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आश्वासनों के अंधेरे में डूबा शहर
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Thu, 09 Oct 2014 11:54 PM IST
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आश्वासनों के अंधेरे में शहर डूबा हुआ है। डबवाली रोड, हिसार रोड, बरनाला रोड और शाह सतनाम चौक से लेकर बेगू गांव तक चारों ओर सड़कों पर अंधेरा ही अंधेरा है।
इस वजह से रात को सड़क हादसों का अंदेशा बना रहता है। नगर परिषद के अधिकारी इस समस्या को दूर करने की बजाय अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
लावारिस पशु भी बने परेशानी
रात को हाईवे की लाइटें नहीं जलने से सड़क पर कुछ दिखाई नहीं देता। ऊपर से शहर में घूम रहे लावारिस पशु वाहन चालकों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।
आए दिन लोगों के वाहन इन पशुओं से भिड़ जाते हैं। रात के अंधेरे में पशु सड़क पर आकर बैठ जाते हैं, जिससे मुसीबत और अधिक बढ़ जाती है।
इन जगहों पर रहता है अंधेरा
बरनाला रोड की हाईवे की लाइटें सारा दिन बंद रहती हैं। नगर परिषद के कर्मचारी डीसी रेजीडेंस से लघु सचिवालय तक ही लाइटें जलाते हैं।
ऐसा लगता है प्रशासनिक अधिकारियों को हकीकत नहीं दिखाई जाती। ऐसे ही शहर में डबवाली रोड का जितना हिस्सा गुजरता है, अंधेरे में डूबा रहता है। इस ओर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
यहां तो खंभे ही नहीं लगे
हिसार रोड पर हालत तो और भी बुरी है। यहां बस अड्डे से लेकर महाराणा प्रताप चौक तक लाइटों के लिए खंभे ही नहीं लगे।
उसके बाद कुछ एक खंभे लगे हुए हैं फिर दिल्ली पुल तक यही स्थिति है। इस बारे में जब ईओ से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि नगर परिषद के अगले बजट में इसका सुधार करवाया जाएगा। मतलब छह महीने बाद ही इस रोड पर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।
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खुद जाकर करेंगे चेक : ईओ
इस बारे में नगर परिषद के ईओ ने बताया कि हाईवे की लाइटें बंद होने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जहां तक उन्होंने देखा है लाइटें जलती हैं अगर बाद में लाइटें बंद होती हैं तो वे खुद चेक करेंगे। रात आठ बजे तक तो उन्होंने लाइटें जलती देखी हैं।
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इस वजह से रात को सड़क हादसों का अंदेशा बना रहता है। नगर परिषद के अधिकारी इस समस्या को दूर करने की बजाय अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
लावारिस पशु भी बने परेशानी
रात को हाईवे की लाइटें नहीं जलने से सड़क पर कुछ दिखाई नहीं देता। ऊपर से शहर में घूम रहे लावारिस पशु वाहन चालकों के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।
आए दिन लोगों के वाहन इन पशुओं से भिड़ जाते हैं। रात के अंधेरे में पशु सड़क पर आकर बैठ जाते हैं, जिससे मुसीबत और अधिक बढ़ जाती है।
इन जगहों पर रहता है अंधेरा
बरनाला रोड की हाईवे की लाइटें सारा दिन बंद रहती हैं। नगर परिषद के कर्मचारी डीसी रेजीडेंस से लघु सचिवालय तक ही लाइटें जलाते हैं।
ऐसा लगता है प्रशासनिक अधिकारियों को हकीकत नहीं दिखाई जाती। ऐसे ही शहर में डबवाली रोड का जितना हिस्सा गुजरता है, अंधेरे में डूबा रहता है। इस ओर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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यहां तो खंभे ही नहीं लगे
हिसार रोड पर हालत तो और भी बुरी है। यहां बस अड्डे से लेकर महाराणा प्रताप चौक तक लाइटों के लिए खंभे ही नहीं लगे।
उसके बाद कुछ एक खंभे लगे हुए हैं फिर दिल्ली पुल तक यही स्थिति है। इस बारे में जब ईओ से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि नगर परिषद के अगले बजट में इसका सुधार करवाया जाएगा। मतलब छह महीने बाद ही इस रोड पर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।
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खुद जाकर करेंगे चेक : ईओ
इस बारे में नगर परिषद के ईओ ने बताया कि हाईवे की लाइटें बंद होने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जहां तक उन्होंने देखा है लाइटें जलती हैं अगर बाद में लाइटें बंद होती हैं तो वे खुद चेक करेंगे। रात आठ बजे तक तो उन्होंने लाइटें जलती देखी हैं।