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Sirsa News: धुएं की चादर तले घुटती सांसें, दावा-हवा ‘साफ’

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Nov 2025 12:25 AM IST
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Breathing is choked under a blanket of smoke, claims the air is 'clean'
सिरसा। डबवाली रोड पर मास्क लगाकर ट्रैफिक व्यवस्था कंट्रोल करते पुलिस कर्मी। संवाद
सिरसा। सिरसा में स्मॉग का असर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। सुबह और देर शाम के समय ग्रामीण और शहरी इलाकों में धुएं की सफेद चादर छाई रहती है। हालांकि, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सरकारी वेबसाइट पर दर्ज आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार शहर की वायु गुणवत्ता सामान्य श्रेणी में बताई जा रही है, जबकि जमीनी हालात इससे बिल्कुल अलग हैं। शाम होते-होते साइट पर डाटा अपडेट होना भी बंद हो गया। पराली जलाने का एक मामला ऐलनाबाद क्षेत्र से सामने आया है।
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वास्तविकता यह है कि धुएं के चलते लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्गों और छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। दोपहर 12 से 4 बजे तक धूप निकलने और तापमान बढ़ने से थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन शाम 5 बजे के बाद वातावरण में धुंध की परत फिर से घनी हो जाती है।
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सेटेलाइट और विभाग की निगरानी पर उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार, पराली जलाने की कई घटनाएं अब भी सामने आ रही हैं, लेकिन सैटेलाइट लोकेशन सभी आगजनी के मामलों को दर्ज नहीं कर पा रही। कृषि और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी भी दिवाली के बाद ढिलाई बरतते हुए नजर आ रहे हैं। कई स्थानों पर पराली के गांठ बनाए अवशेषों को जलाया जा रहा है, लेकिन शिकायत मिलने के बावजूद उन इलाकों में गश्त नहीं की जा रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि मैदानी स्तर पर तैनात अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह नहीं निभा रहे, जिसके कारण स्मॉग की स्थिति बिगड़ती जा रही है।
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जमीनी हालात से मेल नहीं खाते आंकड़े

प्रदूषण विभाग के आंकड़े वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खा रहे। दोपहर बाद करीब 3 बजे शहर का एक्यूआई 200 के पार पहुंच गया, जो “खराब श्रेणी” में आता है। इसके बाद शाम तक प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता गया। सरकारी साइट पर एफ ब्लॉक से मिलने वाले रियल-टाइम डेटा और जमीनी स्थिति में अंतर स्पष्ट रूप से नजर आया। एक ही सेंटर से दो तरह के आंकड़े सामने आना चिंताजनक है।


वायु गुणवत्ता सूचकांक का ब्योरा


समय एक्यूआई

सुबह 5 बजे
296

सुबह 7 बजे
359

सुबह 9 बजे
289

सुबह 11 बजे
243

दोपहर 1 बजे
206

दोपहर 3 बजे
184

शाम 5 बजे
227

शाम 7 बजे
264




------------पराली जलाने का एक मामला ऐलनाबाद क्षेत्र से सामने आया है। लोकेशन की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। तापमान में गिरावट के कारण कई बार वातावरण में धुएं की परत (स्मॉग) बन जाती है। - डॉ. सुखदेव कंबोज, उप निदेशक, कृषि विभाग।
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