{"_id":"5b05bc364f1c1b1a5e8b6a53","slug":"41527102518-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकायुक्त के निर्देश पर अनाज मंडी में मार्किट कमेटी ने दुकानों के बरामदे में बनाई दीवारे तुड़वाई, आढ़तियों और अतिक्रमण दस्ते में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकायुक्त के निर्देश पर अनाज मंडी में मार्किट कमेटी ने दुकानों के बरामदे में बनाई दीवारे तुड़वाई, आढ़तियों और अतिक्रमण दस्ते में
Updated Thu, 24 May 2018 12:38 AM IST
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सिरसा। मार्केट कमेटी सिरसा ने बुधवार शहर की अनाजमंडी में दुकानों के आगे बरामदों में किए गए अतिक्रमण को हटाने का अभियान शुरू किया। यह अभियान लोकायुक्त के आदेश पर शुरू हुआ। अभियान शाम तक चलता रहा। इस दौरान आढ़तियों और मार्केट कमेटी अधिकारियों में काफी बहस हुई। आढ़तियों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। अभियान के तहत बरामदों के बीच बनाई गई दीवारों को तोड़ने और हटाने का काम शाम तक चलता रहा। हालांकि कुछ आढ़तियों ने इस कार्रवाई का विरोध भी किया। कई जगहों पर आढ़तियों और अधिकारियों के बीच तू तू मैं मैं भी हुई।
प्रशासन ने इस कार्रवाई के लिए तहसीलदार सिरसा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। मंडी के एक दुकानदार धर्मपाल ने इस पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त के पास की हुई है। लोकायुक्त में इस मामले की सुनवाई 15 अप्रैल को थी। जिसमें मार्केटिंग बोर्ड के सीईओ हाजिर हुए थे। उस तारीख पर लोकायुक्त ने बरामदों में किए गए अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए थे और दो माह में रिपोर्ट मांगी थी।
ड्यूटी मैजिस्ट्रेट तहसीलदार संजय चौधरी और मार्केट कमेटी के सचिव परमजीत सिंह नांदल के निर्देश पर जेसीबी से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। अधिकारी जब दुकान नंबर 39 में फर्म नंदराम, रामस्वरूप पर पहुंचे तो फर्म संचालकों ने उनकी इस कार्रवाई का विरोध किया। काफी नोकझोंक हुई। लेकिन कमेटी अधिकारियों ने लोकायुक्त के निर्देशों का हवाला देकर बरामदे में की हुई छोटी दीवार को तुड़वा दिया। तत्पश्चात कुछ दुकानदारों ने खुद ही अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया। जिस पर अधिकारी संतुष्ट भी हो गए। उन्होंने बरामदों को बंद करने के लिए बनाई गई दीवारों को तोड़ना शुरू कर दिया।
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प्याऊ को तोड़ने पर बिगड़ा मामला
अधिकारियों ने आढ़तियों को दुकानों के आगे रखी खाद और पेस्टीसाइड को भी हटाने के निर्देश दिए। इस कार्य में आढ़तियों ने भी सहयोग किया। मगर मामला दुकान नंबर 79 व 81 के आगे तनावपूर्ण हो गया। दुकान नंबर 79 के आगे बनी प्याऊ को तोड़ने पर आढ़तियों ने विरोध किया। जब काफिला दुकान नंबर 81 पर पहुंचा तो कर्मचारियों ने वहां खड़ी एक कार व ट्रैक्टर-ट्राली को हटाने के लिए कहा। इस पर आढ़ती ने कहा कि ट्रैक्टर-ट्राली किसान की है जो बाजार गया है। चाबी किसान के पास है। इतना सुनते ही कमेटी के सुपरवाइजर ने धमकी देते हुए कहा कि यदि कार व ट्रैक्टर-ट्राली को नहीं हटाया तो वे जेसीबी से उठाकर ले जाएंगे। तब आढ़तियों की नाराजगी बढ़ गई और मार्केट कमेटी सपुरवाइजर को चुनौती दी कि हिम्मत है तो उठाकर दिखाओ। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। कई आढ़ती मौके पर एकत्र हो गए।
इनेलो और कांग्रेसी नेता भी पहुंचे
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र मिचनाबादी, इनेलो जिलाध्यक्ष पदम जैन, महावीर शर्मा भी मौके पर आ गए। आढ़तियों ने कहा कि बरामदों में बनी हुई दीवारों को आढ़ती खुद ही हटा रहे हैं, ऐसे में वाहनों को उठाने की धमकी देना सहन नहीं किया जाएगा। क्योंकि आढ़ती अपनी दुकान के आगे कार व अन्य वाहन को खड़ा न करें तो कहां करें। हालांकि अधिकारियों ने बीच-बचाव करके मामले को शांत करा दिया। आढ़तियों ने एक-दो घंटे की मोहलत मांगी और कहा कि वे खुद ही दीवारों को हटा देंगे। शाम को कांग्रेसी नेता होशियारी लाल शर्मा भी इस कार्रवाई के विरोध में आढ़तियों के बीच पहुंच गए। देर शाम आढ़तियों और मार्केट कमेटी अधिकारियों के बीच सहमति बनी। आढ़तियों ने अधिकारियों से सोमवार तक खुद ही अतिक्रमण हटाने का वायदा किया। जिस पर अधिकारी भी सहमत हो गए।
बगैर नोटिस दिए की कार्रवाई: मिचनाबादी
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र मिचनाबादी ने कहा कि मंडी का निर्माण 1962 में हुआ था। तब से अब तक कई बार सड़कों का निर्माण हुआ। सड़के ऊंची हुई तो आढ़तियों ने भी दुकानों के लेवल को उपर उठा दिया। मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने बिना नोटिस दिए कार्रवाई की है। ऐसे में कौन आढ़ती एकाएक तोड़फोड़ करने से नाराज नहीं होगा।
