फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   50 years ago, students who were classmates in school formed Bachpan Ke Saathi Foundation

Sirsa News: 50 वर्ष पूर्व स्कूल में सहपाठी रहे छात्रों ने बनाई बचपन के साथी फाउंडेशन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Aug 2025 11:40 PM IST
विज्ञापन
50 years ago, students who were classmates in school formed Bachpan Ke Saathi Foundation
बचपन के साथी फाउंडेशन के नवनियुक्त सदस्य।
डबवाली। दोस्ती और सामाजिक सरोकार की एक अनोखी मिसाल पेश करते हुए डबवाली के राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल में करीब 50 वर्ष पूर्व मैट्रिक में साथ पढ़े पूर्व छात्रों ने मिलकर बचपन के साथी फाउंडेशन का गठन किया। इस नई संस्था में कॉलेज के 100 से अधिक पुराने सहपाठी एक साथ जुड़ चुके हैं, जो इस समय विभिन्न क्षेत्रों में सफलता पूर्वक कार्यरत हैं।
विज्ञापन

इनमें कई अधिकारी और अनेक सफल बिजनेसमैन है। अनेक लोग डबवाली इलाके में तो कुछ लोग दूसरे शहरों में स्थापित हो चुके हैं। इन बचपन के साथियों को एक मंच पर लाने में नितिन गर्ग, हरीश अरोड़ा व डॉ. राकेश वधवा ने अहम भूमिका निभाई है। आनंद कैसल रिजॉर्ट में इस फाउंडेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।
विज्ञापन

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पुरानी यादों को ताजा करना और भविष्य की रूपरेखा तैयार करना था। सभी उपस्थित सदस्यों ने अपना व्यक्तिगत परिचय दिया और स्कूल/कॉलेज के दिनों में एक-दूसरे के साथ बिताए गए पलों को याद किया। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों और उपलब्धियों को भी साझा किया, जिससे सभी को एक-दूसरे के बारे में जानने का मौका मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुनील जिंदल व तरसेम गर्ग ने बताया कि बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सबसे पहले, यह तय किया गया कि सभी साथियों के परिवारों को भी इस पहल से जोड़ा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य परिवारों में बढ़ती दूरियों को कम करना और बच्चों को भी आपस में परिचित कराना है, ताकि रिश्तों की डोर मजबूत हो सके।

इसके अलावा सभी साथियों ने मिलकर यह भी फैसला किया कि आने वाले समय में वे एक महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका भी निभाएंगे। इस संकल्प के तहत फाउंडेशन जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग प्रदान करेगा, जिससे उन्हें बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिल सके। साथ ही स्कूल/कॉलेज के पुराने अध्यापकों को भी सम्मानित किया जाएगा। यह पहल न केवल पूर्व छात्रों के बीच संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी दर्शाएगी। बैठक में करीब 50 पुराने साथी उपस्थित हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed