फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   2226 shops of seed and fertilizer sellers remained closed in the district in protest against the new law

Sirsa News: नए कानून के विरोध में जिलेभर में बंद रहीं बीज व खाद विक्रेताओं की 2226 दुकानें

Tue, 08 Apr 2025 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 08 Apr 2025 12:04 AM IST
विज्ञापन
2226 shops of seed and fertilizer sellers remained closed in the district in protest against the new law
 नए कानून के विरोध में अनाज मंडी में बंद पड़ी बीज व खाद की दुकानें।
सिरसा। हरियाणा सरकार के सीड्स व पेस्टिसाइड्स एक्ट 2025 पर लागू नियमों के विरोध में सोमवार को जिलेभर के बीज व खाद विक्रेताओं ने हड़ताल की। इस दौरान जिलेभर में बीज व खाद की 2226 दुकानों पर ताला लटका रहा। इनमें सिरसा की 300 दुकानें शामिल थीं।
विज्ञापन


सीड एंड पेस्टिसाइड डीलर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान राधे गांधी ने बताया कि नए कानून में अर्थदंड एवं कारावास के प्रावधान कड़े किए गए हैं। ये कानून बीज उत्पादक, विक्रेता एवं कीटनाशक निर्माता और विक्रेताओं की आपत्तियां सुने बिना पास किया गया है। निर्दोष विक्रेता के लिए गैर जमानती और संज्ञेय अपराध की श्रेणी व पुलिस हस्तक्षेप चिंता का विषय है। जो गलत काम करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष को सजा मिले, ये सही नहीं है।
विज्ञापन


इसलिए प्रदेश सरकार से नए एक्ट को पूरी तरह से खत्म करने की मांग है। उन्होंने बताया कि बीज में किसी प्रकार की कोई खामियां होती है, तो वह प्रोड्यूसर का काम होता है। डीलर सिर्फ किसान और प्रोड्यूसर के बीच की कड़ी होता है। अब अगर ऐसे में किसी भी प्रकार की खामियां पाई जाती है, तो डीलर को दंड भुगतना पड़ेगा। इसी के विरोध में प्रदेश स्तर पर सात दिन की हड़ताल का आह्वान किया गया है, लेकिन सिरसा जिले में आज सांकेतिक हड़ताल की गई है, क्योंकि सिरसा जिले के डीलर्स की कई मजबूरियां हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सिरसा जिला पंजाब व राजस्थान बॉर्डर से सटा है। अगर हम यहां ज्यादा दिन तक दुकान बंद रखते हैं तो इससे हमारी बिक्री प्रभावित होती है। इसका फायदा पंजाब व राजस्थान के डीलर्स को होगा।





सिरसा एसोसिएशन सात दिन की हड़ताल नहीं करेगी

एसोसिएशन के जिला प्रधान राधे गांधी का कहना है कि प्रदेश में कॉटन की बेल्ट सिरसा व फतेहाबाद ही है। कॉटन के बीज की बिक्री शुरू हो चुकी है। इसलिए हमें विशेष परिस्थितियों में विशेष निर्णय लेने पड़ेंगे। प्रधान का कहना है कि हमारा प्रतिनिधि मंडल आज मुख्यमंत्री से मिलने गया हुआ है। ये शाम को वापस आएगा। इसके बाद ही अगला निर्णय लिया जाएगा। इसकी संभावना नहीं है कि सिरसा सीड पेस्टिसाइड डीलर्स एसोसिएशन सात दिन तक हड़ताल करेगी। हमारा विरोध सांकेतिक है।





सिरसा की परिस्थितियां अन्य जिलों से हैं अलग

राधे गांधी का कहना है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हमें कहा है कि 14 अप्रैल तक समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इसलिए 14 अप्रैल तक संयम रखना चाहिए। एसोसिएशन प्रधान का कहना है कि वे हरियाणा स्तर पर अपील करते हैं कि 14 अप्रैल तक संयम रखें। बंद तो आगे भी किया जा सकता है। सिरसा की परिस्थितियां अन्य जिलों से अलग है।





हड़ताल से कपास की बिजाई पर पड़ सकता है असर

जिले के किसानों का कहना है कि सिरसा में 2 लाख 8 हजार हेक्टेयर में कपास की खेती होती है। कपास की बुवाई का सीजन शुरू हो चुका है और 15 मई तक बुवाई का उचित समय माना जाता है। अगर मार्केट में किसानों को कपास का बीज नहीं मिलेगा, तो इसका असर बिजाई पर पड़ेगा। इसलिए सरकार को बीज व खाद विक्रेताओं की हड़ताल जल्द समाप्त करानी चाहिए।






नए कानून में डीलर को एक साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने का है प्रावधान

बता दें कि सरकार के अनुसार यह कानून किसानों को नकली बीज और कीटनाशकों से बचाने के लिए बनाया गया है। कानून कीटनाशकों के गलत इस्तेमाल को रोकने में भी मदद करेगा। नए बीज अधिनियम के अनुसार अगर कोई बीज और कीटनाशक निर्माता कंपनी पहली बार दोषी पाई गई तो दो साल तक कैद और तीन लाख तक जुर्माना होगा। यदि कंपनी दोबारा दोषी मिली तो यह तीन साल तक सजा और पांच लाख रुपये तक जुर्माना होगा। वहीं, डीलर को एक साल तक सजा और 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। दोबारा पकड़े जाने पर दो साल तक कैद और दो लाख रुपये तक जुर्माना होगा। पहले यह जुर्माना मात्र 500 रुपये था और दोबारा पकड़े जाने पर छह महीने की जेल या एक हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान था। इस वजह से दोषी इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते थे। अब खाद, बीज एवं कीटनाशक सैंपल निम्न स्तर के पाए जाते हैं तो गैर जमानती वारंट जारी होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed