्टर का तापमान बढ़ने लगता है और इसके नीचे बैठना मुश्किल हो जाता है। एजेंसी ने अपने विज्ञापन के लाभ को देखते हुए इन बस क्यू शेल्टर का निर्माण कर दिया। सालासर मंदिर के साथ बनाए गए बस क्यू शेल्टर के आगे पूरे दिन वाहन पार्क किए जाते है।
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जहां मांग थी वहां पर नहीं बनाए बस क्यू शेल्टर : नागरिक अस्पताल में लोग उपचार करवाने के लिए आते हैं। एक हजार मरीज प्रतिदिन नागरिक अस्पताल में आते है। उतनी ही संख्या में मरीजों के परिजन व अन्य कारणों से लोग आते हैं। लोगों का आवागमन जारी रहता है। बसों का ठहराव भी विशेष रूप से यहां पर होता है। उसके बाद भी नागरिक अस्पताल के बाहर बस क्यू शेल्टर नहीं बनाया गया।
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एजेंसी की मनमानी के कारण टेंडर रद्द कर दिया था

पूर्व में नगर परिषद ने एजेंसी को शहर के 20 स्थानों पर बस क्यू शेल्टर लगाने का टेंडर दिया था। हालांकि, एजेंसी ने अपनी मर्जी से बस क्यू शेल्टर विश्वविद्यालय और अन्य स्थानों पर बना दिए, जो कि नियमों के खिलाफ थे। इसका विरोध हुआ और जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि एजेंसी ने कई स्थानों पर बिना मंजूरी के शेल्टर लगाए थे। इसके परिणामस्वरूप नगर परिषद ने एजेंसी का टेंडर रद्द कर दिया था।


बस क्यू शेल्टर एजेंसी ने बनाए थे। नगर परिषद ने उन्हें लोकेशन दी थी। यदि गलत लोकेशन पर बस क्यू शेल्टर बने हुए हैं तो उनको लेकर उच्चाधिकारियों से बातचीत कर आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। -प्रवीण शर्मा, जेई, नगर परिषद
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