डेरा की जमींनों पर लगे पौधों के नीचे दफन हैं 600 लोगों की अस्थियां

Rohtak Bureau Updated Wed, 20 Sep 2017 12:32 AM IST
डेरा की जमीनों पर लगे पौधों के नीचे दफन हैं 600 लोगों की अस्थियां
जर्मनी के एक वैज्ञानिक ने डेरा प्रबंधन को दी थी सलाह, जमीन में हड्डियों को दबाने से उपजाऊ क्षमता बढ़ जाएगी हजार गुणा
डेरा प्रबंधन कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पीआर नैन ने उठाया जमीन में नरकंकाल दबे होने के राज से पर्दा
एसआईटी ने की शहर थानद्म में ढाई घंटे कड़ी पूछताछ, ज्यादातर सवालों का जवाब देने की बजाए खामोश रहा नैन
हनीप्रीत को विपसना ने बुलाया था, मुझसे नहीं हुआ हनीप्रीत का संपर्क
लखनऊ के प्राइवेट अस्पताल में डेरा ने नहीं भेजी डेड बॉबी, अनुयायियों ने खुद भेजी थी

हितेश चतुर्वेदी
सिरसा।
डेरा चेयरपर्सन विपसना इंसां से पूछताछ करने के बाद मंगलवार शाम को एसआईटी ने डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ.पीआरनैन से शहर थाने में पूछताछ की। एसआईटी ने पीआर नैन को नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने का निर्देश दिया था। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने ढाई घंटे तक पीआर नैन से पूछताछ करते हुए डेरा सच्चा सौदा व 25 अगस्त की हिंसा को लेकर सवाल पूछे।
डेरा सच्चा सौदा में खेती की सारी देखरेख का जिम्मा पीआर नैन का है। इसलिए एसआईटी ने उनसे पहला सवाल करते हुए पूछा कि डेरा की जमीनों में पौधों के नीचे क्या नर कंकाल दबे हैं? नैन ने जवाब दिया कि डेरा अनुयायियों का ऐसा विश्वास है कि मौत के बाद अगर उनकी अस्थियां डेरा की जमीन पर दबाई जाएंगी तो उन्हें मोक्ष मिलेगा। अनुयायियों की इच्छा के चलते डेरा प्रबंधन ने जर्मनी के एक वैज्ञानिक से इस सिलसिले में बात की तो उक्त वैज्ञानिक ने बताया कि हड्डियों में फास्फोरस की मात्रा बहुत अधिक होती है जो जमीन की उपजाऊ शक्ति को कई गुणा बढ़ा देगी। जर्मन वैज्ञानिक के कहने पर डेरा प्रबंधन ने अनुयायियाें की अस्थियों को डेरा की जमीन में दबाना शुरू कर दिया। नैन ने एसआईटी को बताया डेरा की जमीन में 600 लोगों की अस्थियां दबी हुई हैं। पीआर नैन ने इससे जुड़ा सारा रिकॉर्ड एसआईटी को सौंप दिया।
एसआईटी ने अगला सवाल पूछा कि लापता हनीप्रीत से क्या आपका कोई संपर्क है? नैन ने कहा कि डेरा चेयरपर्सन विपसना इंसां ने 25 अगस्त की रात को रोहतक से हनीप्रीत को डेरा में बुलाया था। मुझे इतना ही पता है कि हनीप्रीत डेरा आई थी, लेकिन मेरा उसके साथ कोई संपर्क नहीं हुआ। डेरा से हनीप्रीत कहां चली गई ये मुझे नहीं मालूम। इसके बाद पूछा कि डेरा प्रवक्ता आदित्या इंसां क्या डेरा में आया था? नैन ने जवाब दिया मुझे नहीं पता। नैन से सवाल किया गया कि 25 अगस्त की घटना के समय क्या आप डेरा में मौजूद थे और सिरसा में डेरा के वो कौन लोग थे जो हिंसा के लिए भड़का रहे थे। नैन ने कहा कि वह 25 अगस्त को डेरा मेें मौजूद था पर मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं पता। लखनऊ के प्राइवेट अस्पताल में डेरा सच्चा सौदा की ओर से भेजी गईं डेड बॉडी के सवाल पर नैन ने जवाब दिया कि डेरा प्रबंधन की ओर से कोई डेड बॉडी प्राइवेट अस्पताल में नहीं भेजी गई, डेरा के अनुयायियों ने खुद ये डेड बॉडी प्राइवेट अस्पतालों में भेजी थीं।

सवाल झेल नहीं पा रहा था नैन
ढाई घंटे की पूछताछ में एसआईटी ने विपसना की भांति पीआर नैन से 50 सवाल किए। ज्यादातर सवालों का जवाब देने की बजाए नैन खामोश रहा। पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ 76 वर्षीय चिकित्सक पीआर नैन ने एसआईटी से कहा कि वो हार्ट पेशेंट है, उसे शूगर व लो बीपी की बीमारी भी है। नैन 50 में से आधे सवालों का ही जवाब दे पाया। उसने एसआईटी के बताया कि वह डेरा के काफी वर्षों से जुड़ा है। वह डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम के गांव गुरूसर मोडिया में बने डेरा के अस्पताल में सीआओ था। बाद में डेरा प्रमुख ने उससे डेरा की खेतीबाड़ी की जिम्मेदारी सौंप दी।

डेरा की अकाउंट मैनेजमेंट से होगी पूछताछ
पंचकूला में हिंसा फैलने के लिए डेरा प्रबंधन की ओर से भेजे गए पांच करोड़ रुपये के सवाल पर पीआर नैन ने कहा कि इस बारे में उसे कुछ नहीं मालूम। इसका जवाब डेरा की अकाउंट मैनेजमेंट के लोग ही दे सकते हैं। उनसे पूछो तो बेहतर होगा। एसआईटी इंचार्ज कुलदीप बेनीवाल का कहना है कि फंडिंग के मामले में अब अकाउंट मैनेजमेंट से पूछताछ की जाएगी। पीआर नैन मंगलवार शाम पांच बजकर 40 मिनट पर शहर थाने में आया और ढाई घंटे उससे पूछताछ की हुई।

विपसना और नैन से होगी दोबारा पूछताछ
एसआईटी ने डेरा प्रबंधन कमेटी की चेयरपर्सन विपसना और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पीआर नैन को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा था। दोनों से पूछताछ की गई है, काफी सवालों के जवाब दोनों ही पदाधिकारी नहीं दे पाए। इसलिए दोनों को फिर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। नैन से हिंसा व डेरा से जुडे़ हर सवाल किए गए। साथ ही लापता हनीप्रीत व आदित्य इंसां के बारे में भी पूछा गया। नैन का कहना है कि उसे इतनी ही पता है हनीप्रीत डेरा आई थी, उसका संपर्क उससे नहीं हुआ। डेरा की जमीन पर 600 लोगों की अस्थियां दफन हैं। 25 अगस्त की हिंसा के समय मीडिया कर्मियों पर हमला करने वाले दस लोगों की पहचान एसआईटी ने कर ली है। जल्द ही इनको गिरफ्तार किया जाएगा।
-कुलदीप बेनीवाल, इंचार्ज एसआईटी एवं डीएसपी डबवाली।

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