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टला बड़ा खतरा, 34 से 29 हजार क्यूसेक हुआ घग्गर का जलस्तर
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ओटू हैड में जमा घग्गर का पानी
- फोटो : Sirsa
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सिरसा। घग्गर नदी का जलस्तर अब तेजी से घटना शुरू हो चुका है। 24 घंटे में ही घग्गर का जलस्तर पांच हजार क्यूसेक तक कम हुआ है। घग्गर का जलस्तर अब सोमवार शाम सात बजे तक 29 हजार क्यूसेक तक रहा। अभी इसके और भी कम होने की संभावना है। जिससे बाद घग्गर के आसपास बसे गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
बता दें कि रविवार को दोपहर तक घग्गर का जलस्तर 34 हजार क्यूसेक था। जलस्तर बढ़ने के कारण तीन जगह से छोटे बांध भी टूट गए थे। जिसके कारण किसानों की कुछ फसल को भी नुकसान हुआ है। बारिश कम होने के साथ ही अब पंजाब क्षेत्र और पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्तर कम होना शुरू हो चुका है। घग्गर नदी में अब 29 हजार क्यूसेक पानी सिरसा में प्रवेश कर रहा है जिसमें से पांच हजार क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ा जा रहा है। घग्गर में जलस्तर कम होने के बाद अब ओटू का जलस्तर भी घटना शुरू हो चुुका है। वहीं विभाग की ओर से भी लगातार तटबंधों का निरीक्षण किया जा रहा है।
ग्रामीणों का जारी है ठीकरी पहरा
घग्गर का जलस्तर बढ़ने के बाद से गांव वासियों द्वारा घग्गर के तटबंधों पर ठीकरी पहरा दिया जा रहा है। रात के समय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आपस में ड्यूटी लगा रखी है और एरिया अनुसार तटबंधों का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से गांवों के पुलों पर लाइट की व्यवस्था भी की गई है। घग्गर में जलस्तर में आई कमी के साथ ही ग्रामीणों ने भी अब राहत की सांस ली है।
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ठीकरी पहरा निरंतर जारी रखने के उपायुक्त ने दिए निर्देश
जिलाधीश अनीश यादव ने घग्गर नदी में बढ़ते पानी के मद्देनजर साथ लगते गांवों में ठीकरी पहरा निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए हैं। जिले के सभी नंबरदारों को निर्देश दिए है कि वे अपने-अपने गांवों में युवाओं की ड्यूटियां लगाए। ये नौजवान घग्गर नदी में बढ़ रहे जलस्तर व बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए रात्रि के समय ठीकरी पहरा देंगे। इस कार्य को करवाने की जिम्मेवारी संबंधित तहसीलदार, थानाध्यक्ष तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी / ग्राम पंचायत की होगी।
घग्गर का जलस्तर अब 34 हजार से 29 हजार क्यूसेक तक पर आ गया है। अब खतरे की कोई बात नहीं है। तटबंधों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। सरदूलगढ़ में भी पानी कम हो रहा है। रात तक जलस्तर और कम होगा।
-धर्मपाल, मुआल, कार्यकारी अभियंता, घग्गर ब्रांच, सिरसा
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बता दें कि रविवार को दोपहर तक घग्गर का जलस्तर 34 हजार क्यूसेक था। जलस्तर बढ़ने के कारण तीन जगह से छोटे बांध भी टूट गए थे। जिसके कारण किसानों की कुछ फसल को भी नुकसान हुआ है। बारिश कम होने के साथ ही अब पंजाब क्षेत्र और पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्तर कम होना शुरू हो चुका है। घग्गर नदी में अब 29 हजार क्यूसेक पानी सिरसा में प्रवेश कर रहा है जिसमें से पांच हजार क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ा जा रहा है। घग्गर में जलस्तर कम होने के बाद अब ओटू का जलस्तर भी घटना शुरू हो चुुका है। वहीं विभाग की ओर से भी लगातार तटबंधों का निरीक्षण किया जा रहा है।
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ग्रामीणों का जारी है ठीकरी पहरा
घग्गर का जलस्तर बढ़ने के बाद से गांव वासियों द्वारा घग्गर के तटबंधों पर ठीकरी पहरा दिया जा रहा है। रात के समय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आपस में ड्यूटी लगा रखी है और एरिया अनुसार तटबंधों का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से गांवों के पुलों पर लाइट की व्यवस्था भी की गई है। घग्गर में जलस्तर में आई कमी के साथ ही ग्रामीणों ने भी अब राहत की सांस ली है।
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ठीकरी पहरा निरंतर जारी रखने के उपायुक्त ने दिए निर्देश
जिलाधीश अनीश यादव ने घग्गर नदी में बढ़ते पानी के मद्देनजर साथ लगते गांवों में ठीकरी पहरा निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए हैं। जिले के सभी नंबरदारों को निर्देश दिए है कि वे अपने-अपने गांवों में युवाओं की ड्यूटियां लगाए। ये नौजवान घग्गर नदी में बढ़ रहे जलस्तर व बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए रात्रि के समय ठीकरी पहरा देंगे। इस कार्य को करवाने की जिम्मेवारी संबंधित तहसीलदार, थानाध्यक्ष तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी / ग्राम पंचायत की होगी।
घग्गर का जलस्तर अब 34 हजार से 29 हजार क्यूसेक तक पर आ गया है। अब खतरे की कोई बात नहीं है। तटबंधों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। सरदूलगढ़ में भी पानी कम हो रहा है। रात तक जलस्तर और कम होगा।
-धर्मपाल, मुआल, कार्यकारी अभियंता, घग्गर ब्रांच, सिरसा