{"_id":"6591ad8ff5308d825e0f457b","slug":"badagudha-chc-rambharose-injured-did-not-get-treatment-sirsa-news-c-128-1-sir1002-12758-2023-12-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: बडागुढ़ा सीएचसी रामभरोसे, घायलों को नहीं मिला उपचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: बडागुढ़ा सीएचसी रामभरोसे, घायलों को नहीं मिला उपचार
Sun, 31 Dec 2023 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 31 Dec 2023 11:36 PM IST
विज्ञापन
बडागुढ़ा। सरकारी अस्पतालों में बेहतर एवं 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाओं का दम भरा जाता है, लेकिन हकीकत में स्थिति इसके उलट मिलती है। ऐसा ही तब देखने को मिला जब शनिवार देर रात सड़क दुर्घटना में घायल हुए दो लोगों को सीएचसी में लाया गया। वहां पर ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने जवाब दिया कि यहां पर फिलहाल डॉक्टर नहीं है, ऐसे में आप इनको सिरसा ले जाओ।
बता दें कि शनिवार देर रात गांव दौलतपुरखेड़ा से लक्कड़ांवाली के बीच 2 मोटरसाइकिलों की भिड़ंत हो गई। जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी दौरान पंजाब स्थित रिफाइनरी में कार्य करने वाले बड़ागुढ़ा निवासी मनप्रीत, गुरलाभ और मनदीप गाड़ी में सवार होकर ड्यूटी से घर लौट रहे थे। उन्होंने हादसा देख डायल 112 सेवा पर संपर्क किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। इस पर तीनों ने किसी तरह दोनों घायलों को अपनी गाड़ी में डाला और बडागुढ़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले आए। जहां ड्यूटी पर मौजूद 2 स्टाफ सदस्यों ने जवाब दिया कि यहां पर कोई डॉक्टर नहीं है। ऐसे में आप इन्हें सिरसा ले जाओ। जिसके बाद एंबुलेंस से दोनों घायलों को सिरसा ले जाया गया। घायलों में एक व्यक्ति गांव लक्कड़ांवाली व एक गांव दौलतपुरखेड़ा का बताया जा रहा है। गौरतलब हो कि बीते मई में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बडागुढ़ा सीएचसी की नई इमारत का उद्घाटन किया था। करीब साढ़े 6 करोड़ रुपये की लागत से बना ये अस्पताल चिकित्सकों के अभाव में सफेद हाथी साबित हो रहा है।
रात को स्टाफ तो था, लेकिन चिकित्सक नहीं थे। अस्पताल में 5 चिकित्सक हैं जिनमें से 2 पीजी करने चले गए, जबकि 3 चिकित्सक 31 मार्च तक अवैतनिक अवकाश पर हैं। स्टाफ नहीं होने से समस्या तो है। हम खुद भी बहुत परेशान हैं।
विज्ञापन
- बशमिंदर सिंह, एसएमओ, सीएचसी बडागुढ़ा
विज्ञापन
बता दें कि शनिवार देर रात गांव दौलतपुरखेड़ा से लक्कड़ांवाली के बीच 2 मोटरसाइकिलों की भिड़ंत हो गई। जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी दौरान पंजाब स्थित रिफाइनरी में कार्य करने वाले बड़ागुढ़ा निवासी मनप्रीत, गुरलाभ और मनदीप गाड़ी में सवार होकर ड्यूटी से घर लौट रहे थे। उन्होंने हादसा देख डायल 112 सेवा पर संपर्क किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। इस पर तीनों ने किसी तरह दोनों घायलों को अपनी गाड़ी में डाला और बडागुढ़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले आए। जहां ड्यूटी पर मौजूद 2 स्टाफ सदस्यों ने जवाब दिया कि यहां पर कोई डॉक्टर नहीं है। ऐसे में आप इन्हें सिरसा ले जाओ। जिसके बाद एंबुलेंस से दोनों घायलों को सिरसा ले जाया गया। घायलों में एक व्यक्ति गांव लक्कड़ांवाली व एक गांव दौलतपुरखेड़ा का बताया जा रहा है। गौरतलब हो कि बीते मई में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बडागुढ़ा सीएचसी की नई इमारत का उद्घाटन किया था। करीब साढ़े 6 करोड़ रुपये की लागत से बना ये अस्पताल चिकित्सकों के अभाव में सफेद हाथी साबित हो रहा है।
विज्ञापन
रात को स्टाफ तो था, लेकिन चिकित्सक नहीं थे। अस्पताल में 5 चिकित्सक हैं जिनमें से 2 पीजी करने चले गए, जबकि 3 चिकित्सक 31 मार्च तक अवैतनिक अवकाश पर हैं। स्टाफ नहीं होने से समस्या तो है। हम खुद भी बहुत परेशान हैं।
विज्ञापन
- बशमिंदर सिंह, एसएमओ, सीएचसी बडागुढ़ा