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Sirsa News: किसान मेले में बुध सिंह गिल को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
Tue, 24 Mar 2026 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 24 Mar 2026 11:39 PM IST
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मुख्यमंत्री से सम्मानित होते सरदार बुध सिंह गिल।
- दो बार राष्ट्रीय स्तर पर और दो बार प्रदेश स्तर पर मिला सम्मान
- नए बीज का ट्रायल, नई कृषि तकनीक, डेयरी फार्मिंग व आर्गेनिक खेती है मुख्य कार्य।
फोटो-- 17
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। जिले के गांव संत नगर से प्रगतिशील किसान सरदार बुध सिंह गिल को चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार में आयोजित दो दिवसीय किसान मेले में सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सम्मानित किया। बुध सिंह गिल को यह सम्मान गेहूं और चावल के नई किस्म के बीजों का ट्रायल करने और नई तकनीक के से खेती करने पर दिया गया है।
सम्मान समारोह के इस मौके पर मुख्य अतिथि नायब सिंह सैनी, विशिष्ट अतिथि प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, चौधरी चरण सिंह एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. बीआर कंबोज, फार्म डायरेक्टर डॉ. ओपी बिश्नोई, कौल यूनिवर्सिटी से डॉ. राकेश खरब, केवीके हेड डॉ. डीएस जाखड़ उपस्थित रहे। इससे पहले भी सरदार बुध सिंह गिल दिल्ली में आयोजित मिलिनियर फार्मर ऑफ इंडिया अवाॅर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।
बुध सिंह के सम्मान से किसानों में जगी उम्मीद
सरदार बुध सिंह गिल देश के प्रगतिशील किसानों की श्रेणी में चयन होने, कृषि व पशुपालन क्षेत्र में प्रदेश व राष्ट्र स्तर पर विशेष रूप से सम्मानित होने पर क्षेत्र व प्रदेश के किसानों के लिए रोल मॉडल बन गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह व कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा से सम्मानित होने के उपरांत क्षेत्र के किसान उनसे कृषि क्षेत्र में नवाचार, उन्नत व आर्गेनिक खेती तथा डेयरी कार्य में सुधार की तकनीक सीखने के लिए उत्साहित है। किसानों का कहना है कि उनके सम्मान से उन्हें खेती कार्यों में अच्छी पैदावार व कम खर्च में अच्छी बचत की उम्मीद जगी है।
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पिता को बताया मार्गदर्शक
इस उपलब्धि पर भावुक होते हुए सरदार बुध सिंह गिल ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे उनके पिता सरदार ज्ञान सिंह गिल (कक्कड़) का सबसे बड़ा हाथ है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने पिता को दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिता खेती कार्य करते थे। उनके साथ रहते हुए उन्हें भी खेती का शौक हुआ। उनके पिता ने उन्हें कृषि कार्यों में नवाचार करने तथा कम खर्च में सबसे अलग तरीके की खेती करने की राह दिखाई। आज वह उनके मार्गदर्शन में उन्नत खेती व नवाचार की राह पर चलते हुए इस मुकाम तक पहुंचाया।
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- नए बीज का ट्रायल, नई कृषि तकनीक, डेयरी फार्मिंग व आर्गेनिक खेती है मुख्य कार्य।
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। जिले के गांव संत नगर से प्रगतिशील किसान सरदार बुध सिंह गिल को चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार में आयोजित दो दिवसीय किसान मेले में सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सम्मानित किया। बुध सिंह गिल को यह सम्मान गेहूं और चावल के नई किस्म के बीजों का ट्रायल करने और नई तकनीक के से खेती करने पर दिया गया है।
सम्मान समारोह के इस मौके पर मुख्य अतिथि नायब सिंह सैनी, विशिष्ट अतिथि प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, चौधरी चरण सिंह एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. बीआर कंबोज, फार्म डायरेक्टर डॉ. ओपी बिश्नोई, कौल यूनिवर्सिटी से डॉ. राकेश खरब, केवीके हेड डॉ. डीएस जाखड़ उपस्थित रहे। इससे पहले भी सरदार बुध सिंह गिल दिल्ली में आयोजित मिलिनियर फार्मर ऑफ इंडिया अवाॅर्ड से सम्मानित हो चुके हैं।
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बुध सिंह के सम्मान से किसानों में जगी उम्मीद
सरदार बुध सिंह गिल देश के प्रगतिशील किसानों की श्रेणी में चयन होने, कृषि व पशुपालन क्षेत्र में प्रदेश व राष्ट्र स्तर पर विशेष रूप से सम्मानित होने पर क्षेत्र व प्रदेश के किसानों के लिए रोल मॉडल बन गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह व कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा से सम्मानित होने के उपरांत क्षेत्र के किसान उनसे कृषि क्षेत्र में नवाचार, उन्नत व आर्गेनिक खेती तथा डेयरी कार्य में सुधार की तकनीक सीखने के लिए उत्साहित है। किसानों का कहना है कि उनके सम्मान से उन्हें खेती कार्यों में अच्छी पैदावार व कम खर्च में अच्छी बचत की उम्मीद जगी है।
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पिता को बताया मार्गदर्शक
इस उपलब्धि पर भावुक होते हुए सरदार बुध सिंह गिल ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे उनके पिता सरदार ज्ञान सिंह गिल (कक्कड़) का सबसे बड़ा हाथ है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने पिता को दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिता खेती कार्य करते थे। उनके साथ रहते हुए उन्हें भी खेती का शौक हुआ। उनके पिता ने उन्हें कृषि कार्यों में नवाचार करने तथा कम खर्च में सबसे अलग तरीके की खेती करने की राह दिखाई। आज वह उनके मार्गदर्शन में उन्नत खेती व नवाचार की राह पर चलते हुए इस मुकाम तक पहुंचाया।