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लक्ष्य निर्धारित कर उपलब्धि पाएं, इससे बड़ी खुशी नहीं
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कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपने सवाल रखता विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : Sirsa
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शाह सतनाम जी ब्वॉयज कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को पुलिस की पाठशाला में वक्ताओं ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने की अपील की। नशा मुक्त समाज के लिए स्वयं को जागरूक होना होगा। विद्यार्थियों ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा को भी शांत किया। डीएसपी हेडक्वार्टर आर्यन चौधरी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
पुलिस पाठशाला में मुख्य अतिथि डीएसपी आर्यन चौधरी ने कहा कि नशा से क्षण भर के लिए खुशी मिलती है, लेकिन यदि मेहनत करते हुए पढ़ाई करें और लक्ष्य पर फोकस कर उपलब्धि हासिल करें, तो इससे बड़ी खुशी कोई ओर नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए दीमक का काम कर रहा है। इसलिए न केवल इससे दूर रहने की जरूरत है, बल्कि समाज को भी जागरूक करना होगा। ये काम विद्यार्थी और युवा वर्ग ही कर सकता है। किशोर अवस्था के दौरान विद्यार्थी सोशल मीडिया, मोबाइल से दूर रहते हुए केवल पढ़ाई पर ध्यान दें।
डीएसपी आर्यन चौधरी ने साइबर क्राइम को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। जागरूक होने से ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है। इस दौरान कॉलेज के प्राध्यापक अजीत सिंह ने मंच का संचालन किया और अधिकारियों द्वारा बताए हुए नियमों व बचाव के बारे में दी गई जानकारियों पर गौर करने की बात कही। यातायात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने कहा कि जिंदगी अनमोल है। वाहन चलाते समय हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि घर पर आपकी मां या परिवार का कोई सदस्य इंतजार कर रहा है। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दिलावर इंसा ने भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। इस दौरान प्राध्यापक सुमित सिंगला, अनिल बैनीवाल, अश्वनी, गौरव, विनोद जांगड़ा, अनिल महतानी, चिराग उपस्थित रहे। इसके अलावा पुलिस कर्मचारी लखविंद्र सिंह, छोटू राम, रमेश कुमार, मनदीप सिंह भंगू भी शामिल रहे।
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पुलिस को देख डरने की आवश्यकता नहीं, नियमों का करें पालन: बहादुर सिंह
यातायात थाना प्रभारी इंस्पेेक्टर बहादुर सिंह ने कहा कि कुछ युवा पुलिस को देखकर रास्ते में ही कट लगा देते हैं, जिससे उनके साथ कभी भी हादसा हो सकता है। इसलिए उन्हें हेलमेट, दस्तावेजों को पूरा रखने, ट्रिपलिंग न करने सहित अन्य नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वाहन को चलाते समय हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि घर पर उनकी मां और परिवार के अन्य सदस्य भी उनका इंतजार कर रहे हैं।
पुलिस की पाठशाला नाम ही प्रभावी: डॉ. दिलावर इंसा
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दिलावर इंसा ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से करवाए गए पुलिस पाठशाला कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की पाठशाला नाम ही प्रभावी है। कॉलेज में बेशक, विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान मिलता है, लेकिन अमर उजाला फाउंडेशन ने अब इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए व्यावहारिक ज्ञान देने के लिए कार्यक्रम की शुरुआत की है।
इस तरह चला सवाल जवाब का सिलसिला
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने डीएसपी आर्यन चौधरी और यातायात थाना प्रभारी बहादुर सिंह से कई सवाल किए और अपनी जिज्ञासा को शांत किया। दोनों अधिकारियों ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब दिया।
प्रिंस: पुलिस को नशा सप्लाई करने वाले और चोरी करने वालों की जानकारी होती है फिर उस पर क्यों विराम नहीं लगता?
