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Sirsa News: 23 दिनों बाद ऐलनाबाद में छह और चोपटा में हुईं केवल दो रजिस्ट्री, पहले 300 रजिस्टि्रयों के लिए कटते थे टोकन
Fri, 28 Jul 2023 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 28 Jul 2023 11:34 PM IST
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सिरसा। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर 24 दिनों से जिलेभर के 600 से अधिक लिपिक काम छोड़कर हड़ताल पर बैठे हैं। लिपिकों की हड़ताल शुरू होने के बाद शुक्रवार को पहले दिन सिरसा के ऐलनाबाद और चोपटा तहसील में कुल आठ रजिस्ट्री हुई। जबकि अन्य किसी भी तहसील में एक भी रजिस्ट्री तहसीलदार की ओर से नहीं की गई।
जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले जिले के सभी तहसीलों में करीब 300 रजिस्टि्रयों के लिए टोकन कटते थे। लिपिकों की हड़ताल के कारण जिले के सभी सरकारी कार्यालय में काम प्रभावित हो रहा है। रजिस्ट्री न होने के कारण सरकार का भी करोड़ों रुपये का राजस्व अटक गया है। वीरवार को एडीसी डॉ. विवेक भारती ने सभी तहसीलदारों के साथ बैठक कर उन्हें रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में शुक्रवार को ऐलनाबाद और चोपटा तहसील में रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू हो गई। ऐलनाबाद में दिनभर में छह रजिस्ट्री हुईं जबकि चोपटा में दो रजिस्ट्री हो पाई।
वहीं सिरसा, रानियां, कालांवाली, डबवाली में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई। जिसके चलते अब अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी तहसीलदारों को रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू करने के लिए सख्ती भी की है। ताकि लोगों की परेशानियों को हल किया जा सके। लिपिकों की हड़ताल के कारण रजिस्ट्री, ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, इनकम सेट्रिफिकेट, डोमिसाइल, परिवार पहचान पत्र सहित सरकारी अधिकारियों की आने वाले पोस्ट व मेल संबंधित हर प्रकार का कार्य प्रभावित चल रहा है। लोग कार्य करवाने के लिए पहुंचते है लेकिन लिपिकों की सीटें खाली होने के कारण उन्हें बिना कार्य करवाए ही वापस लौटना पड़ता है।
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पटवारियों व कानूनगो के पद भी लंबे समय से पड़े हैं खाली, नहीं हुआ काम
जिले में पटवारियों और कानूनगों की कमी होने के कारण भी तहसील कार्यालयों में रजिस्ट्री संबंधित काम नहीं हो पा रहा है। कर्मचारियों की कमी होने के कारण यहां पर स्थिति खराब हो रही है। तहसीलदारों की ओर से पहले दिन अपने स्तर पर रजिस्ट्री करने की प्रक्रिया शुरू की गई तो उन्हें भी कर्मचारियों की कमी व रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए कर्मचारी न होने के कारण परेशान होना पड़ा। इसके चलते ऐलनाबाद में दिनभर में छह और चोपटा तहसील कार्यालय में केवल दो रजिस्ट्री ही हो पाई। हालांकि जिन लोगों की रजिस्ट्री हुई हैं उन्होंने क्लर्कों की हड़ताल से पहले ही अपनी फाइल लगा रखी थी।
लघु सचिवालय के समक्ष चल रहा लिपिकों का धरना
35400 रुपये वेतन की मांग लेकर लिपिकों की बीते 24 दिनों से हड़ताल चल रही है। शुक्रवार को पांच कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे। जिला प्रधान गौरव बजाज ने कहा कि लिपिकीय वर्ग का पिछले कई दशकों से शोषण हुआ है। अब भी सरकार 21700 बेसिक वेतन देकर कर्मचारियों को टरकाना चाहती है, लेकिन इस बार लिपिकों के इरादे बुलंद हैं। सरकार चाहे कोई भी दुष्प्रचार कर ले, इस बार लिपिकों को नहीं फुसला सकती। जिला प्रधान ने कहा कि जवाहर यादव बार-बार बैठक बुलाकर कर्मचारियों को झूठे तथ्य पेश कर गुमराह कर रहे हैं।
अब तक इतना काम हुआ है प्रभावित
कार्य, संख्या
रजिस्ट्री, 5400
लाइसेंस, 4500
आरसी, 6300
इनकम सेट्रिफिकेट, 7200
प्रॉपर्टी आईडी फाइल, 2500
