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जीएसटी से बाजारों में मंदी

Sun, 02 Jul 2017 12:04 AM IST
Updated Sun, 02 Jul 2017 12:04 AM IST
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जीएसटी से बाजारों में मंदी

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पहले दिन अधिकतर दुकान पर नहीं हुआ जीएसटी के अनुसार व्यवसाय
सिरसा। देशभर में जीएसटी लागू होने के बाद शनिवार को दिन भी हल्ला मचा रहा पर सिरसा में अधिकतर दुकानों पर जीएसटी प्रणाली के तहत व्यवसाय नहीं हुआ। दुकानदारों ने पुरानी प्रणाली के अनुसार ही वस्तुएं बेचीं। रेट भी वही पुराने रहे। जीएसटी के तहत कोई भी वस्तु बिकती दिखाई नहीं दी।
दुकानदारों का भी यही कहना है कि अब तक उन्हें पता ही नहीं कि जीएसटी के तहत किस प्रकार बिलिंग करनी है और इसका प्रारूप क्या है इसकी कोई जानकारी भी नहीं। ग्राहक संशय में रहे जिस कारण दुकानों की बिक्री 50 प्रतिशत से भी कम रही। कई सरकारी दुकानों में वस्तुएं बेची ही नहीं गईं, क्योंकि जीएसटी का नोटिफिकेशन अब तक कहीं भी नहीं पहुंचा।
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जीएसटी का पहले दिन सिरसा में कोई असर नहीं देखा गया। न तो कोई वस्तु महंगी बिकी न ही सस्ती। रोज की भांति आज भी दुकानों पर ज्यों की त्यों बिक्री हुई। दुकानदारों ने कोई नए बिल या नई प्रक्रिया के अनुसार वस्तुएं नहीं बेची। दुकानदारों का कहना है कि उनके पास अब तक लिखित रूप से ऐसी कोई सूचना नहीं है जिस के अनुसार वे अपनी वस्तुएं बेचें। वैसे भी जो माल आज बेचा गया वो पुराना स्टाक था। अब नया स्टॉक जीएसटी के अनुसार बिलिंग पर आएगा तब नए रेटों पर वस्तुओं की बिक्री होगी। सरकारी बीज, खाद आदि की दुकानों पर सरकार का नोटिस नहीं आया इस लिए वे जीएसटी के अनुसार बिक्री नहीं कर पाए। जो रेट शुक्रवार को थे सभी वस्तुओं के रेट शनिवार को भी वही रहे।
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वस्तु शनिवार को रेट शुक्रवार को रेट
डीएपी खाद 1035 1035
यूरिया खाद 284 284
कोलगेट एक्टिव 55 55 (80 ग्राम)
पीयर्स साबुन 36 36 (75 ग्राम)
डिटोल सेविंग क्रीम 74 74 (78 ग्राम)
चीनी 4070 प्रति क्विंटल 4050 प्रति क्विंटल
वीटा घी 486 प्रति लीटर 486 प्रति लीटर

जीएसटी के बारे में अब तक अपडेट मिली नहीं है। सेल पर माल नहीं बेच रहे। जीएसटी के कारण बाजार मंदी की मार में है। जैसे-जैसे हिदायतें आएंगी वैसे वैसे अकाउंट्स का काम शुरू कर देंगे।
-कुलदीप सिंह, जनता बूट हाउस।

जीएसटी को छह माह तक समझाना चाहिए उसके बाद लागू किया जाना था। टैक्स की चोरी करने वालों को कठिनाई होगी जो लोग पहले से ही टैक्स दे रहे हैं उनको क्या फर्क पड़ेगा। रेट बढ़े तो ग्राहक पर बोझ पड़ेगा।
-राजेश कुमार, दुकानदार।

जीएसटी के कारण व्यापार मंदा हो गया है। इसके तहत किस प्रकार कार्य करना है इसकी अभी तक कोई जानकारी नहीं है। जीएसटी का सरलीकरण होना चाहिए। अभी तक दुकानदारों को इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है। दुकानदार और ग्राहक संश्य में हैं।
-ओम बहल, उपप्रधान व्यापार मंडल।

10 से 15 प्रतिशत रेट बढ़ गए जीएसटी के कारण। कंपनियों ने छूट बंद कर दी। अब ग्राहक खुश न होने के कारण काम मंदा हो गया है। अब तो नुकसान है पर आने वाले समय में हो सकता है इसका लाभ भी हो। अधिकतर वस्तुओं पर टैक्स बढ़ा है तो स्वाभाविक है कि महंगाई भी बढ़ेगी।
-मोहित, मदान इलेक्ट्रोनिक्स स्टोर।

जीएसटी के कारण रेट फिक्स हो जाएंगे। रेट एक जैसे होने के कारण ग्राहकों के साथ ठगी नहीं हो सकेगी। पहले टैक्स चोरी करने वाले दुकानदार अपने ग्राहकों को रेट में कुछ छूट भी दे देते थे, जिससे ग्राहकों को लाभ होता था पर अब हर वस्तु बढ़े रेटों में मिलेगी यहां तक जरूरत की चीजें भी महंगी होंगी।

-पवन, मोनू, राजेश और रमन, ग्राहक।

अबकारी विभाग ने स्थापित किया हेल्प डेस्क
जीएसटी को लेकर लोगाें की भ्रांतियों को दूर करने के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग ने हेल्प डेस्क की स्थापना की है। इसके तहत ईटीओ सुरेंद्र गोदारा को जीएसटी का नोडल ऑफिसर लगाया गया है। उन्होंने बताया कि लोगों के फोन सुबह से आ रहे हैं सभी को जीएसटी के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें व्यापारियों को प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से समझा रही हैं। अब जो दुकानाें पर सामान बेचा जा रहा है उसमें जीएसटी के अनुसार टैक्स लिया जाएगा।
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