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किशोरावस्था शिक्षा जीवन निर्माण की प्रक्रिया : सुदीप
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सिरसा। मेला ग्राउंड स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में किशोरावस्था शिक्षा कार्यक्रम (एईपी) के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का वीरवार को समापन हुआ। आखिरी दिन रानियां एवं डबवाली खंड के प्रत्येक आरोही, राजकीय उच्च विद्यालय एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों से दो अध्यापकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन समारोह में पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कंवरपुरा से प्राध्यापक सुदीप सानिवाल बतौर मुख्य वक्ता पहुंचे। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था शिक्षा केवल जानकारी नहीं, बल्कि जीवन-निर्माण की प्रक्रिया है। इसलिए इस कड़ी में शिक्षकों की भूमिका समाज में मूल्यनिष्ठ और संवेदनशील पीढ़ी तैयार करने में अहम बन जाती है।
प्रथम सत्र डाइट मनोविज्ञान प्रवक्ता बिंदु ने किशोरावस्था शिक्षा कार्यक्रम के लक्ष्य एवं उद्देश्यों के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की। दूसरे सत्र में प्रवक्ता नवीन सिंगला ने एचआईवी एड्स, मादक द्रव्यों एवं किशोरों से संबंधित समस्याओं से संबंधित विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए इनसे निपटने के तौर तरीके बताए।
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डाइट प्लानिंग एंड मैनेजमेंट विंग से डा. राकेश मोहन ने एईपी को विद्यालय स्तर पर लागू करने के तौर तरीके बताए। मास्टर ट्रेनर वरुण बजाज ने किशोरों के विकास में माता-पिता और अध्यापकों की भूमिका विषय पर प्रभावी ढंग से अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों के लिए प्री टेस्ट एवं पोस्ट टेस्ट का भी आयोजन करवाया गया।
अंत में डाइट डिंग की तरफ से आईएफआईसी विंग चेयरपर्सन, चंद्र प्रकाश शर्मा ने सभी का धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। इस मौके पर एमटी प्रवक्ता वरुण बजाज, डाइट डिंग से डाॅ. राजेश खुराना, डाॅ. अनिल बिश्नोई, डाॅ. अनिल चावला, पवन कनोजिया, सूरज दुग्गल, राकेश मोहन, संजय आदि मौजूद रहे।
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समापन समारोह में पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कंवरपुरा से प्राध्यापक सुदीप सानिवाल बतौर मुख्य वक्ता पहुंचे। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था शिक्षा केवल जानकारी नहीं, बल्कि जीवन-निर्माण की प्रक्रिया है। इसलिए इस कड़ी में शिक्षकों की भूमिका समाज में मूल्यनिष्ठ और संवेदनशील पीढ़ी तैयार करने में अहम बन जाती है।
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प्रथम सत्र डाइट मनोविज्ञान प्रवक्ता बिंदु ने किशोरावस्था शिक्षा कार्यक्रम के लक्ष्य एवं उद्देश्यों के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की। दूसरे सत्र में प्रवक्ता नवीन सिंगला ने एचआईवी एड्स, मादक द्रव्यों एवं किशोरों से संबंधित समस्याओं से संबंधित विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए इनसे निपटने के तौर तरीके बताए।
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डाइट प्लानिंग एंड मैनेजमेंट विंग से डा. राकेश मोहन ने एईपी को विद्यालय स्तर पर लागू करने के तौर तरीके बताए। मास्टर ट्रेनर वरुण बजाज ने किशोरों के विकास में माता-पिता और अध्यापकों की भूमिका विषय पर प्रभावी ढंग से अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों के लिए प्री टेस्ट एवं पोस्ट टेस्ट का भी आयोजन करवाया गया।
अंत में डाइट डिंग की तरफ से आईएफआईसी विंग चेयरपर्सन, चंद्र प्रकाश शर्मा ने सभी का धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। इस मौके पर एमटी प्रवक्ता वरुण बजाज, डाइट डिंग से डाॅ. राजेश खुराना, डाॅ. अनिल बिश्नोई, डाॅ. अनिल चावला, पवन कनोजिया, सूरज दुग्गल, राकेश मोहन, संजय आदि मौजूद रहे।