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Sirsa News: 50 वर्ष पूर्व स्कूल में सहपाठी रहे छात्रों ने बनाई बचपन के साथी फाउंडेशन
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बचपन के साथी फाउंडेशन के नवनियुक्त सदस्य।
डबवाली। दोस्ती और सामाजिक सरोकार की एक अनोखी मिसाल पेश करते हुए डबवाली के राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल में करीब 50 वर्ष पूर्व मैट्रिक में साथ पढ़े पूर्व छात्रों ने मिलकर बचपन के साथी फाउंडेशन का गठन किया। इस नई संस्था में कॉलेज के 100 से अधिक पुराने सहपाठी एक साथ जुड़ चुके हैं, जो इस समय विभिन्न क्षेत्रों में सफलता पूर्वक कार्यरत हैं।
इनमें कई अधिकारी और अनेक सफल बिजनेसमैन है। अनेक लोग डबवाली इलाके में तो कुछ लोग दूसरे शहरों में स्थापित हो चुके हैं। इन बचपन के साथियों को एक मंच पर लाने में नितिन गर्ग, हरीश अरोड़ा व डॉ. राकेश वधवा ने अहम भूमिका निभाई है। आनंद कैसल रिजॉर्ट में इस फाउंडेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पुरानी यादों को ताजा करना और भविष्य की रूपरेखा तैयार करना था। सभी उपस्थित सदस्यों ने अपना व्यक्तिगत परिचय दिया और स्कूल/कॉलेज के दिनों में एक-दूसरे के साथ बिताए गए पलों को याद किया। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों और उपलब्धियों को भी साझा किया, जिससे सभी को एक-दूसरे के बारे में जानने का मौका मिला।
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सुनील जिंदल व तरसेम गर्ग ने बताया कि बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सबसे पहले, यह तय किया गया कि सभी साथियों के परिवारों को भी इस पहल से जोड़ा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य परिवारों में बढ़ती दूरियों को कम करना और बच्चों को भी आपस में परिचित कराना है, ताकि रिश्तों की डोर मजबूत हो सके।
इसके अलावा सभी साथियों ने मिलकर यह भी फैसला किया कि आने वाले समय में वे एक महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका भी निभाएंगे। इस संकल्प के तहत फाउंडेशन जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा, जिससे उन्हें बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिल सके। साथ ही स्कूल/कॉलेज के पुराने अध्यापकों को भी सम्मानित किया जाएगा। यह पहल न केवल पूर्व छात्रों के बीच संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी दर्शाएगी। बैठक में करीब 50 पुराने साथी उपस्थित हुए।
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इनमें कई अधिकारी और अनेक सफल बिजनेसमैन है। अनेक लोग डबवाली इलाके में तो कुछ लोग दूसरे शहरों में स्थापित हो चुके हैं। इन बचपन के साथियों को एक मंच पर लाने में नितिन गर्ग, हरीश अरोड़ा व डॉ. राकेश वधवा ने अहम भूमिका निभाई है। आनंद कैसल रिजॉर्ट में इस फाउंडेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।
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इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पुरानी यादों को ताजा करना और भविष्य की रूपरेखा तैयार करना था। सभी उपस्थित सदस्यों ने अपना व्यक्तिगत परिचय दिया और स्कूल/कॉलेज के दिनों में एक-दूसरे के साथ बिताए गए पलों को याद किया। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों और उपलब्धियों को भी साझा किया, जिससे सभी को एक-दूसरे के बारे में जानने का मौका मिला।
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सुनील जिंदल व तरसेम गर्ग ने बताया कि बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सबसे पहले, यह तय किया गया कि सभी साथियों के परिवारों को भी इस पहल से जोड़ा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य परिवारों में बढ़ती दूरियों को कम करना और बच्चों को भी आपस में परिचित कराना है, ताकि रिश्तों की डोर मजबूत हो सके।
इसके अलावा सभी साथियों ने मिलकर यह भी फैसला किया कि आने वाले समय में वे एक महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका भी निभाएंगे। इस संकल्प के तहत फाउंडेशन जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा, जिससे उन्हें बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिल सके। साथ ही स्कूल/कॉलेज के पुराने अध्यापकों को भी सम्मानित किया जाएगा। यह पहल न केवल पूर्व छात्रों के बीच संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी दर्शाएगी। बैठक में करीब 50 पुराने साथी उपस्थित हुए।