76 आढ़तियों को नोटिस जारी किया था : सचिव
मार्केट कमेटी के सचिव परमजीत सिंह नांदल का कहना है कि दो महीने पहले हमने 76 आढ़तियों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया था। लोकायुक्त में मामला चल रहा है। लेकिन आढ़तियों ने अतिक्रमण नहीं हटाए। अतिक्रमण से किसान भी परेशान हैं। इसलिए यह कार्रवाई की गई। अब सोमवार तक आढ़ती खुद ही अतिक्रमण हटाने के लिए सहमत हुए हैं।
प्रशासन ने इस कार्रवाई के लिए तहसीलदार सिरसा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। मंडी के एक दुकानदार धर्मपाल ने इस पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त के पास की हुई है। लोकायुक्त में इस मामले की सुनवाई 15 अप्रैल को थी। जिसमें मार्केटिंग बोर्ड के सीईओ हाजिर हुए थे। उस तारीख पर लोकायुक्त ने बरामदों में किए गए अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए थे और दो माह में रिपोर्ट मांगी थी।
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ड्यूटी मैजिस्ट्रेट तहसीलदार संजय चौधरी और मार्केट कमेटी के सचिव परमजीत सिंह नांदल के निर्देश पर जेसीबी से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया। अधिकारी जब दुकान नंबर 39 में फर्म नंदराम, रामस्वरूप पर पहुंचे तो फर्म संचालकों ने उनकी इस कार्रवाई का विरोध किया। काफी नोकझोंक हुई। लेकिन कमेटी अधिकारियों ने लोकायुक्त के निर्देशों का हवाला देकर बरामदे में की हुई छोटी दीवार को तुड़वा दिया। तत्पश्चात कुछ दुकानदारों ने खुद ही अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया। जिस पर अधिकारी संतुष्ट भी हो गए। उन्होंने बरामदों को बंद करने के लिए बनाई गई दीवारों को तोड़ना शुरू कर दिया।
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प्याऊ को तोड़ने पर बिगड़ा मामला
अधिकारियों ने आढ़तियों को दुकानों के आगे रखी खाद और पेस्टीसाइड को भी हटाने के निर्देश दिए। इस कार्य में आढ़तियों ने भी सहयोग किया। मगर मामला दुकान नंबर 79 व 81 के आगे तनावपूर्ण हो गया। दुकान नंबर 79 के आगे बनी प्याऊ को तोड़ने पर आढ़तियों ने विरोध किया। जब काफिला दुकान नंबर 81 पर पहुंचा तो कर्मचारियों ने वहां खड़ी एक कार व ट्रैक्टर-ट्राली को हटाने के लिए कहा। इस पर आढ़ती ने कहा कि ट्रैक्टर-ट्राली किसान की है जो बाजार गया है। चाबी किसान के पास है। इतना सुनते ही कमेटी के सुपरवाइजर ने धमकी देते हुए कहा कि यदि कार व ट्रैक्टर-ट्राली को नहीं हटाया तो वे जेसीबी से उठाकर ले जाएंगे। तब आढ़तियों की नाराजगी बढ़ गई और मार्केट कमेटी सपुरवाइजर को चुनौती दी कि हिम्मत है तो उठाकर दिखाओ। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। कई आढ़ती मौके पर एकत्र हो गए।
इनेलो और कांग्रेसी नेता भी पहुंचे
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र मिचनाबादी, इनेलो जिलाध्यक्ष पदम जैन, महावीर शर्मा भी मौके पर आ गए। आढ़तियों ने कहा कि बरामदों में बनी हुई दीवारों को आढ़ती खुद ही हटा रहे हैं, ऐसे में वाहनों को उठाने की धमकी देना सहन नहीं किया जाएगा। क्योंकि आढ़ती अपनी दुकान के आगे कार व अन्य वाहन को खड़ा न करें तो कहां करें। हालांकि अधिकारियों ने बीच-बचाव करके मामले को शांत करा दिया। आढ़तियों ने एक-दो घंटे की मोहलत मांगी और कहा कि वे खुद ही दीवारों को हटा देंगे। शाम को कांग्रेसी नेता होशियारी लाल शर्मा भी इस कार्रवाई के विरोध में आढ़तियों के बीच पहुंच गए। देर शाम आढ़तियों और मार्केट कमेटी अधिकारियों के बीच सहमति बनी। आढ़तियों ने अधिकारियों से सोमवार तक खुद ही अतिक्रमण हटाने का वायदा किया। जिस पर अधिकारी भी सहमत हो गए।
बगैर नोटिस दिए की कार्रवाई: मिचनाबादी
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र मिचनाबादी ने कहा कि मंडी का निर्माण 1962 में हुआ था। तब से अब तक कई बार सड़कों का निर्माण हुआ। सड़के ऊंची हुई तो आढ़तियों ने भी दुकानों के लेवल को उपर उठा दिया। मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने बिना नोटिस दिए कार्रवाई की है। ऐसे में कौन आढ़ती एकाएक तोड़फोड़ करने से नाराज नहीं होगा।
76 आढ़तियों को नोटिस जारी किया था : सचिव
मार्केट कमेटी के सचिव परमजीत सिंह नांदल का कहना है कि दो महीने पहले हमने 76 आढ़तियों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया था। लोकायुक्त में मामला चल रहा है। लेकिन आढ़तियों ने अतिक्रमण नहीं हटाए। अतिक्रमण से किसान भी परेशान हैं। इसलिए यह कार्रवाई की गई। अब सोमवार तक आढ़ती खुद ही अतिक्रमण हटाने के लिए सहमत हुए हैं।