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एसकेएस ने प्रदर्शन कर उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
Updated Wed, 28 Mar 2018 12:43 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
सर्व कर्मचारी संघ के सदस्यों ने मंगलवार को पड़ाव के सातवें दिन प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में सीटीएएम एक ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भीतर जान से रोका तो कई प्रदर्शनकारी सड़क पर ही लेट गए और नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में सीटीएम डॉ. वेद बैनीवाल ने मौके पर आकर ज्ञापन लिया।
कर्मचारी पिछले छह दिन से लगातार लघु सचिवालय में ही पड़ाव डाले हुए थे। प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन के जिला प्रधान मदनलाल खोथ ने की। जिला प्रधान ने बताया कि वे पिछले काफी समय से कर्मचारियों की मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सरकार उनकी मांगों की ओर गौर नहीं कर रही है। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों बारे जिनमें कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, समान काम समान वेतन, पुरानी पेंशन बहाली व सातवें वेतन ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व कर्मचारियों से लोक लुभावने अनेक वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार अपने वादों से मुकर गई और कर्मचारियों को प्रताड़ित करने में जुटी हुई है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व दो लाख लोगों को रोजगार देने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और पंजाब के समान वेतनमान देने के वादे किए थे, लेकिन सरकार वायदों के विपरीत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि एक आजाद देश में एक जैसा काम करने वालों को अलग-अलग वेतन देना बंधुआ मजदूरी जैसा है। यह गेस्ट टीचरों, कंप्यूटर टीचरों, पार्ट टाइम स्वीपरों, बिजली बोर्ड, नगरपालिका, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोडवेज विभाग, एनएचएम, पशुपालन, पटवार, आईटीआई के इंस्ट्रक्टरों आदि के रूप में सभी विभागों में युवाओं का शोषण किया जा रहा है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में जींद में 29-30 अप्रैल को ललकार रैली की जाएगी। इस मौके पर बलबीर सिंह, जरनैल सिंह, सतपाल सिंह, परुषोत्तम शास्त्री, राजेश और सुखबीर ने संबोधित किया।
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इस बाद प्रदर्शनकारी उपायुक्त को ज्ञापन देेने लिए धरनास्थल से कार्यालय की ओर रवाना हुए तो लघु सचिवालय के गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने गेट बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों को कहा गया कि पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी ज्ञापन देने जा सकता है पर कर्मचारी अंदर जाने लगे तो गेट बंद कर दिया। प्रदर्शनकारी गेट पर ही लेट गए और नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में नगराधीश वेद बैनीवाल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेकर आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन सीएम तक पहुंचा दिया जाएगा।
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सर्व कर्मचारी संघ के सदस्यों ने मंगलवार को पड़ाव के सातवें दिन प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में सीटीएएम एक ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भीतर जान से रोका तो कई प्रदर्शनकारी सड़क पर ही लेट गए और नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में सीटीएम डॉ. वेद बैनीवाल ने मौके पर आकर ज्ञापन लिया।
कर्मचारी पिछले छह दिन से लगातार लघु सचिवालय में ही पड़ाव डाले हुए थे। प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन के जिला प्रधान मदनलाल खोथ ने की। जिला प्रधान ने बताया कि वे पिछले काफी समय से कर्मचारियों की मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी तक सरकार उनकी मांगों की ओर गौर नहीं कर रही है। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों बारे जिनमें कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, समान काम समान वेतन, पुरानी पेंशन बहाली व सातवें वेतन ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व कर्मचारियों से लोक लुभावने अनेक वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार अपने वादों से मुकर गई और कर्मचारियों को प्रताड़ित करने में जुटी हुई है।
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उन्होंने बताया कि सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व दो लाख लोगों को रोजगार देने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और पंजाब के समान वेतनमान देने के वादे किए थे, लेकिन सरकार वायदों के विपरीत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि एक आजाद देश में एक जैसा काम करने वालों को अलग-अलग वेतन देना बंधुआ मजदूरी जैसा है। यह गेस्ट टीचरों, कंप्यूटर टीचरों, पार्ट टाइम स्वीपरों, बिजली बोर्ड, नगरपालिका, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोडवेज विभाग, एनएचएम, पशुपालन, पटवार, आईटीआई के इंस्ट्रक्टरों आदि के रूप में सभी विभागों में युवाओं का शोषण किया जा रहा है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में जींद में 29-30 अप्रैल को ललकार रैली की जाएगी। इस मौके पर बलबीर सिंह, जरनैल सिंह, सतपाल सिंह, परुषोत्तम शास्त्री, राजेश और सुखबीर ने संबोधित किया।
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इस बाद प्रदर्शनकारी उपायुक्त को ज्ञापन देेने लिए धरनास्थल से कार्यालय की ओर रवाना हुए तो लघु सचिवालय के गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने गेट बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों को कहा गया कि पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी ज्ञापन देने जा सकता है पर कर्मचारी अंदर जाने लगे तो गेट बंद कर दिया। प्रदर्शनकारी गेट पर ही लेट गए और नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में नगराधीश वेद बैनीवाल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेकर आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन सीएम तक पहुंचा दिया जाएगा।