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Sirsa News: बेतरतीब बन रहीं इमारतें, एक साल में 170 को नोटिस, कार्रवाई किसी पर नहीं

Thu, 13 Jun 2024 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 13 Jun 2024 11:24 PM IST
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Buildings are being constructed haphazardly, notices issued to 170 in one year, no action taken against anyone
गीता भवन वाली गली में बन रही बहुमंजिला इमारत।
सिरसा। शहर में इन दिनों बहुमंजिला भवन धड़ल्ले से बन रहे हैं। खासकर बाजारों में बनने वाली बहुमंजिला इमारतों के कारण सड़कें संकरी हो गई है। ऐसे में जाम की स्थिति पैदा होने लगी है। इसका मुख्य कारण है बिना सही प्लानिंग के भवनों का बनाया जाना। आलम यह है कि शहर में बनने वाले 90 प्रतिशत से ज्यादा भवन नक्शे के विपरीत बनाए जा रहे हैं। 170 भवनों को नोटिस देने के बाद भी एक साल में किसी भी अवैध निर्माण को लेकर सीलिंग की कार्रवाई नहीं की गई है।
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बता दें कि इन भवनों को सील करने के लिए फाइलें भी चलाई गई है। जो आलाधिकारियों की टेबलों पर धूल फांक रही है। वहीं आलाधिकारियों की मानें तो लोकसभा चुनावों के चलते वे ड्यूटी में व्यस्त थे। ऐसे में इन भवनों पर कार्रवाई अमल में नहीं ला जा सकी। बिना नियमों के बने अब इन भवनों को सील करने की कार्रवाई को शुरू किया जाएगा। अगले एक सप्ताह में इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो जाएगी। संवाद
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कार्रवाई शुरू की तो लगे भ्रष्टाचार के आरोप
बता दें कि नगर परिषद के जेई रोहित हुड्डा ने अवैध भवन निर्माण को लेकर 100 से ज्यादा नोटिस मालिकों को दिए थे। शहर के बाजारों में बन रहे इन अवैध निर्माण को नोटिस देने पर जेई पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे और उनका तबादला डबवाली कर दिया गया। जेई के तबादले के बाद अब तक 20 नोटिस ही भवन मालिकों को दिए गए हैं। बड़े सतर पर अवैध निर्माण करने वाले आठ भवनों मालिकों की इमारतों की सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिसकी फाइनल नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह खनगवाल की टेबल पर पहुंच चुकी है।
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लोगों की शिकायतों पर भी नहीं होती है सुनवाई
बाजारों में अवैध निर्माण को लेकर व्यापारी कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके है। जेई मौका निरीक्षण कर आगामी आदेशों के लिए उच्चाधिकारियों को भेज देते है। लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं होती है। इस कारण हिसारिया बाजार, गीता भवन वाली गली, सांगवान चौक एरिया, सागवान चौक से सरकुलर रोड, नगर परिषद भवन के पास, हिसार रोड, बरनाला रोड आदि पर बड़े स्तर पर अवैध निर्माण चल रहा है। इतना ही नहीं, लोगों ने अब रेलवे लाइनों के साथ लगती कब्जे की जगहों पर भी बहुमंजिला भवन बनाने शुरू कर दिए हैं।
जाम लगने का यह है कारण

बहुमंजिला इमारतों के नक्शों में पार्किंग पास की जाती है। भवन निर्माण के दौरान सेमी बेसमेंट पार्किंग दिखाई जाती है। लेकिन जब निर्माण शुरू होता है तो बेसमेंट खोद दी जाती है। बाद में अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर बेसमेंट से लेकर तीन मंजिला भवन खड़ा कर दिया जाता है। पार्किंग जगह बेसमेंट ले लेती है और सड़कों पर भवनों के आने वाले ग्राहकों के वाहन खड़े नजर आते हैं। तीन मंजिला भवन में खुलने वाली दुकानों के कारण रोड जाम होना शुरू हो जाता है। ऐसे में 14 फीट की सड़क घटकर सात से आठ फीट की रह जाती है। यदि अधिकारियों ने नक्शे के अनुरूप भवनों का निर्माण करवाया होता तो पार्किंग की समस्या पैदा नहीं होती और सड़कें छोटी नहीं होती।
यह है नियम

भवन शाखा के नियमानुसार जिन भवनों के पास 200 मीटर दायरे के आसपास नियमित सरकारी व निजी पार्किंग नहीं है। उन भवनों को अपनी पार्किंग बनानी होगी। बहुमंजिला इमारत बनाने के लिए उन्हें सेमी बेसमेंट पार्किंग पास करवानी होगी। ताकि उस बिल्डिंग में आने वाले ग्राहकों और कर्मचारियों के वाहनों को सड़कों पर खड़ा न करना पड़े।


लोकसभा चुनावों की आचार संहिता हटने के बाद अब अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जाएगी। कई भवनों को नोटिस जारी किए गए है। एक सप्ताह में कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
-अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
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