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एसएफआई ने बेरोजगारी के विरोध में किया प्रदर्शन
Updated Tue, 13 Feb 2018 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने बेरोजगारी के विरोध में सोमवार को सिरसा बस स्टैंड और आईसीएस अकादमी के समीप पकौड़े तलकर रोष प्रदर्शन किया। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकालकर लघु सचिवालय पहुंचे और डीसी को ज्ञापन सौंपा।
एसएफआई की जिला अध्यक्ष रितू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बेरोजगारी से अच्छा तो पकौड़े बनाने का बयान देकर देश के करोड़ों पढ़े-लिखे युवाओं के साथ मजाक किया है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार सत्ता में दो करोड़ युवाओं को हर साल रोजगार देने का नाम लेकर आई थी और आज इस तरह की बयानबाजी करके युवाओं का मजाक बना रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में आज धर्म और जात के नाम पर लोगों पर जानलेवा हमले हो रहे हैं। दिन प्रतिदिन देश में दहशत का माहौल बढ़ रहा है। जात, धर्म के नाम पर लोगों की अभिव्यक्ति पर भी हमले हो रहे हैं। अब हाल ही में हरियाणा प्रदेश की केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ में कश्मीरी छात्रों पर जानलेवा हमला हुआ है जो निंदनीय है। आज एक ओर लोगों को लिंग, जात, धर्म के नाम पर लड़वाया जा रहा है और दूसरी ओर युवाओं को बेरोजगारी की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है, जिस की वजह से देश में असहजता का माहौल बन रहा है और अपराधों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है।
प्रदर्शनकारियों ने बस स्टैंड के समीप पकौड़े तलकर आते-जाते लोगों को खिलाए। उन्होंने कहा कि जब पकौडे़ ही बेचकर रोजगार चलाना है तो माता पिता हजारों और लाखों रुपये खर्चकर बच्चों को क्यों उच्च शिक्षा दिलाते हैं। लोगों ने प्रदर्शनकारियों की बात का समर्थन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय की ओर रवाना हुआ। प्रदर्शनकारियों की अच्छी भीड़ देखकर लघुसचिवालय के आसपास तैनात पुलिस बल ने गेट की घेराबंदी कर दी और प्रदर्शनकारियों को अंदर नहंी जाने दिया। प्रधान रितू के नेतृत्व मे पांच विद्यार्थी ही उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने उनके कार्यालय तक गए। प्रदर्शनकारियों में एकम, खुशबू, मनोज, मोहित, जसकरण, पालीराम, विजय कुमार, किरण, सहज, हरजीत सिंह, सोनिया सिंह, करण, मनीष, रीतू आदि शामिल थे। विद्यार्थियों ने किसानों के धरने में जाकर उनका समर्थन किया।
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सिरसा।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने बेरोजगारी के विरोध में सोमवार को सिरसा बस स्टैंड और आईसीएस अकादमी के समीप पकौड़े तलकर रोष प्रदर्शन किया। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकालकर लघु सचिवालय पहुंचे और डीसी को ज्ञापन सौंपा।
एसएफआई की जिला अध्यक्ष रितू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बेरोजगारी से अच्छा तो पकौड़े बनाने का बयान देकर देश के करोड़ों पढ़े-लिखे युवाओं के साथ मजाक किया है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार सत्ता में दो करोड़ युवाओं को हर साल रोजगार देने का नाम लेकर आई थी और आज इस तरह की बयानबाजी करके युवाओं का मजाक बना रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में आज धर्म और जात के नाम पर लोगों पर जानलेवा हमले हो रहे हैं। दिन प्रतिदिन देश में दहशत का माहौल बढ़ रहा है। जात, धर्म के नाम पर लोगों की अभिव्यक्ति पर भी हमले हो रहे हैं। अब हाल ही में हरियाणा प्रदेश की केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ में कश्मीरी छात्रों पर जानलेवा हमला हुआ है जो निंदनीय है। आज एक ओर लोगों को लिंग, जात, धर्म के नाम पर लड़वाया जा रहा है और दूसरी ओर युवाओं को बेरोजगारी की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है, जिस की वजह से देश में असहजता का माहौल बन रहा है और अपराधों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है।
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प्रदर्शनकारियों ने बस स्टैंड के समीप पकौड़े तलकर आते-जाते लोगों को खिलाए। उन्होंने कहा कि जब पकौडे़ ही बेचकर रोजगार चलाना है तो माता पिता हजारों और लाखों रुपये खर्चकर बच्चों को क्यों उच्च शिक्षा दिलाते हैं। लोगों ने प्रदर्शनकारियों की बात का समर्थन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय की ओर रवाना हुआ। प्रदर्शनकारियों की अच्छी भीड़ देखकर लघुसचिवालय के आसपास तैनात पुलिस बल ने गेट की घेराबंदी कर दी और प्रदर्शनकारियों को अंदर नहंी जाने दिया। प्रधान रितू के नेतृत्व मे पांच विद्यार्थी ही उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने उनके कार्यालय तक गए। प्रदर्शनकारियों में एकम, खुशबू, मनोज, मोहित, जसकरण, पालीराम, विजय कुमार, किरण, सहज, हरजीत सिंह, सोनिया सिंह, करण, मनीष, रीतू आदि शामिल थे। विद्यार्थियों ने किसानों के धरने में जाकर उनका समर्थन किया।
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