डीएसपी: पुलिस की ओर से नशा तस्करी करने वालों और चोरी वालों पर एक वर्ष में करीब 800 लोगों पर एफआईआर की जा चुकी है। जब तक समाज के लोग जागरूक नहीं होते तब तक नशा और चोरी की वारदात बंद नहीं होती।
मनीष: शहर के बाहर की तरफ से डायवर्ट की है बसें, होती है परेशानी।
एसएचओ: शहर में ट्रैफिक अधिक होने और जाम लगने के कारण वाहनों को डायवर्ट किया गया है। स्थिति सामान्य होने के बाद रूट बदला जाएगा।
अजय कुमार: चौक पर कैमरे लगाकर काटे जा सकते हैं ऑनलाइन चालान, स्थिति होगी सामान्य।
डीएसपी: दिल्ली और अन्य बड़े शहरों के अनुसार लोग पढ़े लिखे नहीं है। उन्हें नियमों के बारे में इतनी जानकारी नहीं है। सीसीटीवी कैमरे अमीर और गरीब नहीं देखते । उनके लिए सभी एक समान है। जल्द ही कैमरों से भी चालान घर भेजे जाएंगे।
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समीर प्राध्यापक: शहर में वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग की सुविधा नहीं है। दुकानदार दुकान के आगे वाहन खड़ा करने नहीं देते । किसी अन्य स्थान पर करे तो पुलिस जब्त करते हैं वाहन।
एसएचओ: शहर में पार्किंग की व्यवस्था जल्द ही बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए उपायुक्त से भी बैठक हो चुकी है। बाजार में पीली पट्टी के अंदर ही वाहन को खड़ा करें।
पवन: आप बड़ी पोस्ट पर हैं। दिनभर आप पर काम का प्रेशर रहता है तो किसी तरह से आप इसको हैंडल करते हैं।
डीएसपी: हम पर किसी तरह का कोई प्रेशर नहीं है। काम को ही अगर कोई प्रेशर मानता है तो वह ड्रामा कर रहा है। अगर किसी को प्रेशर लगता है तो वह काम छोड़ दे। पुलिस में आने के बाद ही उन्हें पहचान मिली है। परीक्षा देने से पहले की स्थिति और परीक्षा देने के बाद की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए। पहले उन्हें कोई नहीं जानता था और पुलिस में आने के बाद लोग उनकी रिस्पेक्ट करते हैं।
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नरेंद्र: डीएसपी बनने से पहले और अब आप के नजरिए में किस तरह का बदलाव आया है।
डीएसपी: परीक्षा देने से पहले कोई नहीं पहचानता था। आप एक कुएं में पड़े मेंढक की तरह होते हो। हरियाणा पुलिस में आने के बाद ही उन्हें बोलने की जानकारी और पहचान मिली है। उनको अब हर रोज 50 लोग कार्यालय में शिकायत देने के लिए पहुंचते हैं, जिससे उन्हें समाज के बारे में भी जानकारी मिलती है।
नरेंद्र: नशा, यातायात, क्राइम और घटनाओं की जानकारी के लिए पुलिस की ओर से टोल फ्री नंबर जारी किया जाना चाहिए।
डीएसपी: पुलिस की ओर से 8814022600 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। जिससे कोई भी व्यक्ति नशे और अन्य घटनाओं संबंधित जानकारी सांझा कर सकता। नशे संबंधित जानकारी देने वालों की पहचान को गुप्त रखा जाएगा।
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सिरसा। शाह सतनाम जी ब्वॉयज कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को पुलिस की पाठशाला में वक्ताओं ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने की अपील की। नशा मुक्त समाज के लिए स्वयं को जागरूक होना होगा। विद्यार्थियों ने सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा को भी शांत किया। डीएसपी हेडक्वार्टर आर्यन चौधरी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
पुलिस पाठशाला में मुख्य अतिथि डीएसपी आर्यन चौधरी ने कहा कि नशा से क्षण भर के लिए खुशी मिलती है, लेकिन यदि मेहनत करते हुए पढ़ाई करें और लक्ष्य पर फोकस कर उपलब्धि हासिल करें, तो इससे बड़ी खुशी कोई ओर नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए दीमक का काम कर रहा है। इसलिए न केवल इससे दूर रहने की जरूरत है, बल्कि समाज को भी जागरूक करना होगा। ये काम विद्यार्थी और युवा वर्ग ही कर सकता है। किशोर अवस्था के दौरान विद्यार्थी सोशल मीडिया, मोबाइल से दूर रहते हुए केवल पढ़ाई पर ध्यान दें।
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डीएसपी आर्यन चौधरी ने साइबर क्राइम को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। जागरूक होने से ही साइबर ठगी से बचा जा सकता है। इस दौरान कॉलेज के प्राध्यापक अजीत सिंह ने मंच का संचालन किया और अधिकारियों द्वारा बताए हुए नियमों व बचाव के बारे में दी गई जानकारियों पर गौर करने की बात कही। यातायात थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने कहा कि जिंदगी अनमोल है। वाहन चलाते समय हमेशा यह ध्यान रखना चाहिए कि घर पर आपकी मां या परिवार का कोई सदस्य इंतजार कर रहा है। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दिलावर इंसा ने भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। इस दौरान प्राध्यापक सुमित सिंगला, अनिल बैनीवाल, अश्वनी, गौरव, विनोद जांगड़ा, अनिल महतानी, चिराग उपस्थित रहे। इसके अलावा पुलिस कर्मचारी लखविंद्र सिंह, छोटू राम, रमेश कुमार, मनदीप सिंह भंगू भी शामिल रहे।
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पुलिस को देख डरने की आवश्यकता नहीं, नियमों का करें पालन: बहादुर सिंह
यातायात थाना प्रभारी इंस्पेेक्टर बहादुर सिंह ने कहा कि कुछ युवा पुलिस को देखकर रास्ते में ही कट लगा देते हैं, जिससे उनके साथ कभी भी हादसा हो सकता है। इसलिए उन्हें हेलमेट, दस्तावेजों को पूरा रखने, ट्रिपलिंग न करने सहित अन्य नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वाहन को चलाते समय हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि घर पर उनकी मां और परिवार के अन्य सदस्य भी उनका इंतजार कर रहे हैं।
पुलिस की पाठशाला नाम ही प्रभावी: डॉ. दिलावर इंसा
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दिलावर इंसा ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से करवाए गए पुलिस पाठशाला कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस की पाठशाला नाम ही प्रभावी है। कॉलेज में बेशक, विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान मिलता है, लेकिन अमर उजाला फाउंडेशन ने अब इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए व्यावहारिक ज्ञान देने के लिए कार्यक्रम की शुरुआत की है।
इस तरह चला सवाल जवाब का सिलसिला
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने डीएसपी आर्यन चौधरी और यातायात थाना प्रभारी बहादुर सिंह से कई सवाल किए और अपनी जिज्ञासा को शांत किया। दोनों अधिकारियों ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब दिया।
प्रिंस: पुलिस को नशा सप्लाई करने वाले और चोरी करने वालों की जानकारी होती है फिर उस पर क्यों विराम नहीं लगता?
डीएसपी: पुलिस की ओर से नशा तस्करी करने वालों और चोरी वालों पर एक वर्ष में करीब 800 लोगों पर एफआईआर की जा चुकी है। जब तक समाज के लोग जागरूक नहीं होते तब तक नशा और चोरी की वारदात बंद नहीं होती।
मनीष: शहर के बाहर की तरफ से डायवर्ट की है बसें, होती है परेशानी।
एसएचओ: शहर में ट्रैफिक अधिक होने और जाम लगने के कारण वाहनों को डायवर्ट किया गया है। स्थिति सामान्य होने के बाद रूट बदला जाएगा।
अजय कुमार: चौक पर कैमरे लगाकर काटे जा सकते हैं ऑनलाइन चालान, स्थिति होगी सामान्य।
डीएसपी: दिल्ली और अन्य बड़े शहरों के अनुसार लोग पढ़े लिखे नहीं है। उन्हें नियमों के बारे में इतनी जानकारी नहीं है। सीसीटीवी कैमरे अमीर और गरीब नहीं देखते । उनके लिए सभी एक समान है। जल्द ही कैमरों से भी चालान घर भेजे जाएंगे।
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समीर प्राध्यापक: शहर में वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग की सुविधा नहीं है। दुकानदार दुकान के आगे वाहन खड़ा करने नहीं देते । किसी अन्य स्थान पर करे तो पुलिस जब्त करते हैं वाहन।
एसएचओ: शहर में पार्किंग की व्यवस्था जल्द ही बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए उपायुक्त से भी बैठक हो चुकी है। बाजार में पीली पट्टी के अंदर ही वाहन को खड़ा करें।
पवन: आप बड़ी पोस्ट पर हैं। दिनभर आप पर काम का प्रेशर रहता है तो किसी तरह से आप इसको हैंडल करते हैं।
डीएसपी: हम पर किसी तरह का कोई प्रेशर नहीं है। काम को ही अगर कोई प्रेशर मानता है तो वह ड्रामा कर रहा है। अगर किसी को प्रेशर लगता है तो वह काम छोड़ दे। पुलिस में आने के बाद ही उन्हें पहचान मिली है। परीक्षा देने से पहले की स्थिति और परीक्षा देने के बाद की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए। पहले उन्हें कोई नहीं जानता था और पुलिस में आने के बाद लोग उनकी रिस्पेक्ट करते हैं।
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नरेंद्र: डीएसपी बनने से पहले और अब आप के नजरिए में किस तरह का बदलाव आया है।
डीएसपी: परीक्षा देने से पहले कोई नहीं पहचानता था। आप एक कुएं में पड़े मेंढक की तरह होते हो। हरियाणा पुलिस में आने के बाद ही उन्हें बोलने की जानकारी और पहचान मिली है। उनको अब हर रोज 50 लोग कार्यालय में शिकायत देने के लिए पहुंचते हैं, जिससे उन्हें समाज के बारे में भी जानकारी मिलती है।
नरेंद्र: नशा, यातायात, क्राइम और घटनाओं की जानकारी के लिए पुलिस की ओर से टोल फ्री नंबर जारी किया जाना चाहिए।
डीएसपी: पुलिस की ओर से 8814022600 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। जिससे कोई भी व्यक्ति नशे और अन्य घटनाओं संबंधित जानकारी सांझा कर सकता। नशे संबंधित जानकारी देने वालों की पहचान को गुप्त रखा जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देते हुए डीएसपी आर्यन चौधरी। संवाद- फोटो : Sirsa