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स्वच्छ सर्वेक्षण: टीम ने घर-घर जाकर लोगों से लिया सफाई का फीडबैक, कई जगह मिला नकारात्मक रिस्पांस
Updated Sat, 06 Jan 2018 12:21 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से करवी एजेंसी के माध्यम से सिरसा में दूसरे दिन शुुक्रवार को तीन महिला सदस्यों की टीम ने नौ कालोनियां में स्वच्छ सर्वे किया और आनलाइन रिपोर्ट दिल्ली मुख्यालय भेजी जाती रही। हर जगह पर साफ-सफाई पाई गई और हर किसी ने सफाई व्यवस्था पर संतोष जताया तो कुछ ने इसे सरकार की नौटंकी करार दिया।
नगर परिषद में पहुंची स्वच्छता सर्वेक्षण की तीन सदस्यीय टीम पूनम के नेतृत्व में पहुंची जिसमें सुनीता देवी और लाजवंती शामिल थे। टीम के साथ नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक देवेंद्र बिश्नोई थे। टीम को दिल्ली से संदेश मिला कि कोर्ट कॉलोनी से सर्वे शुरू किया जाए। मुख्य सफाई निरीक्षक टीम को लेकर कोर्ट कॉलोनी में दुर्गा मंदिर वाली गली में लेकर पहुंचे। टीम सदस्यों ने घर-घर जाकर परिवार के मुखिया का नाम, मुखिया की शैक्षणिक योग्यता, मोबाइल नंबर, गली में सफाई की व्यवस्था, घर में शौचालय है या नहीं जैसे सवाल पूछे गए। जवाब ऑनलाइन फीड किए जा रहे थे। उन्होेंने इस गली में चार मकानों में जाकर सर्वे किया। लोगों से पूछा गया कि उनकी गली में हर रोज कूड़ा एकत्रित करने के लिए रेहड़ी चालक आते हैं या नहीं। इसके बाद टीम को निर्देश मिला कि हिसार रोेड पर गोबिंदनगर में जाए। इसके बाद टीम बस स्टैंड के नजदीक स्थित गोबिंद नगर में पहुंची। वहां भी स्वच्छता के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। वहां तीन घरों में पूछताछ की गई जिसमें से दो घरों में संतोषजनक जबकि एक घर से नकारात्मक जवाब मिला। एक महिला ने टीम सदस्यों को बताया कि रोजाना कचरा लेने कर्मचारी नहीं आते हैं। दो या तीन दिन से रेहड़ी आती है।
इसके बाद में टीम बरनाला रोड स्थित राम कॉलोनी पहुंची जहां सबसे पहले एडीसी कार्यालय में कार्यरत सुरजीत सिंह सरां से टीम ने जानकारी ली। सरां ने उन्हें बताया कि कालोनी में नियमित रूप से सफाई होती है। घरों से कचरा उठाने के लिए रेहड़ी चालक आता है। इसी कॉलोनी में चार घरों से और फीडबैक लिया गया। टीम आरएसडी कालोनी पहुंची। वहां कॉलोनीवासियों में सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी दिखी। एक व्यक्ति ने तो वहीं डस्टबिन में पड़ी गंदगी दिखाते हुए कहा कि इसे उठाने के लिए अभी तक कर्मचारी नहीं आया है। उसी आधार पर टीम ने फीडबैक नोट कर लिया। कॉलोनी के ही पार्क में भी कूड़ा पड़ा होने से भी लोगों ने गुस्सा जाहिर किया।
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कई लोगों ने सरकारी नौटंकी करार दिया
स्वच्छ सर्वेक्षण के कारण पिछले कई दिनों से शहर में सफाई व्यवस्था में बड़े स्तर पर सुधार किया गया है। स्वच्छ मैप एप पर शिकायत मिलने के बाद भी तुरंत सफाई करवाई जा रही है। भाजपा नेता कपिल जोशी इसे नौटंकी करार दिया। इनका कहना था कि सिर्फ सर्वे के कारण ही नगर परिषद के अधिकारी सफाई करवा रहे हैं। सामान्य दिनों में तो कई-कई दिन तक सुध नहीं ली जाती है। उन्होंने कहा कि सर्वे समाप्त होने के बाद शहर में स्वच्छता बिगड़ जाएगी। कर्मचारी भी मनमर्जी से काम करेंगे।
