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खाली नंदीशाला के संचालन के लिए बठिंडा की संस्था ने नप को सौंपा प्रस्ताव ़
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Another institution come to operate Nandi Shala
- फोटो : Sirsa
शहर में आवारा पशुओं को रखने के लिए बनाई गई केलनियां नंदीशाला के रख रखाव के लिए एक संस्था आगे आई है। संस्था के पदाधिकारियों ने बीते दिन बुधवार को नगर परिषद के ईओ अमन ढांडा के साथ मुलाकात की और केलनियां नंदीशाला का संचालन करने का अनुरोध पत्र सौंपा। नगर परिषद अब यह प्रस्ताव डीसी के पास भेजेगी, जिस पर अंतिम मुहर डीसी लगाएंगे। इससे पहले नप के पास एक फतेहाबाद की एक संस्था ने भी आवेदन किया था। लेकिन संस्था ने आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की थी, जिस पर नगर परिषद सिरसा ने असमर्थता जता दी थी।
शहर में एक हजार से ज्यादा हैं आवारा पशु
आवारा पशुओं के लिए पहले रामनगरिया में एक अस्थाई नंदीशाला बनाई गई। इसमें करीब 500 पशुओं को रखा गया है। लेकिन शहर में पशुओं की संख्या को देखकर व सीएम द्वारा सिरसा को कैटल फ्री की घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार ने अगस्त 2017 को चार करोड़ रुपये की लागत से केलनिया नंदीशाला का निर्माण कार्य शुरू करवाया और इसका निर्माण कार्य अक्टूबर 2019 को पूरा हो गया। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नगर परिषद ने 19 नवंबर 2019 तक संस्थाओं से नंदीशाला के रख रखाव के लिए 17 शर्तों के लिए आवेदन मांगे। लेकिन इस अवधि के दौरान किसी ने आवेदन नहीं किया। इसके बाद नवंबर में ही फतेहाबाद की एक संस्था ने आवेदन किया और 82 गोशालाओं के संचालन का दावा किया। लेकिन केलनियां नंदीशाला के रख रखाव के लिए संस्था ने आर्थिक सहायता की मांग की, जिस पर बात सिरे नहीं चढ़ पाई। क्योंकि नंदीशाला के रख रखाव की 17 शर्तों में केवल बिल व पानी की अदायगी ही नप द्वारा की जानी है।
बठिंडा की संस्था का यह है प्रस्ताव
बठिंडा की संस्था का दावा है कि वे पिछले 6 सालों से गिदडबाहा में बेसहारा, बेजुबान, लाचार, भूखे गोवंश की सेवा कर रहे हैं। साथ ही संस्था के पास अपनी जमीन नहीं है, इसलिए केलनियां नंदीशाला का संचालन करने के लिए हमारी टीम इच्छुक है। इसलिए नंदीशाला के रख रखाव की जिम्मेदारी दी जाए। नगर परिषद इस प्रस्ताव को एसडीएम के माध्यम से डीसी के पास भेजेगी और वहीं पर ही अंतिम फैसला होगा कि नंदीशाला के रख रखाव की जिम्मेदारी किसे दी जाए।
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डीसी ने भी आवारा पशुओं की समस्या का समाधान के दिए थे निर्देश
नवनियुक्त डीसी रमेश चंद्र ने अपना पदभार संभालने के बाद बीते बुधवार को शहर का दौरा किया। इस दौरान आवारा पशुओं को घूमते देखकर नगर परिषद ने मार्च तक इनका समाधान करने का आश्वासन दिया था। संभावनाएं जताई जा रही है कि सीएम के एक मार्च को सिरसा प्रवास के दौरान इसका उद्घाटन किया जा सकता है।
संस्था ने आवेदन किया है। प्रस्ताव उपायुक्त के समक्ष रखा जाएगा। ताकि जल्दी से जल्दी नंदीशाला के रख रखाव की जिम्मेदारी संस्था को देकर शहर को आवारा पशुओं से मुक्त किया जा सकें। - अमन ढांडा, ईओ नगर परिषद सिरसा।
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शहर में एक हजार से ज्यादा हैं आवारा पशु
आवारा पशुओं के लिए पहले रामनगरिया में एक अस्थाई नंदीशाला बनाई गई। इसमें करीब 500 पशुओं को रखा गया है। लेकिन शहर में पशुओं की संख्या को देखकर व सीएम द्वारा सिरसा को कैटल फ्री की घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार ने अगस्त 2017 को चार करोड़ रुपये की लागत से केलनिया नंदीशाला का निर्माण कार्य शुरू करवाया और इसका निर्माण कार्य अक्टूबर 2019 को पूरा हो गया। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नगर परिषद ने 19 नवंबर 2019 तक संस्थाओं से नंदीशाला के रख रखाव के लिए 17 शर्तों के लिए आवेदन मांगे। लेकिन इस अवधि के दौरान किसी ने आवेदन नहीं किया। इसके बाद नवंबर में ही फतेहाबाद की एक संस्था ने आवेदन किया और 82 गोशालाओं के संचालन का दावा किया। लेकिन केलनियां नंदीशाला के रख रखाव के लिए संस्था ने आर्थिक सहायता की मांग की, जिस पर बात सिरे नहीं चढ़ पाई। क्योंकि नंदीशाला के रख रखाव की 17 शर्तों में केवल बिल व पानी की अदायगी ही नप द्वारा की जानी है।
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बठिंडा की संस्था का यह है प्रस्ताव
बठिंडा की संस्था का दावा है कि वे पिछले 6 सालों से गिदडबाहा में बेसहारा, बेजुबान, लाचार, भूखे गोवंश की सेवा कर रहे हैं। साथ ही संस्था के पास अपनी जमीन नहीं है, इसलिए केलनियां नंदीशाला का संचालन करने के लिए हमारी टीम इच्छुक है। इसलिए नंदीशाला के रख रखाव की जिम्मेदारी दी जाए। नगर परिषद इस प्रस्ताव को एसडीएम के माध्यम से डीसी के पास भेजेगी और वहीं पर ही अंतिम फैसला होगा कि नंदीशाला के रख रखाव की जिम्मेदारी किसे दी जाए।
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डीसी ने भी आवारा पशुओं की समस्या का समाधान के दिए थे निर्देश
नवनियुक्त डीसी रमेश चंद्र ने अपना पदभार संभालने के बाद बीते बुधवार को शहर का दौरा किया। इस दौरान आवारा पशुओं को घूमते देखकर नगर परिषद ने मार्च तक इनका समाधान करने का आश्वासन दिया था। संभावनाएं जताई जा रही है कि सीएम के एक मार्च को सिरसा प्रवास के दौरान इसका उद्घाटन किया जा सकता है।
संस्था ने आवेदन किया है। प्रस्ताव उपायुक्त के समक्ष रखा जाएगा। ताकि जल्दी से जल्दी नंदीशाला के रख रखाव की जिम्मेदारी संस्था को देकर शहर को आवारा पशुओं से मुक्त किया जा सकें। - अमन ढांडा, ईओ नगर परिषद सिरसा।