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Sirsa News: लड़की भगाने की रंजिश में अगवा कर युवक की हत्या
Sat, 31 May 2025 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 31 May 2025 11:57 PM IST
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मृतक सांवरा का फाइल चित्र।
सिरसा। जिले के रुपावास गांव में प्रेम-प्रसंग में युवक सांवरा की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोपी युवक को अगवा कर अपने घर ले गए और चारपाई से बांधकर तब तक पीटते रहे, जब तक युवक की जान नहीं निकल गई। उसे बचाने आए पिता और भाई को भी जमकर पीटा। पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
आरोप है कि रूपावास गांव के दो चचेरे भाई सांवरा और ईश्वर गांव की दो लड़कियों को भगाकर ले गए थे। हालांकि सांवरा के साथ गई लड़की घर लौट आई। इसके बाद 30 मई (शुक्रवार) को सांवरा भी अपनी भाभी ममता और पिता रामेश्वर के साथ गांव वापस आ गया। मगर, सांवरा के चचेरा भाई ईश्वर गांव की युवती के साथ ही सहमति संबंध में रहने लगा। सांवरा और उसके चचेरे भाई के साथ भागी लड़की का घर आमने-सामने है। इस वजह से सांवरा के गांव लौटने के बाद चचेरे भाई संग भागी लड़की के परिजनों पर ताने मारने लगा। इससे उनके बीच रंजिश हो गई। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार (30 मई) की रात सांवरा कहीं जा रहा था कि उसके चचेरे भाई संग भागी लड़की के 8 परिजनों ने मौका पाकर उसे घेर लिया और हत्या कर दी।
पंचायत ने सुनाया था गांव छोड़ने का फरमान
लड़की के पिता रोहताश व अन्य घरवालों को शक था कि उनकी बेटी को भगाकर ले जाने में ईश्वर का साथ सांवरा ने भी दिया है। इसी विवाद में दोनों परिवारों में रंजिश हो गई। इस मामले को लेकर गांव में पंचायत हुई। पंचायत में सांवरा व ईश्वर के परिवार को गांव छोड़ने का फरमान सुनाया गया। 25 अप्रैल को दोनों परिवार गांव छोड़कर अपने रिश्तेदारों के पास जाकर रहने लगे। सांवरा चिनाई मिस्त्री का काम करता था।
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सरपंच के कहने पर पिता के साथ गांव आया था सांवरा
शुक्रवार को जमाल चौकी में पंचायत हुई। सांवरा के पिता रामेश्वर ने बताया कि पंचायत में सरपंच उदयपाल ने उन्हें कहा कि अब कोई डरने की जरूरत नहीं है। आप लोग वापस अपने घर में जा सकते हैं। इसके बाद, शाम करीब 7.30 बजे सांवरा अपने पिता रामेश्वर व भाभी ममता के साथ बाइक से गांव पहुंचा। घर के पास ही उसके पड़ोसी रोहताश व उनके रिश्तेदारों ने उनका रास्ता रोक लिया। रोहताश व उसके रिश्तेदार सांवरा से मारपीट करने लगे और उसे जबरन उठाकर अपने घर ले गए। यहां पर उन्होंने सांवरा को चारपाई पर रस्सी से बांध दिया और लाठी व डंडों से उसे बेरहमी से पिटाई की। रामेश्वर ने बताया कि उसने व उसकी बड़ी बहू ममता ने सांवरा को छुड़ाने की कोशिश की, तो उक्त लोगों ने उन्हें भी डंडों से पीटा। आरोपी सांवरा को तब तक पीटते रहे, जब तक उसकी जान नहीं निकल गई। इसके बाद रोहताश व उसके रिश्तेदार भाग गए।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
ग्रामीणों ने घटना की सूचना डायल 112 को दी। इसके बाद नाथूसरी चौपटा प्रभारी राजकुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सांवरा को चौपटा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां डॉक्टर ने उसकी जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक सांवरा के पिता रामेश्वर का बयान दर्ज कर लड़की के पिता रोहताश और दूसरे रिश्तेदार तुलसी, निखिल, मुकेश, जगदीश, सेठी, बाला और राजू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। अभी आरोपी फरार हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शनिवार दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। राजकुमार, थाना प्रभारी नाथूसरी चौपटा।
