{"_id":"658c650db118ded6ab053589","slug":"90-doctors-on-strike-in-the-district-2000-patients-faced-problems-sirsa-news-c-128-1-svns1027-12509-2023-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: जिले में 90 चिकित्सक हड़ताल पर, 2000 मरीजों ने झेली परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: जिले में 90 चिकित्सक हड़ताल पर, 2000 मरीजों ने झेली परेशानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरसा। नागरिक अस्पताल सहित जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक हड़ताल रहे। इसके चलते धुंध में इलाज लेने पहुंचे युवाओ, बुजुर्गों और महिलाओं मायूस ही लौटना पड़ा। ओपीडी न चलने के कारण जिले में करीब दो हजार मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बुधवार को नागरिक अस्पताल में आंख, नाक, कान आदि के 15 ऑपरेशन होने थे। हड़ताल के चलते इन मरीजों को सोमवार व मंगलवार की तारीख दी गई है।
नागरिक अस्पताल में चिकित्सक ने बुधवार को सुबह नौ बजे ओपीडी बंद कर हड़ताल शुरू कर दी और धरना प्रदर्शन किया। अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं, टीबी अस्पताल में मरीजों को दवा, दवाइयों के काउंटर व सिटी स्कैन जैसी सुविधाएं मरीजों को मिली। जिला प्रधान गौरव भाटी ने कहा कि मांगों को लेकर चिकित्सकों की ओर से बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल की गई है। सरकार यदि सुनवाई नहीं करती है, तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है। उनकी मांग है कि चिकित्सकों के लिए एक विशेष कैडर का गठन किया जाए।गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो। एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए, पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से 50 लाख करना चिकित्सकों की मुख्य मांगें हैं।
15 लाख की आबादी पर 100 से कम चिकित्सक, एमडी मेडिसन से लेकर ऑर्थों तक के चिकित्सक नहीं
जिले में चिकित्सकों की स्थिति बेहद चिंतनीय है। हड़ताल पर बैठे चिकित्सकों ने बताया कि जिले की करीब 15 लाख आबादी पर सिर्फ 90 चिकित्सक हैं। सरकार की ओर से जिले में चिकित्सकों के 216 पद स्वीकृत हैं। इनकी संख्या आज तक पूरी नहीं हो पाई है। अहम बात यह है कि एक साल से नागरिक अस्पताल में एमडी मेडिसन और एमडी ऑर्थो ही नहीं है। ऐसे में ट्रामा सेंटर बनाने का फायदा कितना मरीजों का मिल रहा है, यह चिंता का विषय है।
विज्ञापन
निजी अस्पताल में इलाज करवाने का मजबूर हुए मरीज
मेरे बेटे को तीन दिन से बुखार चढ़ रहा है। बुधवार को काम से छुट्टी लेकर बेटे दीक्षित को उपचार के लिए लेकर आया हूं। यहां आकर पता चला कि ओपीडी बंद है और डाक्टर हड़ताल पर हैं। अब बेटे का निजी अस्पताल में उपचार करवाउंगा। धुंध में और काम छोड़कर रोज आना संभव नहीं है।
वीपी सिंह, निवासी गांव भुर्टवाला
मामला 2
मैं मजदूरी करता है। दो दिन पहले बाइक से जा रहा था तो अचानक कुत्ता आगे आ गया। ऐलनाबाद सीएचसी में उपचार करवाया तो सिर में चोट लगने के कारण चिकित्सकों सिटी स्कैन करवाने को कहा था। सिरसा सिटी स्कैन करवाने के लिए आया तो पता चला डॉक्टर हड़ताल पर हैं। अब समझ नहीं आ रहा है कि क्या करूं। आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है, निजी केंद्र पर सिटी स्कैन करवा सकूं।
