फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   24 teams formed for protection of Ghaggar dam, area divided into eight sectors

घग्गर के बाध की सुरक्षा के लिए 24 टीम गठित, आठ सेक्टरों में बांटा क्षेत्र

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jul 2022 11:18 PM IST
विज्ञापन
24 teams formed for protection of Ghaggar dam, area divided into eight sectors
ओटू हेड से खोदाई कर मिट्टी निकालते किसान। - फोटो : Sirsa
सिरसा। मानसून शुरू होने के बाद अब घग्गर नदी में भी जल्द पानी आने की उम्मीद है। इसके चलते प्रशासन की ओर से पहले ही नदी के तटबंधों की मरम्मत व साफ सफाई का काम पूरा करवा लिया गया है। सिंचाई विभाग की घग्गर ब्रांच की ओर से 24 टीमों का गठन किया गया है, जोकि दिनरात बांधों का निरीक्षण करेंगी। इसके लिए विभाग की ओर से टीमों को उपकरण भी मुहैया करवाए गए हैं।
विज्ञापन

सिरसा से करीब 90 किलोमीटर घग्गर नदी गुजरती है। ऐसे में सिंचाई विभाग की ओर से फरवाई से लेकर ऐलनाबाद के राजस्थान साइफल तक घग्गर को आठ भागों में बांटा गया है। प्रत्येक भाग में तीन टीमें तैनात रहेंगी और 24 घंटे घग्गर नदी के तटबंधों का निरीक्षण करेंगी। हालांकि इसे पहले उपायुक्त सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी भी घग्गर नदी की स्थिति का निरीक्षण कर चुके है। ऐसे में अब घग्गर नदी के पेड़ की कटाई व सफाई का काम कराया जा रहा है। बात दे कि 15 जुलाई के बाद ही घग्गर नदी में पानी आने की उम्मीद है। ऐसे में विभाग की ओर से पहले से ही हर प्रकार की तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। ताकि जब बारिश का पानी घग्गर नदी में आते तो बांधों के टूटने के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा न हो सके।
विज्ञापन

-------
ओटू हेड के गेटों की हो रही है मरम्मत
रानियां रोड स्थित ओटू हेड में विभाग की ओर पहले घग्गर नदी के पानी को एकत्र किया जाता है और इसके बाद अलग-अलग चैनलों व नहरों में पानी को क्षमता अनुसार छोड़ा जाता है। ताकि किसान उस पानी से खेतों की सिंचाई कर सके। ऐसे में जब पानी क्षमता से अधिक बढ़ता है तो उसे राजस्थान की तरफ छोड़ दिया जाता है। इसके लिए अब विभाग की ओर से ओटू हेड में लगे सभी गेटों की मरम्मत करने का कार्य भी किया जा रहा है। इस सभी गेटों को खोल कर उसकी जांच की जा रही है ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से खोला जा सके और किसी तरह की तकनीकी खराबी न आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन नहरों में छोड़ा जाता है घग्गर से आने वाला पानी
ओटू हेड में पानी की क्षमता बढ़ने के बाद उसे शेरांवाली, एनजीसी ऑनलाइन, एनजीसी लाइन, नार्थ घग्गर कैनाल, मंगला माइनर, कसाबा माइनर में छोड़ा जाता है। जिससे जिले के करीब 100 से अधिक गांवों तक पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में किसानों को इसका काफी लाभ मिलता है। किसानों की ओर से नरमे, धान व अन्य फसलों की सिंचाई इसी पानी से की जाती है। चोपटा और ऐलनाबाद क्षेत्र में पानी की सबसे अधिक किल्लत रहती है। ऐसे में घग्गर के पानी से किसानों को राहत मिलती है।

वर्जन
घग्गर नदी के तटबंधों को मजबूत कर लिया गया है। इसके लिए 24 टीमों को तैनात किया जाएगा, जोकि 24 घंटे घग्गर नदी के तटबंधों पर गश्त करेंगे। अगर स्थिति खराब होती है ग्रामीणों का सहारा लिया जाएगा। उपायुक्त की ओर से भी घग्गर नदी का निरीक्षण किया जा चुका है। साफ सफाई का कार्य पूरा हो चुका है। जहां पर तटबंध कमजोर थे वहां मिट्टी डलवा कर ठीक कर दिया गया है। -अदीप हुड्डा, एक्सईएएन, घग्गर ब्रांच सिरसा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed