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नशा मुक्ति केंद्र में सभी बेड फुल, पीड़ित बढ़े, भर्ती के लिए नहीं कोई वैकल्पिक व्यवस्था
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नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल मरीज ।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। नागरिक अस्पताल में बना 10 बेड का नशा मुक्ति केंद्र हर समय फुल रहता है। केंद्र में जांच करवाने के लिए हर रोज 200 मरीज पहुंचते हैं, इनमें से 80 फीसदी नशे से पीड़ित होते हैं, लेकिन मरीजों को भर्ती करने के लिए यहां पर कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। सीएम घोषणा में नशा मुक्ति केंद्र बनाने का एलान किया गया है, लेकिन अभी तक जगह का भी चयन नहीं हो पाया है।
पुलिस प्रशासन और मेडिकल अधिकारियों की ओर से नशे की रोकथाम के लिए अभियान को तेज किया गया है। मेडिकल अधिकारियों ने अब तक 15 मेडिकल स्टोर सील कर उनका लाइसेंस रद्द किया है। अभियान के बाद अब हर रोज केंद्र में 20 मरीजों की संख्या बढ़ी है, जोकि मेडिकल नशे से पीड़ित है। मरीज जांच करवाने के लिए केंद्र में पहुंच रहे हैं, लेकिन दाखिल करने की व्यवस्था का अभाव है। ऐसे में मरीजों की जांच कर उन्हें दवाई दे वापस भेज दिया जा रहा है। प्रशासन की ओर से अगर इसकी विकल्प तैयार किया जाए तो मरीजों को इसका लाभ मिल सकता है। नशे के मरीज जल्द ही स्वास्थ्य हो सकते हैं।
मरीजों के लिए 50 बेडों की है आवश्यकता
नागरिक अस्पताल में स्थित नशा मुक्ति केंद्र में अब दो मनोरोग विशेषज्ञ को तैनात किए गए हैं। ओपीडी में पहले रोजाना लगभग 180 मरीज जांच करवाने के लिए पहुंचते थे। लेकिन अब मरीजों की संख्या 200 तक पहुंच गई है। इनमें से 80 फीसदी मरीज नशे के आदी पाए जाते हैं। इनको दाखिल कर इलाज करने की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब तीन वर्ष पहले 50 बेड का केंद्र अलग से बनाने के लिए मांग की गई थी, जो अभी तक परवान नहीं चढ़ी है। ऐसे में अभी भी 10 बेडों के सहारे ही काम चलाया जा रहा है
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नए भवन के लिए 15 दिन पहले ही शुरू हुआ है जगह की तलाश का काम सीएम की ओर से घोषणा किए जाने के बाद अब 15 दिन पहले ही नशा मुक्ति केंद्र बनाने के लिए जगह की तलाशने का कार्य शुरू हो पाया है। वर्तमान समय में नशे के आदी मरीजों की स्थिति बेहद खराब है, लेकिन भवन तैयार करने अभी लंबा समय लगने की संभावना है। इसके कारण लंबे समय तक मरीजों को इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विभाग की ओर से अलग से भवन देने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी गई थी। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई भी विकल्प नहीं निकाला गया है ।
वर्जन
केंद्र में अब 200 मरीज जांच करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री की ओर से नशा मुक्ति केंद्र बनाने की घोषणा की गई है। भवन निर्माण के लिए प्रशासन की ओर से जगह की तलाश की जा रही है। बेडों की कमी होने के कारण कम मरीजों को दाखिल कर उन्हें इलाज दिया जा रहा है। - डॉ. पंकज शर्मा, मनोरोग विशेषज्ञ, नशा मुक्ति केंद्र सिरसा ।
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पुलिस प्रशासन और मेडिकल अधिकारियों की ओर से नशे की रोकथाम के लिए अभियान को तेज किया गया है। मेडिकल अधिकारियों ने अब तक 15 मेडिकल स्टोर सील कर उनका लाइसेंस रद्द किया है। अभियान के बाद अब हर रोज केंद्र में 20 मरीजों की संख्या बढ़ी है, जोकि मेडिकल नशे से पीड़ित है। मरीज जांच करवाने के लिए केंद्र में पहुंच रहे हैं, लेकिन दाखिल करने की व्यवस्था का अभाव है। ऐसे में मरीजों की जांच कर उन्हें दवाई दे वापस भेज दिया जा रहा है। प्रशासन की ओर से अगर इसकी विकल्प तैयार किया जाए तो मरीजों को इसका लाभ मिल सकता है। नशे के मरीज जल्द ही स्वास्थ्य हो सकते हैं।
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मरीजों के लिए 50 बेडों की है आवश्यकता
नागरिक अस्पताल में स्थित नशा मुक्ति केंद्र में अब दो मनोरोग विशेषज्ञ को तैनात किए गए हैं। ओपीडी में पहले रोजाना लगभग 180 मरीज जांच करवाने के लिए पहुंचते थे। लेकिन अब मरीजों की संख्या 200 तक पहुंच गई है। इनमें से 80 फीसदी मरीज नशे के आदी पाए जाते हैं। इनको दाखिल कर इलाज करने की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब तीन वर्ष पहले 50 बेड का केंद्र अलग से बनाने के लिए मांग की गई थी, जो अभी तक परवान नहीं चढ़ी है। ऐसे में अभी भी 10 बेडों के सहारे ही काम चलाया जा रहा है
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नए भवन के लिए 15 दिन पहले ही शुरू हुआ है जगह की तलाश का काम सीएम की ओर से घोषणा किए जाने के बाद अब 15 दिन पहले ही नशा मुक्ति केंद्र बनाने के लिए जगह की तलाशने का कार्य शुरू हो पाया है। वर्तमान समय में नशे के आदी मरीजों की स्थिति बेहद खराब है, लेकिन भवन तैयार करने अभी लंबा समय लगने की संभावना है। इसके कारण लंबे समय तक मरीजों को इस परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विभाग की ओर से अलग से भवन देने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी गई थी। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई भी विकल्प नहीं निकाला गया है ।
वर्जन
केंद्र में अब 200 मरीज जांच करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री की ओर से नशा मुक्ति केंद्र बनाने की घोषणा की गई है। भवन निर्माण के लिए प्रशासन की ओर से जगह की तलाश की जा रही है। बेडों की कमी होने के कारण कम मरीजों को दाखिल कर उन्हें इलाज दिया जा रहा है। - डॉ. पंकज शर्मा, मनोरोग विशेषज्ञ, नशा मुक्ति केंद्र सिरसा ।