तहसीलदारों को रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। इनमें से दो स्थानों पर ही रजिस्ट्री शुरू हो पाई है। पटवारी और कानूनगो सहित अन्य कर्मचारियों की कमी होने के कारण सभी स्थानों पर काम शुरू नहीं हो पाया है। जल्द ही सभी तहसीलों में रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
डॉ. विवेक भारती, अतिरिक्त उपायुक्त, सिरसा।
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जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले जिले के सभी तहसीलों में करीब 300 रजिस्टि्रयों के लिए टोकन कटते थे। लिपिकों की हड़ताल के कारण जिले के सभी सरकारी कार्यालय में काम प्रभावित हो रहा है। रजिस्ट्री न होने के कारण सरकार का भी करोड़ों रुपये का राजस्व अटक गया है। वीरवार को एडीसी डॉ. विवेक भारती ने सभी तहसीलदारों के साथ बैठक कर उन्हें रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में शुक्रवार को ऐलनाबाद और चोपटा तहसील में रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू हो गई। ऐलनाबाद में दिनभर में छह रजिस्ट्री हुईं जबकि चोपटा में दो रजिस्ट्री हो पाई।
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वहीं सिरसा, रानियां, कालांवाली, डबवाली में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई। जिसके चलते अब अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी तहसीलदारों को रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू करने के लिए सख्ती भी की है। ताकि लोगों की परेशानियों को हल किया जा सके। लिपिकों की हड़ताल के कारण रजिस्ट्री, ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, इनकम सेट्रिफिकेट, डोमिसाइल, परिवार पहचान पत्र सहित सरकारी अधिकारियों की आने वाले पोस्ट व मेल संबंधित हर प्रकार का कार्य प्रभावित चल रहा है। लोग कार्य करवाने के लिए पहुंचते है लेकिन लिपिकों की सीटें खाली होने के कारण उन्हें बिना कार्य करवाए ही वापस लौटना पड़ता है।
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पटवारियों व कानूनगो के पद भी लंबे समय से पड़े हैं खाली, नहीं हुआ काम
जिले में पटवारियों और कानूनगों की कमी होने के कारण भी तहसील कार्यालयों में रजिस्ट्री संबंधित काम नहीं हो पा रहा है। कर्मचारियों की कमी होने के कारण यहां पर स्थिति खराब हो रही है। तहसीलदारों की ओर से पहले दिन अपने स्तर पर रजिस्ट्री करने की प्रक्रिया शुरू की गई तो उन्हें भी कर्मचारियों की कमी व रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए कर्मचारी न होने के कारण परेशान होना पड़ा। इसके चलते ऐलनाबाद में दिनभर में छह और चोपटा तहसील कार्यालय में केवल दो रजिस्ट्री ही हो पाई। हालांकि जिन लोगों की रजिस्ट्री हुई हैं उन्होंने क्लर्कों की हड़ताल से पहले ही अपनी फाइल लगा रखी थी।
लघु सचिवालय के समक्ष चल रहा लिपिकों का धरना
35400 रुपये वेतन की मांग लेकर लिपिकों की बीते 24 दिनों से हड़ताल चल रही है। शुक्रवार को पांच कर्मचारी भूख हड़ताल पर बैठे। जिला प्रधान गौरव बजाज ने कहा कि लिपिकीय वर्ग का पिछले कई दशकों से शोषण हुआ है। अब भी सरकार 21700 बेसिक वेतन देकर कर्मचारियों को टरकाना चाहती है, लेकिन इस बार लिपिकों के इरादे बुलंद हैं। सरकार चाहे कोई भी दुष्प्रचार कर ले, इस बार लिपिकों को नहीं फुसला सकती। जिला प्रधान ने कहा कि जवाहर यादव बार-बार बैठक बुलाकर कर्मचारियों को झूठे तथ्य पेश कर गुमराह कर रहे हैं।
अब तक इतना काम हुआ है प्रभावित
कार्य, संख्या
रजिस्ट्री, 5400
लाइसेंस, 4500
आरसी, 6300
इनकम सेट्रिफिकेट, 7200
प्रॉपर्टी आईडी फाइल, 2500
तहसीलदारों को रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। इनमें से दो स्थानों पर ही रजिस्ट्री शुरू हो पाई है। पटवारी और कानूनगो सहित अन्य कर्मचारियों की कमी होने के कारण सभी स्थानों पर काम शुरू नहीं हो पाया है। जल्द ही सभी तहसीलों में रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
डॉ. विवेक भारती, अतिरिक्त उपायुक्त, सिरसा।