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Sirsa News: निजी अस्पतालों में नहीं होगा आयुष्मान कार्डधारकों के 5 बीमारियों का उपचार
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नागरिक अस्पताल में ओपीडी में बैठे मरीज।
सिरसा। जिला में आयुष्मान कार्डधारक पांच बीमारियों का उपचार अब प्राइवेट अस्पतालों में नहीं करा पाएंगे। इन बीमारियों में मोतियाबिंद ऑपरेशन, बच्चेदानी का ऑपरेशन, पित्त का ऑपरेशन, अस्थमा व उल्टी-दस्त शामिल हैं। इन बीमारियों के उपचार के लिए लोगों को अब नागरिक अस्पताल में ही जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसको लेकर निर्देश जारी किए हैं।
प्राइवेट अस्पतालों में इन बीमारियों के इलाज को बंद करने के पीछे स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि इससे नागरिक अस्पतालों में उपचार को बढ़ावा मिलेगा। पिछले कुछ समय से देखने में आ रहा था कि उक्त बीमारियों का उपचार नागरिक अस्पताल की तुलना में प्राइवेट अस्पतालों में अधिक हो रहा था। इस कारण सरकार को एक बड़ी धनराशि प्राइवेट अस्पतालों को चुकानी पड़ रही थी।
बता दें कि जिला में 47 अस्पताल आयुष्मान के पैनल पर पंजीकृत हैं। एक मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए सरकार की ओर से प्राइवेट अस्पताल को 7500 रुपये का भुगतान किया जाता है। मरीज अपने स्तर पर ऑपरेशन कराना चाहे तो उसे 15 से 20 हजार रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इसके साथ ही लेंस लगवाने का खर्च अलग है। वहीं, लोगों का कहना है कि यह फैसला बुजुर्गों के हित में नहीं है। नागरिक अस्पताल में एक साथ इतने मरीज आने से बुजुर्गों को ऑपरेशन करवाने के लिए घंटों लाइनों में खड़ा होना पड़ेगा।
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ये है आयुष्मान योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के जन्मदिवस 14 अप्रैल 2018 को की गई थी। योजना के जरिए गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाता है।
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प्राइवेट अस्पतालों में इन बीमारियों के इलाज को बंद करने के पीछे स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि इससे नागरिक अस्पतालों में उपचार को बढ़ावा मिलेगा। पिछले कुछ समय से देखने में आ रहा था कि उक्त बीमारियों का उपचार नागरिक अस्पताल की तुलना में प्राइवेट अस्पतालों में अधिक हो रहा था। इस कारण सरकार को एक बड़ी धनराशि प्राइवेट अस्पतालों को चुकानी पड़ रही थी।
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बता दें कि जिला में 47 अस्पताल आयुष्मान के पैनल पर पंजीकृत हैं। एक मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए सरकार की ओर से प्राइवेट अस्पताल को 7500 रुपये का भुगतान किया जाता है। मरीज अपने स्तर पर ऑपरेशन कराना चाहे तो उसे 15 से 20 हजार रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इसके साथ ही लेंस लगवाने का खर्च अलग है। वहीं, लोगों का कहना है कि यह फैसला बुजुर्गों के हित में नहीं है। नागरिक अस्पताल में एक साथ इतने मरीज आने से बुजुर्गों को ऑपरेशन करवाने के लिए घंटों लाइनों में खड़ा होना पड़ेगा।
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ये है आयुष्मान योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के जन्मदिवस 14 अप्रैल 2018 को की गई थी। योजना के जरिए गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाता है।