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मलेरिया और डेंगू मरीजों के लिए 69 बेड आरक्षित
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सिरसा। मानसून आते ही तापमान भी गिरावट आ गई है। वहीं जगह जगह बारिश का पानी जमा हो गया है। जिससे मच्छर भी काफी संख्या में पैदा हो गए हैं। जिनको खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर परिषद को 25 लीटर दवाई उपलब्ध करवाई गई है। जिसके बाद अब नगर परिषद की ओर से शहर में फॉगिंग करवाने की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू की जाएगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी केंद्र पर भी डेंगू व मलेरिया के मरीजों के लिए 69 बेड आरक्षित किए हैं। जिन पर विभाग की ओर से मच्छरदानी भी लगाई गई है।
जिले के कई क्षेत्रों में बीते एक सप्ताह से बारिश हो रही है। जिसके कारण कई जगहों पर जलभराव की स्थिति भी पैदा हो रही है और मच्छर पनपना शुरू हो चुका है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरों को खत्म करने और मलेरिया व डेंगू को फैलने से रोकने के लिए तैयारी करनी शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अब नगर परिषद को फॉगिंग प्रक्रिया शुरू करने के लिए पत्र लिखा है। वहीं 25 लीटर पैरीथिशियम दवाई भी नगर परिषद को उपलब्ध करवाई है। जिससे फॉगिंग करवा मच्छरों को नष्ट किया जाएगा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अब जिले में सर्वे कर लोगों जागरूक कर रही है और उनको अपने आसपास, छतों व कूलर में पानी जमा न होने देने के लिए प्रेरित भी कर रही है।
रैपिड फीवर सर्वे में 85 हजार घरों की जांच
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब हर माह की एक से 10 तारीख तक रैपिड फीवर सर्वे किया जा रहा है। जुलाई माह में स्वास्थ्य विभाग की करीब 90 टीमों ने जिलेभर में सर्वे कर सैंपल एकत्र किए है। जिनमें अभी तक कोई भी डेंगू व मलेरिया का मरीज नहीं पाया गया है। विभाग की ओर से 85 हजार घरों में जांच की गई थी। जिसमें पांच हजार स्लाइड, बनाई गई और डेंगू आशंकितों के 53 सैंपल लिए गए थे। इनमें से कोई भी मलेरिया व डेंगू का मरीज नहीं मिला। सर्वे के दौरान स्वास्थ्य विभाग को 608 स्थानों पर लारवा मिला है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 331 लोगों को नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
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लारवा खत्म करने के लिए 508 तालाबों में छोड़ी गंबुजिया मछलियां
जिले के तालाबों में अधिक दिनों तक पानी का ठहराव रहता है। ऐसे में तालाब में मच्छरों का लारवा न पनप सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 508 तालाबों में गंबुजिया मछलियां छोड़ी गई है। मछलियां के छोड़े जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी उन स्थानों व तालाबों की जांच कर रहे है। हालांकि बीते दिनों कई तालाबों की सफाई के लिए उन्हें खाली किया गया था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से वहां पर दोबारा से मछलियों को छोड़ा गया है।
नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी केंद्रों पर 69 बेड किए आरक्षित
बीते वर्ष डेंगू के मरीजों की संख्या काफी अधिक आने के कारण इस बार स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले ही मरीजों को सुविधा देने के लिए व्यवस्था कर ली गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब नागरिक अस्पताल व सीएचएसी केंद्रों पर 69 बेडों को आरक्षित किया गया है। जिले की नागरिक अस्पताल, आठ सीएचसी और डबवाली अस्पताल में बेडों पर मच्छरदानी भी लगाई गई है। ऐसे में अगर कोई भी डेंगू या मलेरिया का मरीज पाया जाता है तो उसको अस्पताल में दाखिल कर इलाज किया जा सकेगा।
इस तरह करे डेंगू व मलेरिया के मच्छरों से बचाव
बारिश होने के बाद अब घरों के आसपास व छतों पर जलभराव होना शुरू हो चुका है। ऐसे में तीन से चार दिनों तक अगर पानी की वहां से निकासी नहीं करवाई गई तो उनमें मच्छरों का लारवा तैयार होना शुरू हो जाएगा। ऐसे में लोग इससे बचाव के लिए घर के आसपास के क्षेत्र में जमा हुए पानी की निकासी करवाए और गड्ढों में मिट्टी डालकर वहां पर पानी जमा न होने दे। घर की छतों पर पड़े पुराने टायर, बर्तन, कूलर, गमले, पानी की टंकी को सप्ताह में एक बार साफ करे । किसी भी क्षेत्र में पानी जमा होता है तो वहां तेल का छिड़काव करे, रात के समय मच्छर दानी का इस्तेमाल करे।
वर्जन
