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Sirsa News: आरक्षित भूमि हड़पने के मामले में आरोपी काबू
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सिरसा। आर्थिक अपराध शाखा ने सरकारी भूमि हड़पने के एक मामले दूसरे आरोपी गांव माखोसरानी निवासी महावीर को शनिवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस इस मामले में ढाणी बिलासपुर निवासी मंजीत सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जांच अधिकारी श्याम सुंदर ने बताया कि इस मामले में नाथूसरी चोपटा के तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने 29 मई 2024 को केस दर्ज किया था।
शिकायत में सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर भाखड़ा बांध विस्थापितों के लिए आरक्षित भूमि को अवैध रूप से हड़पने का आरोप लगाया गया। इसके अलावा तहसील नाथूसरी चोपटा और रि सेटलमेंट विभाग फतेहाबाद की जांच में पाया गया कि रजिस्ट्री नंबर 1354 एक जुलाई 1996 और वसीका नंबर 1528 30 मई 1981 के रकबे में अंतर पाया गया।
साथ ही सरकारी बही में असल पन्ने की जगह फर्जी पन्ना चिपका कर रिकॉर्ड में हेरफेर की गई। जांच अधिकारी श्याम सुंदर ने बताया कि पूछताछ के दौरान महावीर ने स्वीकार किया कि उसने वर्ष 2018 में तहसील कार्यालय नाथूसरी चोपटा से बही संख्या 2673 निकालकर मंजीत सिंह को उपलब्ध करवाई थी, जिसके आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। पर्याप्त सबूतों के आधार पर महावीर को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने आरोपी महावीर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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शिकायत में सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर भाखड़ा बांध विस्थापितों के लिए आरक्षित भूमि को अवैध रूप से हड़पने का आरोप लगाया गया। इसके अलावा तहसील नाथूसरी चोपटा और रि सेटलमेंट विभाग फतेहाबाद की जांच में पाया गया कि रजिस्ट्री नंबर 1354 एक जुलाई 1996 और वसीका नंबर 1528 30 मई 1981 के रकबे में अंतर पाया गया।
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साथ ही सरकारी बही में असल पन्ने की जगह फर्जी पन्ना चिपका कर रिकॉर्ड में हेरफेर की गई। जांच अधिकारी श्याम सुंदर ने बताया कि पूछताछ के दौरान महावीर ने स्वीकार किया कि उसने वर्ष 2018 में तहसील कार्यालय नाथूसरी चोपटा से बही संख्या 2673 निकालकर मंजीत सिंह को उपलब्ध करवाई थी, जिसके आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। पर्याप्त सबूतों के आधार पर महावीर को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने आरोपी महावीर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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