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गांव कालांवाली के किसानों ने किया गिरदावरी डालने का विरोध
Updated Sun, 22 Jul 2018 11:16 PM IST
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गिरदावरी करने के विरोध में किया प्रदर्शन
कालांवाली। चोरमार माइनर पर लगे मोघे टूटने के चलते कालांवाली गांव के किसानों पर नहरी विभाग द्वारा गिरदावरी करने का किसानोंने विरोध किया। किसानों ने विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रोष जताया।
गांव कालांवाली के किसान हरबंस सिंह, सतनाम सिंह, रूप सिंह, सुखमंद्र सिंह, दारा सिंह, नक्षतर सिंह, बलकौर सिंह, महेंद्र सिंह, जगसीर सिंह, गुरदेव सिंह,राजेंद्र सिंह, जंटा सिंह ने बताया कि 15 जुलाई को माइनर में पानी आया तो उस समय पानी ज्यादा आने के कारण पानी मोघे के साथ से निकलने लगा था जिसकी सूचना उन्होंने खुद विभाग के जेई विनय कुमार व बेलदार सुभाष को दी थी। सूचना देने के सप्ताह बाद भी मोघों की स्थिति ज्यों की त्यों है। उन्होंने बताया कि चार दिन पूर्व चोरमार के किसानों ने मोघों के किनारों से पानी निकलने को लेकर रोष जताया था। नहरी विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर नहरी पटवारी द्वारा शनिवार को मौका देखकर उक्त क्षेत्र के कुछ किसानों की जमीन की गिरदावरी करवाई गई ताकि उनसे जुर्माना (तमान) वसूल किया जा सके। जोकि सरासर अन्याय है। किसानों ने बताया कि नहरी विभाग की लापरवाही के कारण माइनर में घास-फूंस उगा हुआ है और मोघों की कोई देखभाल नहीं की जाती जिस कारण माइनर में पानी ज्यादा आने की स्थिति में पानी मोघों की साइडों से बाहर निकलता है। किसानों ने कहा कि वह उक्त मामले को लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलेंगे।
वह कुछ दिनों से ट्रेनिंग पर थे। उनके पास भी उक्त मामले को लेकर किसानों के फोन आए थे। उन्होंने कहा कि माइनर की सफाई न होने के कारण उक्त स्थिति पैदा होती है। जमीन की गिरदावरी विभाग के पटवारी ने की है वहीं बता सकते है कि कितने किसानों की जमीन की गिरदावरी की गई है।
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विनय कुमार जेई, नहरी विभाग
फोटो- 19
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कालांवाली। चोरमार माइनर पर लगे मोघे टूटने के चलते कालांवाली गांव के किसानों पर नहरी विभाग द्वारा गिरदावरी करने का किसानोंने विरोध किया। किसानों ने विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रोष जताया।
गांव कालांवाली के किसान हरबंस सिंह, सतनाम सिंह, रूप सिंह, सुखमंद्र सिंह, दारा सिंह, नक्षतर सिंह, बलकौर सिंह, महेंद्र सिंह, जगसीर सिंह, गुरदेव सिंह,राजेंद्र सिंह, जंटा सिंह ने बताया कि 15 जुलाई को माइनर में पानी आया तो उस समय पानी ज्यादा आने के कारण पानी मोघे के साथ से निकलने लगा था जिसकी सूचना उन्होंने खुद विभाग के जेई विनय कुमार व बेलदार सुभाष को दी थी। सूचना देने के सप्ताह बाद भी मोघों की स्थिति ज्यों की त्यों है। उन्होंने बताया कि चार दिन पूर्व चोरमार के किसानों ने मोघों के किनारों से पानी निकलने को लेकर रोष जताया था। नहरी विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर नहरी पटवारी द्वारा शनिवार को मौका देखकर उक्त क्षेत्र के कुछ किसानों की जमीन की गिरदावरी करवाई गई ताकि उनसे जुर्माना (तमान) वसूल किया जा सके। जोकि सरासर अन्याय है। किसानों ने बताया कि नहरी विभाग की लापरवाही के कारण माइनर में घास-फूंस उगा हुआ है और मोघों की कोई देखभाल नहीं की जाती जिस कारण माइनर में पानी ज्यादा आने की स्थिति में पानी मोघों की साइडों से बाहर निकलता है। किसानों ने कहा कि वह उक्त मामले को लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलेंगे।
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वह कुछ दिनों से ट्रेनिंग पर थे। उनके पास भी उक्त मामले को लेकर किसानों के फोन आए थे। उन्होंने कहा कि माइनर की सफाई न होने के कारण उक्त स्थिति पैदा होती है। जमीन की गिरदावरी विभाग के पटवारी ने की है वहीं बता सकते है कि कितने किसानों की जमीन की गिरदावरी की गई है।
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विनय कुमार जेई, नहरी विभाग
फोटो- 19