हीरालाल, ऐलनाबाद
यह सेवाएं रहीं शुरू
1 इमरजेंसी सेवा।
2 शवों का पोस्टमार्टम।
3 बच्चों का टीकाकरण।
4 दवाओं के काउंटर ओपन रहे।
5 टीबी अस्पताल में मरीजों को दवाओं को खुराक मिली।
6 महिलाओं की डिलीवरी।
7 नीकू सेवा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- चिकित्सकों की हड़ताल के कारण सिर्फ ओपीडी सेवाएं ही प्रभावित हुई हैं। अन्य सेवाएं जारी रहीं। चिकित्सकों की हड़ताल आगे रहती है तो इमरजेंसी सेवाओं को लेकर विशेष व्यवस्था बनाई जाएगी और प्लानिंग की जा रही है।
- डॉ. महेंद्र सिंह भादू, सीएमओ, सिरसा
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में चिकित्सक ने बुधवार को सुबह नौ बजे ओपीडी बंद कर हड़ताल शुरू कर दी और धरना प्रदर्शन किया। अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं, टीबी अस्पताल में मरीजों को दवा, दवाइयों के काउंटर व सिटी स्कैन जैसी सुविधाएं मरीजों को मिली। जिला प्रधान गौरव भाटी ने कहा कि मांगों को लेकर चिकित्सकों की ओर से बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल की गई है। सरकार यदि सुनवाई नहीं करती है, तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है। उनकी मांग है कि चिकित्सकों के लिए एक विशेष कैडर का गठन किया जाए।गतिशील सुनिश्चित कॅरिअर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो। एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए, पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से 50 लाख करना चिकित्सकों की मुख्य मांगें हैं।
विज्ञापन
15 लाख की आबादी पर 100 से कम चिकित्सक, एमडी मेडिसन से लेकर ऑर्थों तक के चिकित्सक नहीं
जिले में चिकित्सकों की स्थिति बेहद चिंतनीय है। हड़ताल पर बैठे चिकित्सकों ने बताया कि जिले की करीब 15 लाख आबादी पर सिर्फ 90 चिकित्सक हैं। सरकार की ओर से जिले में चिकित्सकों के 216 पद स्वीकृत हैं। इनकी संख्या आज तक पूरी नहीं हो पाई है। अहम बात यह है कि एक साल से नागरिक अस्पताल में एमडी मेडिसन और एमडी ऑर्थो ही नहीं है। ऐसे में ट्रामा सेंटर बनाने का फायदा कितना मरीजों का मिल रहा है, यह चिंता का विषय है।
विज्ञापन
निजी अस्पताल में इलाज करवाने का मजबूर हुए मरीज
मेरे बेटे को तीन दिन से बुखार चढ़ रहा है। बुधवार को काम से छुट्टी लेकर बेटे दीक्षित को उपचार के लिए लेकर आया हूं। यहां आकर पता चला कि ओपीडी बंद है और डाक्टर हड़ताल पर हैं। अब बेटे का निजी अस्पताल में उपचार करवाउंगा। धुंध में और काम छोड़कर रोज आना संभव नहीं है।
वीपी सिंह, निवासी गांव भुर्टवाला
मामला 2
मैं मजदूरी करता है। दो दिन पहले बाइक से जा रहा था तो अचानक कुत्ता आगे आ गया। ऐलनाबाद सीएचसी में उपचार करवाया तो सिर में चोट लगने के कारण चिकित्सकों सिटी स्कैन करवाने को कहा था। सिरसा सिटी स्कैन करवाने के लिए आया तो पता चला डॉक्टर हड़ताल पर हैं। अब समझ नहीं आ रहा है कि क्या करूं। आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है, निजी केंद्र पर सिटी स्कैन करवा सकूं।
हीरालाल, ऐलनाबाद
यह सेवाएं रहीं शुरू
1 इमरजेंसी सेवा।
2 शवों का पोस्टमार्टम।
3 बच्चों का टीकाकरण।
4 दवाओं के काउंटर ओपन रहे।
5 टीबी अस्पताल में मरीजों को दवाओं को खुराक मिली।
6 महिलाओं की डिलीवरी।
7 नीकू सेवा।
- डॉ. महेंद्र सिंह भादू, सीएमओ, सिरसा