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Sirsa News: 42 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद राज कैनाल के तलवाड़ा पुल के पास मिले दोनों किशोरों के शव
Sat, 06 Jun 2026 10:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 06 Jun 2026 10:27 PM IST
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रानियां। गांव बणी की राजस्थान सीमा के पास से गुजर रही इंदिरा गांधी नहर (राज कैनाल) में वीरवार सुबह नहाते समय डूबे मनीष (14) और मोहित (17) के शव शनिवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे तलवाड़ा पुल के पास से बरामद हो गए हैं। गोताखोरों और पुलिस ने करीब 42 घंटे तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाकर दोनों शवों को ढूंढ निकाला। हनुमानगढ़ जिले की सुरेवाला पुलिस चौकी ने राजकीय अस्पताल टिब्बी में शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। शनिवार दोपहर बाद साढ़े 3 बजे गमगीन माहौल में दोनों किशोरों का अंतिम संस्कार किया गया।
शनिवार सुबह जैसे ही नहर के तलवाड़ा पुल के नजदीक दोनों के शव मिलने की सूचना मिली परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची। मनीष का शव देखते ही मां और दादी का धैर्य टूट गया। वे रोते हुए कहती रहीं बेटा एक बार आंख खोल ले, एक बार उठ जा। इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते मनीष और मोहित पढ़ाई छोड़कर परिवार चलाने के लिए मजदूरी करने लगे थे।
गहरे पानी और तेज बहाव ने बच्चों को अंदर खींचा
वीरवार सुबह 11 बजे गांव बणी के मनीष, मोहित, अजय, सागर और अमन नहाने के लिए नहर पर गए थे। मनीष, मोहित और उनके एक अन्य दोस्त ने नहर में छलांग लगाई तो पानी के तेज बहाव और गहराई ने मनीष व मोहित को अंदर खींच लिया। सुरेवाला पुल के पास नहर की चौड़ाई करीब 220 फीट और गहराई लगभग 30 फीट है। करीब एक महीने पहले ही राज कैनाल की सफाई हुई थी जिसके चलते वर्तमान में पानी की गहराई 25 फीट से अधिक है और बहाव बेहद तेज चल रहा है। यही वजह रही कि दोनों किशोर तैरकर बाहर नहीं निकल सके।
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बुझ गए दो घरों के इकलौते चिराग
मनीष और मोहित अपने-अपने परिवारों के इकलौते बेटे थे। मनीष के पिता राजू का कुछ समय पहले देहांत हो चुका था। परिवार में अब उसकी बुजुर्ग दादी और विधवा मां है जबकि बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। मनीष ने सातवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और मां के साथ मजदूरी कर घर चला रहा था। वहीं मोहित दसवीं की पढ़ाई छोड़कर वेटर का काम करता था और अपने पिता रोहतास के साथ घर का एकमात्र कमाऊ सहारा था। दोनों किशोरों की असमय मौत से दोनों ही परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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शनिवार सुबह जैसे ही नहर के तलवाड़ा पुल के नजदीक दोनों के शव मिलने की सूचना मिली परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची। मनीष का शव देखते ही मां और दादी का धैर्य टूट गया। वे रोते हुए कहती रहीं बेटा एक बार आंख खोल ले, एक बार उठ जा। इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते मनीष और मोहित पढ़ाई छोड़कर परिवार चलाने के लिए मजदूरी करने लगे थे।
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गहरे पानी और तेज बहाव ने बच्चों को अंदर खींचा
वीरवार सुबह 11 बजे गांव बणी के मनीष, मोहित, अजय, सागर और अमन नहाने के लिए नहर पर गए थे। मनीष, मोहित और उनके एक अन्य दोस्त ने नहर में छलांग लगाई तो पानी के तेज बहाव और गहराई ने मनीष व मोहित को अंदर खींच लिया। सुरेवाला पुल के पास नहर की चौड़ाई करीब 220 फीट और गहराई लगभग 30 फीट है। करीब एक महीने पहले ही राज कैनाल की सफाई हुई थी जिसके चलते वर्तमान में पानी की गहराई 25 फीट से अधिक है और बहाव बेहद तेज चल रहा है। यही वजह रही कि दोनों किशोर तैरकर बाहर नहीं निकल सके।
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बुझ गए दो घरों के इकलौते चिराग
मनीष और मोहित अपने-अपने परिवारों के इकलौते बेटे थे। मनीष के पिता राजू का कुछ समय पहले देहांत हो चुका था। परिवार में अब उसकी बुजुर्ग दादी और विधवा मां है जबकि बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। मनीष ने सातवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और मां के साथ मजदूरी कर घर चला रहा था। वहीं मोहित दसवीं की पढ़ाई छोड़कर वेटर का काम करता था और अपने पिता रोहतास के साथ घर का एकमात्र कमाऊ सहारा था। दोनों किशोरों की असमय मौत से दोनों ही परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।