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Sirsa News: बुर्ज भंगू में शुरू हुआ बिश्नोई समाज संस्कार शिविर
Mon, 03 Jun 2024 03:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 03 Jun 2024 03:24 AM IST
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सिरसा। बिश्नोई समाज संस्कार शिविर रविवार को राजकीय उच्च विद्यालय बुर्ज भंगू में आरंभ हुआ। शिविर के सुबह के सत्र में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की प्रोफेसर डॉ. रजनी रानी ने अपने विचार रखे। इसी सत्र के दूसरे वक्ता वक्त के रूप में राजकीय नेशनल महाविद्यालय सिरसा के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. सत्यपाल ने अपने विचार रखे।
शिविर में बिश्नोई संस्कृति तथा जीवनशैली के बारे में ज्ञान देने के अतिरिक्त बच्चों को नशे से दूर रहने, नारी सम्मान करने, अहिंसा का जीवन जीने, जीवों पर दया करने, तथा पर्यावरण का रखरखाव करने जैसे कामों के लिए बच्चों को प्रेरित किया जाता है। जीवों पर दया करना तथा अहिंसा से परिपूर्ण जीवन व्यतीत करना बिश्नोई संस्कृति का अभिन्न अंग है।
ज्ञात रहे कि बिश्नोई समाज ने भूतकाल में पेड़ों को बचाने के लिए अनेकों कुर्बानियां दी हैं। जहां डॉ. रजनी ने गुरु जंभेश्वर के द्वारा दर्शाए गए आदर्श पथ पर चलने के लिए बच्चों को प्रेरित किया। वहीं डॉ. सत्यपाल ने युवाओं को नशे से बचने की बारीकियों पर जोर दिया तथा नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला तथा बिश्नोई संस्कृति में प्रयोग किए जाने वाले खानपान में अच्छी सेहत को कायम रखने के तौर तरीकों पर जोर दिया। इस मौके पर बिश्नोई समाज की तरफ से डॉ. मनीराम सहारण ने वक्ताओं की सराहना की तथा सम्मानित भी किया। इस मौके पर बिश्नोई समाज के एडवोकेट हवा सिंह, अध्यापक सरिता बिश्नोई, सुनीता बिश्नोई सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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शिविर में बिश्नोई संस्कृति तथा जीवनशैली के बारे में ज्ञान देने के अतिरिक्त बच्चों को नशे से दूर रहने, नारी सम्मान करने, अहिंसा का जीवन जीने, जीवों पर दया करने, तथा पर्यावरण का रखरखाव करने जैसे कामों के लिए बच्चों को प्रेरित किया जाता है। जीवों पर दया करना तथा अहिंसा से परिपूर्ण जीवन व्यतीत करना बिश्नोई संस्कृति का अभिन्न अंग है।
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ज्ञात रहे कि बिश्नोई समाज ने भूतकाल में पेड़ों को बचाने के लिए अनेकों कुर्बानियां दी हैं। जहां डॉ. रजनी ने गुरु जंभेश्वर के द्वारा दर्शाए गए आदर्श पथ पर चलने के लिए बच्चों को प्रेरित किया। वहीं डॉ. सत्यपाल ने युवाओं को नशे से बचने की बारीकियों पर जोर दिया तथा नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला तथा बिश्नोई संस्कृति में प्रयोग किए जाने वाले खानपान में अच्छी सेहत को कायम रखने के तौर तरीकों पर जोर दिया। इस मौके पर बिश्नोई समाज की तरफ से डॉ. मनीराम सहारण ने वक्ताओं की सराहना की तथा सम्मानित भी किया। इस मौके पर बिश्नोई समाज के एडवोकेट हवा सिंह, अध्यापक सरिता बिश्नोई, सुनीता बिश्नोई सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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