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आरोप है कि रूपावास गांव के दो चचेरे भाई सांवरा और ईश्वर गांव की दो लड़कियों को भगाकर ले गए थे। हालांकि सांवरा के साथ गई लड़की घर लौट आई। इसके बाद 30 मई (शुक्रवार) को सांवरा भी अपनी भाभी ममता और पिता रामेश्वर के साथ गांव वापस आ गया। मगर, सांवरा के चचेरा भाई ईश्वर गांव की युवती के साथ ही सहमति संबंध में रहने लगा। सांवरा और उसके चचेरे भाई के साथ भागी लड़की का घर आमने-सामने है। इस वजह से सांवरा के गांव लौटने के बाद चचेरे भाई संग भागी लड़की के परिजनों पर ताने मारने लगा। इससे उनके बीच रंजिश हो गई। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार (30 मई) की रात सांवरा कहीं जा रहा था कि उसके चचेरे भाई संग भागी लड़की के 8 परिजनों ने मौका पाकर उसे घेर लिया और हत्या कर दी।
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पंचायत ने सुनाया था गांव छोड़ने का फरमान
लड़की के पिता रोहताश व अन्य घरवालों को शक था कि उनकी बेटी को भगाकर ले जाने में ईश्वर का साथ सांवरा ने भी दिया है। इसी विवाद में दोनों परिवारों में रंजिश हो गई। इस मामले को लेकर गांव में पंचायत हुई। पंचायत में सांवरा व ईश्वर के परिवार को गांव छोड़ने का फरमान सुनाया गया। 25 अप्रैल को दोनों परिवार गांव छोड़कर अपने रिश्तेदारों के पास जाकर रहने लगे। सांवरा चिनाई मिस्त्री का काम करता था।
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सरपंच के कहने पर पिता के साथ गांव आया था सांवरा
शुक्रवार को जमाल चौकी में पंचायत हुई। सांवरा के पिता रामेश्वर ने बताया कि पंचायत में सरपंच उदयपाल ने उन्हें कहा कि अब कोई डरने की जरूरत नहीं है। आप लोग वापस अपने घर में जा सकते हैं। इसके बाद, शाम करीब 7.30 बजे सांवरा अपने पिता रामेश्वर व भाभी ममता के साथ बाइक से गांव पहुंचा। घर के पास ही उसके पड़ोसी रोहताश व उनके रिश्तेदारों ने उनका रास्ता रोक लिया। रोहताश व उसके रिश्तेदार सांवरा से मारपीट करने लगे और उसे जबरन उठाकर अपने घर ले गए। यहां पर उन्होंने सांवरा को चारपाई पर रस्सी से बांध दिया और लाठी व डंडों से उसे बेरहमी से पिटाई की। रामेश्वर ने बताया कि उसने व उसकी बड़ी बहू ममता ने सांवरा को छुड़ाने की कोशिश की, तो उक्त लोगों ने उन्हें भी डंडों से पीटा। आरोपी सांवरा को तब तक पीटते रहे, जब तक उसकी जान नहीं निकल गई। इसके बाद रोहताश व उसके रिश्तेदार भाग गए।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
ग्रामीणों ने घटना की सूचना डायल 112 को दी। इसके बाद नाथूसरी चौपटा प्रभारी राजकुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सांवरा को चौपटा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां डॉक्टर ने उसकी जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक सांवरा के पिता रामेश्वर का बयान दर्ज कर लड़की के पिता रोहताश और दूसरे रिश्तेदार तुलसी, निखिल, मुकेश, जगदीश, सेठी, बाला और राजू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। अभी आरोपी फरार हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शनिवार दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। राजकुमार, थाना प्रभारी नाथूसरी चौपटा।