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बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट में हत्या कर जलाया शव!
सिरसा
Updated Thu, 31 Jul 2014 12:08 AM IST
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गांव फूलकां के पास बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट में टुकड़े-टुकड़े कर शव जलाए जाने की शंका को लेकर बुधवार सुबह आठ बजे जमकर हंगामा हुआ। पूरे क्षेत्र में यह बात आग की तरह फैल गई और सैकड़ों ग्रामीण प्लांट में एकत्रित हो गए। उन्होंने देखा कि प्लांट के अंदर बॉयलर के पास काफी खून गिरा पड़ा था। उन्हें देखकर बिहार निवासी आपरेटर वहां से फरार हो गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी।
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इसके बाद डिंग थाना प्रभारी जंगीर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि ऐसा लग रहा है कि किसी शख्स की बेरहमी से हत्या करके उसकी लाश को बॉयलर में जला दिया गया है। सीसीटीवी कैमरों का सर्वर भी प्लांट के बाहर पड़ा मिला। इससे शक और ज्यादा पुख्ता हो रहा है। पुलिस ने फोरेंसिक जांच प्रक्रिया पूरी होने तक प्लांट को सील कर दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि मामला संदिग्ध है और फोरेंसिक डॉक्टर की रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब पुलिस बॉयलर के ठंडा होने का इंतजार कर रही है।
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गांव फूलकां के पास बॉयो मेडिकल वेस्ट प्लांट है। बुधवार सुबह प्लांट से मांस जलने की तेज गंध आने लगी तो पास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण प्लांट में पहुंचे। प्लांट में बॉयलर के आसपास काफी खून बिखरा पड़ा देख ग्रामीण सन्न रह गए। बॉयलर में इंसानी हाथ जलता देखकर ग्रामीणों को यकीन हो गया कि किसी शख्स की हत्या करने के बाद शव के टुकड़े करके बॉयलर में डालकर जला दिया गया है।
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सूचना मिलने पर गांव फूलकां सरपंच राम प्रताप मौके पर पहुंचे। प्लांट का जनरेटर बंद कर दिया गया ताकि बॉयलर में सबकुछ राख होने से बचाया जा सके। पुलिस ने प्लांट के चौकीदार 60 वर्षीय गणपत सिंह से काफी देर तक पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने प्लांट को सील कर दिया। दोपहर बाद फोरेंसिक डॉक्टर जोगेंद्र प्लांट में पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
बायो वेस्ट प्लांट के चौकीदार गणपत ने बताया कि मंगलवार रात को आठ से नौ बजे के बीच दो गाड़ियां प्लांट में आई थीं, जिनमें चार लोग थे। गाड़ी में क्या लेकर आया गया इस बारे में नहीं पता। सुबह वह अपने घर चला गया और पीछे से बॉयलर आपरेटर बिहार निवासी युवक चंद्रभान ने मशीन चलाई।
गांव फूलकां के सरपंच राम प्रताप ने बताया कि प्लांट के फर्श पर काफी खून पड़ा देखा और वह बिलकुल ताजा था। यहां पर कुछ न कुछ तो बड़ी घटना घटी है। पुलिस जांच करके बताएगी कि बॉयलर में किसकी लाश जलाई गई है।
प्लांट के पास ढाणी में रहने वाले किसान नरेश कुमार ने बताया कि वह सुबह खेत में काम कर रहा था। प्लांट से तेज बदबू आनी शुरू हो गई। वह प्लांट में गया तो वहां काम करने वाला युवक उन्हें देखकर दीवार फांदकर भाग गया। बॉयलर में इंसानी हाथ अंदर जलते हुए दिखा।
गांव फूलकां की समाज सेविका पुष्पा रानी ने मौके पर पहुंचकर कहा कि किसको मारकर टुकड़े करके जला दिया गया, यह तो पुलिस को पता करना है लेकिन गांव वाले इस फैक्ट्री को बंद करवाकर ही दम लेंगे।
प्लांट के अंदर कुछ छह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस को लगा कि जो भी यहां हुआ वह खुफिया कैमरे में रिकार्ड हो गया होगा। पुलिस खुफिया कैमरे की फुटेज निकालने के लिए उसका सर्वर तलाशने लगी। प्लांट के पीछे सर्वर घास में खुली हालत में पड़ा था और कुछ ही दूरी पर उसमें बिजली सप्लाई भेजने वाला यंत्र गिरा पड़ा था। इससे यह साबित हो गया कि जो भी घटना यहां घटी वो खुफिया कैमरों में कैद नहीं होने पाई।
डिंग थाना प्रभारी जंगीर सिंह ने बताया कि सुबह पुलिस कंट्रोल रूम में फोन आया कि बॉयो वेस्ट प्लांट में लाश जल रही है और चारों तरफ खून बिखरा हुआ है। बॉयलर अभी भी काफी गर्म है और उसके ठंडा होने के बाद पता चलेगा कि उसमें क्या जलाया गया है। सारी स्थिति देखकर तो यही लग रहा है कि मामला संदिग्ध है। पुलिस जांच में जुट गई है। प्लांट के मालिक से पूछताछ के लिए एक टीम भेजी गई है। फोरेंसिक डॉक्टर की रिपोर्ट व पूरी जांच के बाद ही जो बात सामने आएगी। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
बॉयो मेडिकल वेस्ट प्लांट के मालिक विकास ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व उन्हें बदनाम करके प्लांट को बंद करवाना चाहते हैं। प्लांट में कुछ गलत नहीं हुआ। प्लांट में सिरसा, फतेहाबाद, रानियां, डबवाली और ऐलनाबाद के सरकारी व निजी अस्पताल का सारा बायो वेस्ट आता है।
इसे 850 डिग्री तापमान पर जलाकर नष्ट किया जाता है। प्लांट में दो कर्मचारी काम करते हैं एक है चौकीदार व दूसरा आपरेटर। कभी-कभी दूषित रक्त की थैलियां भी प्लांट में आती हैं। हो सकता है एक थैली फट गई हो जिससे सारा खून फैल गया हो। विकास कुमार ने बताया कि वह पुलिस की जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं। विकास ने आपरेटर के बारे में कुछ नहीं बताया और कहा कि इसके पीछे सुरक्षा मुख्य कारण हैं।