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किसान चुप है, मरा नहीं: भूपेंद्र सिंह हुड्डा

Sat, 01 Jul 2017 12:21 AM IST
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:21 AM IST
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किसान चुप है, मरा नहीं: भूपेंद्र सिंह हुड्डा
सिरसा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार की गलत नीतियों के प्रभाव से उदासीन हो चुके सभी वर्गों के साथ-साथ किसानों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। किसान अभी चुप है मगर मरा नहीं है। उसे मरने भी नहीं दिया जाएगा और उसके कंधे से कंधा मिलाकर मैं संघर्ष करुंगा।
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वे शुक्रवार को सिरसा की अनाजमंडी में कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद रणजीत सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी डॉ. केवी सिंह, होशियारीलाल शर्मा और पूर्व विधायक भरत सिंह बेनीवाल आदि नेताओं की ओर से आयोजित किसान पंचायत में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सदियों में इस बात का जिक्र है कि सिर के ताज उन्हीं लोगों को मिलते हैं जिनके पांव में संघर्ष के छाले होते हैं। आज भाजपा सरकार की कुनीतियों के प्रभाव के कारण किसान बोझिल हो चुका है, थका है मगर मरा नहीं है क्योंकि कांग्रेस किसी भी कीमत पर किसान को मरने नहीं दे सकती। इस देश की रक्षा में करने में जहां जवानों ने अपनी शहादतें देकर इस वतन को जिंदा रखा है वहीं इस देश के किसानों ने बगैर किसी सर्दी गर्मी की परवाह किए देश के लोगों का पेट भरने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने इंडियन नेशनल लोकदल को विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल बनाकर भेजा था, मगर वह वहां जाकर भाजपा के साथ मिल गई जो सीधे तौर पर जनता के विश्वास के साथ छलावा है। ऐसे में जनता को अब संभलकर रहना होगा।
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उन्होंने कहा कि वे इस समय पूरे हरियाणा में किसानों के हक में घर से निकले हुए हैं, इसका अर्थ ये नहीं है कि वे मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। वे भी एक किसान के बेटे हैं और आज जो हालत प्रदेश देश में किसानों की हो रही है, उसके लिए मजबूरन वे संघर्ष करने पर बाध्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने धान, नरमा कपास, गन्ना तथा अन्य सभी फसलों के दामों को इस स्तर पर ला दिया था कि किसान एक सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सके। मगर भाजपा ने सत्ता संभालते ही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की बजाय किसानों की जिंसों के भाव ही इस स्तर पर ला दिए कि किसान अपनी फसल सड़कों पर फेंककर उसे नष्ट करने पर मजबूर है। मध्यप्रदेश में मंदसौर और आंध्रप्रदेश में गुंटूर जिले के किसानों पर हुए अत्याचार को कांग्रेस किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगी।
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इससे पूर्व सांसद रणजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस शासन के दौरान ही भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ऐसी नीतियों को अमलीजामा पहनाया जिसमें सिरसा जैसे दूर दराज के जिलों के किसानों के प्रति एकड़ दाम 30 लाख रुपये तक पहुंच गए थे मगर अब भाजपा की किसान विरोधी नीतियों के चलते अब इनकी कीमत महज 5-7 लाख रुपये तक ही सिमट गई है।
मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी रहे डॉ. केवी सिंह ने किसान पंचायत को सामाजिक मुद्दा न बताकर राजनीतिक मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि जब तक राजनीतिक सत्ता में आकर किसानों की सुध नहीं ली जाएगी, तब तक भाजपा किसानों के जीवन से ऐसे ही खिलवाड़ रखेगी। उन्होंने कर्मचारियों के बनने वाले वेतन आयोग की तर्ज पर किसानों के लिए भी आयोग गठित कर प्रत्येक मास प्रत्येक किसान के खाते में 30 हजार रुपये डालने की मांग की। इसके लिए उन्होंने रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा से इस मांग को संसद में उठाने का अनुरोध किया। सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि शुक्रवार आधी रात से केंद्र सरकार संसद में घंटी बजाकर देश के लोगों को टैक्स के माध्यम से मारने का काम करेगी जिसका कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि जहां जहां भी भाजपा अन्याय करने पर तुली है, कांग्रेस अपने संघर्ष से लोगों को मजबूत बनाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पूर्व लोगों से 154 वायदे किए थे, मगर एक भी वायदा आज तक नहीं निभाया। सांसद ने मौजूदा भाजपा सरकार को चेताया कि यदि उसने महज डेढ़ वर्ष के शासन में बेरोजगारों को रोजगार न दिया तो कांग्रेस को ये वायदा अपने प्रदेश के बेरोजगार के लिए निभाना पड़ेगा। उन्होने कहा कि आज आधी रात को घंटी बजाकर जीएसटी को लागू किया कर दिया जाएगा जिसके लिए उन्हें भी निमत्रंण मिला था लेकिन वे ऐसे कार्यक्रम का बहिष्कार करते हैं।
इससे पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह, पूर्व वित्तमंत्री संपत सिंह, पूर्व हरियाणा विधानसभा स्पीकर रघुवीर सिंह कादियान, पूर्व शिक्षामंत्री गीता भुक्कल, पूर्व विधायक रामनिवास घोडे़ला, पूर्व विधायक जरनैल सिंह, प्रहलाद सिंह गिल्लांखेड़ा, विधायक शकुंतला खटक, पूर्व विधायक भरत सिंह बेनीवाल, शादीलाल बत्रा, भूपेश मेहता, जयवीर वाल्मीकि आदि ने भी किसानों के मामले में भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे भेदभाव और उन्हें बर्बाद करने की नीति का विरोध करते हुए कांग्रेस के संघर्ष का उल्लेख किया।
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किसान चुप है, मरा नहीं, उसके कंधे से कंधा मिलाकर मैं संघर्ष करुंगा : भूपेंद्र सिंह हुड्डा
किसान पंचायत में पूर्व सीएम बोले-मैं किसानों के हक में घर से निकला हूं, इसका ये मतलब नहीं कि मैं सीएम बनना चाहता हूं

फोटो: 30एसआईआरपी 11:सिरसा अनाज मंडी में शुक्रवार को आयोजित किसान पंचायत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को गदा प्रदान करते हुए होशियारीलाल शर्मा।

फोटो: 30एसआईआरपी 12:13: सिरसा अनाज मंडी में शुक्रवार को आयोजित किसान पंचायत में मंचासीन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य काग्रेस नेता।
फोटो: 30एसआईआरपी 14:सिरसा अनाज मंडी में शुक्रवार को आयोजित किसान पंचायत को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा।
को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व मंचासीन अन्य नेतागणों के साथ।-संजीव शर्मा
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