बारिश के बाद नगर परिषद की ओर से अब शहर में फॉगिंग करवाई जाएगी। इसके लिए पत्र लिख दिया गया है और 25 लीटर दवाई भी दे दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है और हर माह सर्वे भी किया जा रहा है। जिले में अभी तक कोई भी डेंगू व मलेरिया का मरीज नहीं मिला है।
-डॉ. हरसिमरण सिंह, नोडल अधिकारी, मलेरिया विभाग सिरसा ।
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जिले के कई क्षेत्रों में बीते एक सप्ताह से बारिश हो रही है। जिसके कारण कई जगहों पर जलभराव की स्थिति भी पैदा हो रही है और मच्छर पनपना शुरू हो चुका है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरों को खत्म करने और मलेरिया व डेंगू को फैलने से रोकने के लिए तैयारी करनी शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अब नगर परिषद को फॉगिंग प्रक्रिया शुरू करने के लिए पत्र लिखा है। वहीं 25 लीटर पैरीथिशियम दवाई भी नगर परिषद को उपलब्ध करवाई है। जिससे फॉगिंग करवा मच्छरों को नष्ट किया जाएगा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अब जिले में सर्वे कर लोगों जागरूक कर रही है और उनको अपने आसपास, छतों व कूलर में पानी जमा न होने देने के लिए प्रेरित भी कर रही है।
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रैपिड फीवर सर्वे में 85 हजार घरों की जांच
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब हर माह की एक से 10 तारीख तक रैपिड फीवर सर्वे किया जा रहा है। जुलाई माह में स्वास्थ्य विभाग की करीब 90 टीमों ने जिलेभर में सर्वे कर सैंपल एकत्र किए है। जिनमें अभी तक कोई भी डेंगू व मलेरिया का मरीज नहीं पाया गया है। विभाग की ओर से 85 हजार घरों में जांच की गई थी। जिसमें पांच हजार स्लाइड, बनाई गई और डेंगू आशंकितों के 53 सैंपल लिए गए थे। इनमें से कोई भी मलेरिया व डेंगू का मरीज नहीं मिला। सर्वे के दौरान स्वास्थ्य विभाग को 608 स्थानों पर लारवा मिला है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 331 लोगों को नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
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लारवा खत्म करने के लिए 508 तालाबों में छोड़ी गंबुजिया मछलियां
जिले के तालाबों में अधिक दिनों तक पानी का ठहराव रहता है। ऐसे में तालाब में मच्छरों का लारवा न पनप सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 508 तालाबों में गंबुजिया मछलियां छोड़ी गई है। मछलियां के छोड़े जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी उन स्थानों व तालाबों की जांच कर रहे है। हालांकि बीते दिनों कई तालाबों की सफाई के लिए उन्हें खाली किया गया था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से वहां पर दोबारा से मछलियों को छोड़ा गया है।
नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी केंद्रों पर 69 बेड किए आरक्षित
बीते वर्ष डेंगू के मरीजों की संख्या काफी अधिक आने के कारण इस बार स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले ही मरीजों को सुविधा देने के लिए व्यवस्था कर ली गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब नागरिक अस्पताल व सीएचएसी केंद्रों पर 69 बेडों को आरक्षित किया गया है। जिले की नागरिक अस्पताल, आठ सीएचसी और डबवाली अस्पताल में बेडों पर मच्छरदानी भी लगाई गई है। ऐसे में अगर कोई भी डेंगू या मलेरिया का मरीज पाया जाता है तो उसको अस्पताल में दाखिल कर इलाज किया जा सकेगा।
इस तरह करे डेंगू व मलेरिया के मच्छरों से बचाव
बारिश होने के बाद अब घरों के आसपास व छतों पर जलभराव होना शुरू हो चुका है। ऐसे में तीन से चार दिनों तक अगर पानी की वहां से निकासी नहीं करवाई गई तो उनमें मच्छरों का लारवा तैयार होना शुरू हो जाएगा। ऐसे में लोग इससे बचाव के लिए घर के आसपास के क्षेत्र में जमा हुए पानी की निकासी करवाए और गड्ढों में मिट्टी डालकर वहां पर पानी जमा न होने दे। घर की छतों पर पड़े पुराने टायर, बर्तन, कूलर, गमले, पानी की टंकी को सप्ताह में एक बार साफ करे । किसी भी क्षेत्र में पानी जमा होता है तो वहां तेल का छिड़काव करे, रात के समय मच्छर दानी का इस्तेमाल करे।
वर्जन
बारिश के बाद नगर परिषद की ओर से अब शहर में फॉगिंग करवाई जाएगी। इसके लिए पत्र लिख दिया गया है और 25 लीटर दवाई भी दे दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है और हर माह सर्वे भी किया जा रहा है। जिले में अभी तक कोई भी डेंगू व मलेरिया का मरीज नहीं मिला है।
-डॉ. हरसिमरण सिंह, नोडल अधिकारी, मलेरिया विभाग सिरसा ।