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उपभोक्ताओं के जी का जंजाल बनीं पॉश मशीनें,

Fri, 22 Dec 2017 01:37 AM IST
Updated Fri, 22 Dec 2017 01:37 AM IST
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उपभोक्ताओं के जी का जंजाल बनीं पॉश मशीनें,
उपभोक्ताओं के जी का जंजाल बनीं पॉश मशीनें,
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राशन को भटक रहे उपभोक्ता
दस प्रतिशत से अधिक मशीनें बंद, न नेटवर्क और नहीं मिल रहे अंगूठे के निशान
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सस्ती दर का राशन वितरण में धांधली रोकने के लिए किए गए उपाय जी का जंजाल बनते जा रहे हैं। सरकार ने जिन कंपनियों और संस्थानों के माध्यम से राशन वितरण का अनुबंध किया, वे जमीनी स्तर पर समुचित सेवाएं ही प्रदान नहीं कर पा रहे हैं। लोग राशन के लिए डिपो पर चक्कर लगा रहे हैं। डिपो होल्डर कभी नेटवर्क न होने और कभी उपभोक्ता के अंगूठे का निशान का मिलान न होने की वजह से उपभोक्ताओं को बैरंग लौटा रहे हैं।
सरकार द्वारा प्रदेश भर में राशन वितरण पॉश मशीनों के माध्यम से किया जा रहा है। ये मशीनें इंटरनेट से जुड़ी हैं। आइडिया कंपनी से इस बाबत टाईअप किया गया है। लगभग 570 पोस्टपेड कनेक्शन लिए गए हैं, लेकिन इस कंपनी का अनेक एरिया में नेटवर्क ही नहीं है। ऐसे में पॉश मशीनें खिलौना साबित हो रही हैं। रही-सही कसर इस कार्य के लिए नए वर्जन ने पूरी कर दी है। इस कार्य के लिए आरडी वर्जन डाला जा रहा है, जोकि काम नहीं कर रहा। दिसंबर माह का तीसरा सप्ताह समाप्त होने को है और पीले-गुलाबी राशनकार्ड धारक सस्ती दर के राशन के लिए भटक रहे हैं।
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गेहूं का इंतजार
गरीब परिवारों को डिपो से मिलने वाले गेहूं का इंतजार रहता है। सरकार द्वारा ऐसे परिवारों को 35 किलो गेहूं दो रुपये प्रति किलो की दर पर दिया जाता है। गेहूं की इतनी मात्रा से परिवार का गुजारा चल जाता है। इन दिनों नेटवर्क की समस्या आ रही है और गेहूं वितरित नहीं हो रही। ऐसे में गरीब परिवार बाजार का 25 रुपये प्रति किलो वाला आटा या बाजार से 20 रुपये किलो गेहूं खरीदने की स्थिति में नहीं है। वे डिपो से कनक मिलने का इंतजार कर रहे है।
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अधिकतर पॉश मशीनें हुई बंद
राशन वितरण के लिए डिपो होल्डरों को दी गई अधिकतर पॉश मशीनें बंद हो चुकी है, जिसके कारण राशन वितरण में दिक्कत आ रही है। ग्रामीण इलाकों में तो नेटवर्क की समस्या आ रही है और अनेक जगह पर अंगूठे के निशानों का मिलान नहीं हो रहा। कंपनी के 50 से अधिक सिम बंद पडे़ हैं।

570 मशीनें, दो इंजीनियर
पॉश मशीनों में आ रही दिक्कत और आरडी वर्जन की समस्या के समाधान के लिए कंपनी की ओर से महज दो इंजीनियर ही सिरसा जिला में नियुक्त किए गए हैं। इंजीनियर रवि कुमार गुर्जर और महेश सैनी समस्या दूर करने की कोशिश अवश्य कर रहे हैं, लेकिन वे भी मानते है कि पीछे से ही दिक्कत आ रही है। कंपनी की ओर से आरडी वर्जन में तकनीकी दिक्कत है। समस्या सिरसा के सभी ब्लॉक में है, ऐसे में दो ही लोगों के भरोसे आखिर समस्या का समाधान कब तक होगा और कब लोगों को सस्ती दर का राशन मिल पाएगा।

कंपनी को चेताया : एएफएसओ
सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी जगत पाल ने बताया कि समस्या के समाधान बारे दो दिन पूर्व ही कंपनी के अधिकारियों को तलब किया गया था। उन्हें समस्या के समाधान के लिए चेताया गया है। उन्होंने बताया कि पूरी टीम समस्या के समाधान में जुटी हुई है, शीघ्र ही समाधान किया जाएगा।

डिपो होल्डर परेशान
पॉश मशीनों में आ रही दिक्कत से हर डिपो होल्डर परेशान हैं। वर्षा रानी प्रेमनगर, नरेश सैनी चत्तरगढ़पट्टी, भूपेंद्र कुमार नागोकी, नरेलखेड़ा, पतली डाबर, मौजूखेड़ा, बग्गुवाली और अन्य ने बताया कि एक तरफ मशीनें काम नहीं कर रहीं। दूसरी ओर लोग बार-बार चक्कर लगा रहे है। अनेक लोग तो धमकाने और गाली-गलौच तक आमादा हो जाते हैं।


हर हाल में बंटवाएंगे राशन : अशोक बांसल
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अशोक बांसल ने बताया कि समस्या उनके संज्ञान में आई है। समस्या के समाधान बारे हिदायत दी जा चुकी है। जल्द ही समाधान होगा और हर हाल में सस्ती दर का राशन बंटवाया जाएगा, किसी को भी दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
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