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वकीलों की हड़ताल, 1100 केसों में बिना सुनवाई के देनी पड़ी अगली तारीख

Sat, 01 Apr 2017 12:41 AM IST
amarujala/Sirsa
amarujala/Sirsa Updated Sat, 01 Apr 2017 12:41 AM IST
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Advocates's Strik, 1100 Case got next hearing
हड़ताल पर वक‌िल
अधिवक्ता कानून में प्रस्तावित संशोधन के विरोध में सिरसा के वकील शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल में शामिल हुए। वकीलों की हड़ताल से अदालतों में न्यायिक कामकाज ठप हो गया। हड़ताल में शामिल हुए वकीलों ने प्रस्तावित संशोधन के अधिवक्ता विरोधी होने का दावा किया है।
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सुबह अदालतें तो खुलीं, लेेकिन एक भी वकील अदालतों में नहीं गया। सभी वकील या तो अपनी सीटों पर बैठे रहे या बार रूम में प्रस्तावित संशोधन को लेकर चर्चा करते रहे। जिन केसों की सुनवाई शुक्रवार को थी, उनसे जुड़े लोग पेशी पर पहुंचे। वकील न पेश होने के चलते सुनवाई नहीं हुई और अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख लगा दी। छेड़छाड़ सहित कई जघन्य अपराधों में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाना था, लेकिन हड़ताल के कारण फैसला आगे टालना पड़ा। सत्र न्यायालय में शुक्रवार को 400 केसों की सुनवाई होनी थी। इनमें सेशन जज बिमलेश तंवर, एडीजे प्रवीण कुमार, एडीजे जगभूषण गुप्ता, एडीजे केपी सिंह, एडीजे आरपी सिंह और एडीजे जरनैल सिंह की अदालत शामिल हैं। अन्य अदालतों में भी 500 केसों की सुनवाई होनी थी। उपभोक्ता न्यायालय, डबवाली अदालत, ऐलनाबाद और रानियां अदालत में भी 200 केसों की सुनवाई होनी थी। हड़ताल के कारण 1100 केसों में सुनवाई नहीं हो सकी और लोगों को न्याय की बजाय तारीख लेकर लौटना पड़ा। सीनियर एडवोकेट एवं बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राहुल शर्मा का कहना है देश के विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति बीएस चौहान द्वारा लाया गया अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक कठोर है। प्रस्तावित संशोधन के मुताबिक एक न्यायाधीश या एक न्यायिक अधिकारी यदि एक वकील को अनुशासनहीनता का दोषी पाता है तो वह उस वकील को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बगैर उसका लाइसेंस निरस्त कर सकता है। इसी तरह, पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिलों के लिए यह सिफारिश की गई है कि इनके आधे से अधिक सदस्यों को संबद्ध उच्च न्यायालयों द्वारा नामित किया जाएगा और इन सदस्यों में वे लोग शामिल होंगे, जो कानून के पेशे के अलावा अन्य पेशों में हैं। ये प्रस्तावित संशोधन पूरी तरह से वकीलों हित में नहीं है। सिरसा के वकीलों ने इसका डटकर विरोध किया है और आगे भी करेंगे।
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