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नागरिक अस्पताल के ब्लैक फंगस वार्ड में पहुंचे पांच मरीज, चार संक्रमित मिलने पर अग्रोहा किया रैफर
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नागरिक अस्पताल के ब्लैक फंगस वार्ड में बीते 24 घंटों के दौरान पांच मरीज जांच करवाने के लिए पहुंचे। इनमें से चार मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो गई। जिसके बाद इन चारों को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इस तरह अब तक जिले में ब्लैक फंगस संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 57 तक पहुंच गया।
नागरिक अस्पताल में शनिवार को जांच करवाने के लिए पहुंचे एक मरीज की आंख खराब होने के पश्चात उसकी एंडोस्कोपी से जांच की गई तो ब्लैक फंगस संक्रमण की पुष्टि हुई। जबकि फतेहाबाद से आए मरीज के नाक में दिक्कत होने के बाद उसकी जांच की गई तो वह संक्रमित मिला। दोनों मरीजों को सिरसा से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। बीते दिन तीन में से दो मरीज ब्लैक फंगस से संक्रमित पाए गए और एक मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण न होने पर उन्हें कोविड वार्ड में भर्ती किया गया ।
सात दिन बाद भी नहीं आए मेडिकल उपकरण : ब्लैक फंगस के मरीजों की जांच और उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक सप्ताह पहले मुख्यालय से औजार व मशीनें मंगवाई गई थी। लेकिन अभी तक विभाग के पास कुछ मशीनें और औजार नहीं पहुंचे हैं। मशीनें के पार्ट पूरे न होने के कारण मरीजों की जांच नहीं हो पा रही। जिसके कारण मरीजों में शुरूआती लक्षण मिलते ही डॉक्टरों की ओर से मरीजों को रैफर कर दिया जाता है। हालांकि अभी तक मरीजों की दवाईयां भी अस्पताल में नहीं मिल रही।
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आंख, नाक व मुंह में दिक्कत तो उमंग सेंटर में कराएं जांच : नागरिक और निजी अस्पतालों में जांच करवाने के लिए पहुंचने वाले मरीज अंतिम स्टेज में ही अस्पताल में पहुंच रहे है। कोरोना से ठीक होने के पांच दिन पश्चात मरीज नागरिक अस्पताल में बने उमंग सेंटर में जांच करवाने के लिए पहुंच सकते हैं। 15 दिनों तक मरीज के मुंह, नाक और आंख में किसी तरह की दिक्कत आती है तो मरीज इसकी जांच अवश्य करवाएं। नागरिक अस्पताल में पहुंच चार मरीज भी अंतिम स्टेज में पहुंचने के बाद ही जांच करवाने के लिए अस्पताल में पहुंचे थे। जिसके कारण मरीजों को सिरसा से रेफर कर दिया गया।
अस्पतालों में जिन मरीजों का कोरोना का इलाज हुआ था वह मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज होने के पांच दिन बाद अवश्य जांच करवाने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे। डिस्चार्ज होने के 15 दिनों के अंदर मरीज को नाक में पपड़ी जमने, नाक बंद होने, आंख में दर्द होने आंख बंद होने, मुंह में दर्द होने और अन्य किसी तरह की परेशानी आती है तो मरीज जांच करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंच सकते हैं। -डॉ. पंकज, इंचार्ज, ब्लैक फंगस वार्ड, नागरिक अस्पताल, सिरसा।
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नागरिक अस्पताल में शनिवार को जांच करवाने के लिए पहुंचे एक मरीज की आंख खराब होने के पश्चात उसकी एंडोस्कोपी से जांच की गई तो ब्लैक फंगस संक्रमण की पुष्टि हुई। जबकि फतेहाबाद से आए मरीज के नाक में दिक्कत होने के बाद उसकी जांच की गई तो वह संक्रमित मिला। दोनों मरीजों को सिरसा से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। बीते दिन तीन में से दो मरीज ब्लैक फंगस से संक्रमित पाए गए और एक मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण न होने पर उन्हें कोविड वार्ड में भर्ती किया गया ।
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सात दिन बाद भी नहीं आए मेडिकल उपकरण : ब्लैक फंगस के मरीजों की जांच और उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक सप्ताह पहले मुख्यालय से औजार व मशीनें मंगवाई गई थी। लेकिन अभी तक विभाग के पास कुछ मशीनें और औजार नहीं पहुंचे हैं। मशीनें के पार्ट पूरे न होने के कारण मरीजों की जांच नहीं हो पा रही। जिसके कारण मरीजों में शुरूआती लक्षण मिलते ही डॉक्टरों की ओर से मरीजों को रैफर कर दिया जाता है। हालांकि अभी तक मरीजों की दवाईयां भी अस्पताल में नहीं मिल रही।
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आंख, नाक व मुंह में दिक्कत तो उमंग सेंटर में कराएं जांच : नागरिक और निजी अस्पतालों में जांच करवाने के लिए पहुंचने वाले मरीज अंतिम स्टेज में ही अस्पताल में पहुंच रहे है। कोरोना से ठीक होने के पांच दिन पश्चात मरीज नागरिक अस्पताल में बने उमंग सेंटर में जांच करवाने के लिए पहुंच सकते हैं। 15 दिनों तक मरीज के मुंह, नाक और आंख में किसी तरह की दिक्कत आती है तो मरीज इसकी जांच अवश्य करवाएं। नागरिक अस्पताल में पहुंच चार मरीज भी अंतिम स्टेज में पहुंचने के बाद ही जांच करवाने के लिए अस्पताल में पहुंचे थे। जिसके कारण मरीजों को सिरसा से रेफर कर दिया गया।
अस्पतालों में जिन मरीजों का कोरोना का इलाज हुआ था वह मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज होने के पांच दिन बाद अवश्य जांच करवाने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे। डिस्चार्ज होने के 15 दिनों के अंदर मरीज को नाक में पपड़ी जमने, नाक बंद होने, आंख में दर्द होने आंख बंद होने, मुंह में दर्द होने और अन्य किसी तरह की परेशानी आती है तो मरीज जांच करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंच सकते हैं। -डॉ. पंकज, इंचार्ज, ब्लैक फंगस वार्ड, नागरिक अस्पताल, सिरसा।