टीम आज करेगी सार्वजनिक शौचालयों की पड़ताल
मुख्य सफाई निरीक्षक देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि शनिवार को सर्वे के अंतिम दिन बाजारों व सार्वजनिक शौचालयों की पड़ताल के लिए टीम जाएगी। इसके अलावा होटलों, पेट्रोल पंपों व कचरा प्रबंधन प्लांट का भी टीम दौरा कर सकती है।
हम हाथों हाथ रिपोर्ट ऊपर भेज रहे हैं : पूनम
टीम का नेतृत्व कर रही पूनम रानी ने बताया कि वे अपनी मर्जी से कही नहीं जा रही है ऊपर से ही दिशा निर्देश और सवालों की सूची आती है। जवाब ऑनलाइन ही जा रहे हैं। घर-घर जाकर परिवार के मुखिया का नाम, मुखिया की शैक्षणिक योग्यता, मोबाइल नंबर, गली में सफाई की व्यवस्था, घर में शौचालय है या नहीं, कूड़ा उठाने के लिए रेहड़ी वाले आते है या नहीं जैसे सवाल पूछे गए।
सीएम विंडो भी बेअसर
साफ-सफाई को लेकर सीएम विंडो भी खटखटाने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। नगर परिषद द्वारा आमजन तो क्या वार्ड पार्षदों की भी सुनवाई नहीं की जाती। वार्ड नंबर-27 के पार्षद महाबीर सिंह द्वारा जेजे कॉलोनी के मुख्य द्वार पर बने कचराघर से फैलने वाले कचरे को लेकर सीएम विंडो खटखटाई थी। वार्ड पार्षद ने वार्ड में सफाई की भी मांग की लेकिन परिणाम ढाक के तीन पात रहा। आज भी डस्टबिन से कचरा पूरी कॉलोनी में फैल जाता है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण: टीम ने घर-घर जाकर लोगों से लिया सफाई का फीडबैक, कई जगह मिला नकारात्मक रिस्पांस
कई लोगों ने सर्वेक्षण को बताया नौटंकी
एक ही दिन में तीन महिला सदस्यों ने किया नौ कॉलोनियों में सर्वे
पब्लिक फीड बैक भेजा जा रहा था ऑनलाइन
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सिरसा।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से करवी एजेंसी के माध्यम से सिरसा में दूसरे दिन शुुक्रवार को तीन महिला सदस्यों की टीम ने नौ कालोनियां में स्वच्छ सर्वे किया और आनलाइन रिपोर्ट दिल्ली मुख्यालय भेजी जाती रही। हर जगह पर साफ-सफाई पाई गई और हर किसी ने सफाई व्यवस्था पर संतोष जताया तो कुछ ने इसे सरकार की नौटंकी करार दिया।
नगर परिषद में पहुंची स्वच्छता सर्वेक्षण की तीन सदस्यीय टीम पूनम के नेतृत्व में पहुंची जिसमें सुनीता देवी और लाजवंती शामिल थे। टीम के साथ नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक देवेंद्र बिश्नोई थे। टीम को दिल्ली से संदेश मिला कि कोर्ट कॉलोनी से सर्वे शुरू किया जाए। मुख्य सफाई निरीक्षक टीम को लेकर कोर्ट कॉलोनी में दुर्गा मंदिर वाली गली में लेकर पहुंचे। टीम सदस्यों ने घर-घर जाकर परिवार के मुखिया का नाम, मुखिया की शैक्षणिक योग्यता, मोबाइल नंबर, गली में सफाई की व्यवस्था, घर में शौचालय है या नहीं जैसे सवाल पूछे गए। जवाब ऑनलाइन फीड किए जा रहे थे। उन्होेंने इस गली में चार मकानों में जाकर सर्वे किया। लोगों से पूछा गया कि उनकी गली में हर रोज कूड़ा एकत्रित करने के लिए रेहड़ी चालक आते हैं या नहीं। इसके बाद टीम को निर्देश मिला कि हिसार रोेड पर गोबिंदनगर में जाए। इसके बाद टीम बस स्टैंड के नजदीक स्थित गोबिंद नगर में पहुंची। वहां भी स्वच्छता के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। वहां तीन घरों में पूछताछ की गई जिसमें से दो घरों में संतोषजनक जबकि एक घर से नकारात्मक जवाब मिला। एक महिला ने टीम सदस्यों को बताया कि रोजाना कचरा लेने कर्मचारी नहीं आते हैं। दो या तीन दिन से रेहड़ी आती है।
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इसके बाद में टीम बरनाला रोड स्थित राम कॉलोनी पहुंची जहां सबसे पहले एडीसी कार्यालय में कार्यरत सुरजीत सिंह सरां से टीम ने जानकारी ली। सरां ने उन्हें बताया कि कालोनी में नियमित रूप से सफाई होती है। घरों से कचरा उठाने के लिए रेहड़ी चालक आता है। इसी कॉलोनी में चार घरों से और फीडबैक लिया गया। टीम आरएसडी कालोनी पहुंची। वहां कॉलोनीवासियों में सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी दिखी। एक व्यक्ति ने तो वहीं डस्टबिन में पड़ी गंदगी दिखाते हुए कहा कि इसे उठाने के लिए अभी तक कर्मचारी नहीं आया है। उसी आधार पर टीम ने फीडबैक नोट कर लिया। कॉलोनी के ही पार्क में भी कूड़ा पड़ा होने से भी लोगों ने गुस्सा जाहिर किया।
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कई लोगों ने सरकारी नौटंकी करार दिया
स्वच्छ सर्वेक्षण के कारण पिछले कई दिनों से शहर में सफाई व्यवस्था में बड़े स्तर पर सुधार किया गया है। स्वच्छ मैप एप पर शिकायत मिलने के बाद भी तुरंत सफाई करवाई जा रही है। भाजपा नेता कपिल जोशी इसे नौटंकी करार दिया। इनका कहना था कि सिर्फ सर्वे के कारण ही नगर परिषद के अधिकारी सफाई करवा रहे हैं। सामान्य दिनों में तो कई-कई दिन तक सुध नहीं ली जाती है। उन्होंने कहा कि सर्वे समाप्त होने के बाद शहर में स्वच्छता बिगड़ जाएगी। कर्मचारी भी मनमर्जी से काम करेंगे।
टीम आज करेगी सार्वजनिक शौचालयों की पड़ताल
मुख्य सफाई निरीक्षक देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि शनिवार को सर्वे के अंतिम दिन बाजारों व सार्वजनिक शौचालयों की पड़ताल के लिए टीम जाएगी। इसके अलावा होटलों, पेट्रोल पंपों व कचरा प्रबंधन प्लांट का भी टीम दौरा कर सकती है।
हम हाथों हाथ रिपोर्ट ऊपर भेज रहे हैं : पूनम
टीम का नेतृत्व कर रही पूनम रानी ने बताया कि वे अपनी मर्जी से कही नहीं जा रही है ऊपर से ही दिशा निर्देश और सवालों की सूची आती है। जवाब ऑनलाइन ही जा रहे हैं। घर-घर जाकर परिवार के मुखिया का नाम, मुखिया की शैक्षणिक योग्यता, मोबाइल नंबर, गली में सफाई की व्यवस्था, घर में शौचालय है या नहीं, कूड़ा उठाने के लिए रेहड़ी वाले आते है या नहीं जैसे सवाल पूछे गए।
सीएम विंडो भी बेअसर
साफ-सफाई को लेकर सीएम विंडो भी खटखटाने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। नगर परिषद द्वारा आमजन तो क्या वार्ड पार्षदों की भी सुनवाई नहीं की जाती। वार्ड नंबर-27 के पार्षद महाबीर सिंह द्वारा जेजे कॉलोनी के मुख्य द्वार पर बने कचराघर से फैलने वाले कचरे को लेकर सीएम विंडो खटखटाई थी। वार्ड पार्षद ने वार्ड में सफाई की भी मांग की लेकिन परिणाम ढाक के तीन पात रहा। आज भी डस्टबिन से कचरा पूरी कॉलोनी में फैल जाता है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण: टीम ने घर-घर जाकर लोगों से लिया सफाई का फीडबैक, कई जगह मिला नकारात्मक रिस्पांस
कई लोगों ने सर्वेक्षण को बताया नौटंकी
एक ही दिन में तीन महिला सदस्यों ने किया नौ कॉलोनियों में सर्वे
पब्लिक फीड बैक भेजा जा रहा था ऑनलाइन