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शिकायकर्ताओ ने पत्रकार वार्ता में अपने परिवार की जान को बताय खतरा,

Fri, 20 Jul 2018 02:48 AM IST
Updated Fri, 20 Jul 2018 02:48 AM IST
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शिकायकर्ताओ ने पत्रकार वार्ता में अपने परिवार की जान को बताय खतरा,
एडीसी के खिलाफ जांच रिपोर्ट खारिज, कमिश्नर स्तर के अधिकारी करेंगे जांच
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। गांव पन्नीवाला मोटा के धर्मपाल ने सीएम विंडो पर एडीसी मुनीष नागपाल के खिलाफ दुर्व्यवहार के आरोपों पर एसडीएम की जांच रिपोर्ट को मुख्यमंत्री कार्यालय ने खारिज कर दिया है। इस मामले की जांच हिसार आयुक्त या उसके समकक्ष किसी अधिकारी से करवाने की हिदायतें मुख्य सचिव कार्यालय को दी है। सीएमओ कार्यालय के पत्र अनुसार जांच सिविल रूल के तहत नहीं है और इसकी जांच सीनियर अधिकारी से करवाई जाए। एडीसी ने अपने खिलाफ दुर्व्यवहार की चल रही जांच में जांच अधिकारी बदलने के लिए मुख्य सचिव हरियाणा, सीएमओ कार्यालय को पत्र लिखा था। एडीसी ने अपने पत्र में लिखा था कि यह जांच पक्षपात तरीके से उनके जूनियर अधिकारी से करवाई जा रही है। इस लिए जांच अधिकारी को बदला जाए। वहीं जांच रिपोर्ट को खारिज होने के बाद अब इसकी जांच नए सिरे से हिसार आयुक्त से करवाई जाएगी।
ये है मामला
गांव पन्नीवाला मोटा के शिकायतकर्ता धर्मपाल सिंह के अनुसार गांव में हैफेड गोदाम नंबर-2 को जाने वाले रास्ता में डी-प्लान के तहत पाइप लाइन डाली गई। जिसमें भारी धांधली की गई। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की। रधर्मपाल पुत्र रणजीत सिंह ने सीएम विंडो खटखटाई। जांच रिपोर्ट में धर्मपाल ने अपने ब्यान में बताया कि गैरकानूनी रूप से डाली गई पाइप लाइन के मामले में एडीसी ने उन्हें 13 अप्रैल 2018 को बुलाया था। लेकिन वह नहीं जा पाया। उसका भाई विक्रम और भतीजे इंद्रपाल और प्रमोद एडीसी के पास पहुंचे। एडीसी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इसी दौरान कॉल आने पर एडीसी ने उसका मोबाइल छीन लिया और उन्हें बंधक बना लिया। उन पर एफआईआर दर्ज करवाने की धमकी दी। बाद में अधिवक्ता के हस्तक्षेप के बाद उन्हें कक्ष से देर शाम जाने दिया। धर्मपाल ने बताया कि 19 अप्रैल को उसके पिता को मोबाइल सौंपा गया। जिसमें मैमोरी कार्ड नहीं था और मोबाइल का लॉक भी टूटा हुआ था। मोबाइल में उनकी पारिवारिक फोटो है, जिन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी गई है। जांच अधिकारी एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि एडीसी जांच के लिए उपस्थित नहीं हुए। इसलिए शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं।
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शिकायत कर्ताओं ने कहा कि उनकी निजी पाइप लाइन तुड़वाई गई
वीरवार को शिकायकर्ता धर्मपाल, प्रमोद, इंद्रपाल, अनिल व ऊषा कस्वां एडवोकेट निवासी पन्नीवालामोटा ने हिसार रोड स्थित एक निजी रिसोर्ट के बाहर पत्रकार वार्ता करते हुए एडीसी मुनीष नागपाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उपरोक्त ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस साल के मार्च माह में गांव पन्नीवालामोटा में हैफेड के गोदाम नंबर 2 के आगे डी प्लान के तहत भूमिगत पाइपलाइन डाली गई थी। गांव के सरपंच ने बतौर एजेंसी यह काम किया था। आरोप है कि यह पाइपलाइन एक ही व्यक्ति आत्माराम के लिए डाली गई थी, जोकि उसके दो खेतों के मध्य में थी। इस भ्रष्टाचार मामले का विरोध करने पर सरपंच ने जान से मारने की धमकी भी दी। जांच को दबाने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिहाज से सरपंच सतवीर ने पुलिस के साथ मिलकर धर्मपाल के परिवार की 72 एकड़ जमीन में खड़ी फसल को बर्बाद करने के लिए उनकी निजी पाइपलाइन तुड़वा दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसके परिवार को खतरा है।
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कोट्स
मैं पहले ही कह चुका था कि जांच पक्षपात तरीके से की जा रही है। जूनियर को सीनियर का जांच अधिकारी नियुक्ति किया गया है। सीएमओ कार्यालय के पत्र अनुसार यह जांच सिविल रूल के तहत नहीं है। मैंने सीएम विंडो में ग्रीवेंस सेल में भी अपील की थी। पाइप का मामला न्यायालय में विचारधीन है। घटना वाले दिन वीडियो रिकार्डिंग करने पर जब मैंने मोबाइल पकड़ा तो मैं एफआईआर करवाने लगा। लेकिन शिकायतकर्ता माफी मांगने लगे। माफीनामा देने पर मोबाइल वापस दिया। इसी बीच इन्होंने इसकी शिकायत सीएम विंडो पर डाल दी। इस मामले की आधी जांच एसडीएम ने की। जो कि उनके जूनियर अधिकारी है। मेरी मेडिकल लीव के दौरान आठ जून को शिकायत कर्ताओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें इस संबंध में कोई नोटिस नहीं दिया गया था। बिना नोटिस दिए ही शिकायत कर्ताओं के बयान दर्ज किए गए थे।

मुनीष नागपाल, एडीसी सिरसा।
कोट्स
मुझ पर आत्माराम व उसका बेटा अजयपाल और साथी राजकुमार कस्वां उर्फ राजा, रामकुमार पर लगाए गए तमाम आरोप गलत व बेबुनियाद है। हमारी समाज में छवि खराब करने के लिहाज से यह आरोप लगाए गए है।
सरपंच सतवीर, सरपंच, पन्नीवाला मोटा।
फोटो 26
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