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पराली के मुद्दे को लेकर सैकड़ों किसानों ने तहसील कांप्लेक्स के समक्ष किया प्रदर्शन
Updated Tue, 23 Oct 2018 01:28 AM IST
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पराली के स्थायी समाधान के लिए किसानों का प्रदर्शन
ऐलनाबाद। धान की पराली का स्थायी समाधान निकालने व अन्य मांगों के लिए अखिल भारतीय किसान सभा, हरियाणा किसान सभा, सरपंच एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने सोमवार को तहसील कांप्लेेक्स में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी कर रोष जताया और एक मांगपत्र तहसीलदार संजय चौधरी के मार्फत प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम को प्रेषित किया।
प्रदर्शन को किसान सभा के जिला अध्यक्ष सुरजीत सिंह, सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष बूटा सिंह करीवाला, राजेंद्र बालासर, नरवैर सिंह सरपंच, बलराज सिंह बणी, राजकुमार शेखूपुरिया, कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क, गुरचरण सिंह खंडवालिया ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। मांग पत्र में मांग की गई कि एनजीटी को दिए गए हल्फ नामे की पालना करते हुए स्वयं सरकार 550 रूपए प्रति क्विंटल की दर से पराली की खरीद करे। हरियाणा सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त गौशालाएं समय पर अपने खर्च पर पराली का कचरा अपने खर्च पर उठाकर गौशाला ले जाए। सरकार मनरेगा को चालू करके मजदूरों से पराली उठाने का काम करवाए, पराली निपटान के लिए सरकार 30 लीटर डीजल में नि:शुल्क किसानों को प्रति एकड़ की दर से दें अन्यथा किसानों के पास पराली को आग लगाने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं है। 2017 में खराब हुई फ सल की मुआवजा सूची में वंचित 32 गांव को जोड़ा जाए। मांग पत्र में यह भी मांग की गई कि गई की देश की बहुमत आबादी चावल खाती है। जिसमें खाद्यान्न में चावल की फ सल का अहम रोल है और चावल की फसल के अवशेष पराली का स्थाई समाधान करने की जिम्मेदारी भी सरकार की बनती है। इसलिए इस का निपटारा भी सरकार करवाए। किसानों ने आगामी आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि 26 अक्तूबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन कर घेराव करेंगे। इस अवसर पर बलराज बणी, प्रीतपाल, प्रकाश मंमेरा, साबराम किशनपुरा, मदन, रमेश सहारण, सुरेंद्र मंगाला, नरवैर सिंह सरपंच, सतनाम धनूर, सरदूल कोटली, गुरदीप सिंह बूढीमेड़ी, सुखदेव सिंह मौजूद थे।
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ऐलनाबाद। धान की पराली का स्थायी समाधान निकालने व अन्य मांगों के लिए अखिल भारतीय किसान सभा, हरियाणा किसान सभा, सरपंच एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने सोमवार को तहसील कांप्लेेक्स में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी कर रोष जताया और एक मांगपत्र तहसीलदार संजय चौधरी के मार्फत प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम को प्रेषित किया।
प्रदर्शन को किसान सभा के जिला अध्यक्ष सुरजीत सिंह, सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष बूटा सिंह करीवाला, राजेंद्र बालासर, नरवैर सिंह सरपंच, बलराज सिंह बणी, राजकुमार शेखूपुरिया, कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क, गुरचरण सिंह खंडवालिया ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। मांग पत्र में मांग की गई कि एनजीटी को दिए गए हल्फ नामे की पालना करते हुए स्वयं सरकार 550 रूपए प्रति क्विंटल की दर से पराली की खरीद करे। हरियाणा सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त गौशालाएं समय पर अपने खर्च पर पराली का कचरा अपने खर्च पर उठाकर गौशाला ले जाए। सरकार मनरेगा को चालू करके मजदूरों से पराली उठाने का काम करवाए, पराली निपटान के लिए सरकार 30 लीटर डीजल में नि:शुल्क किसानों को प्रति एकड़ की दर से दें अन्यथा किसानों के पास पराली को आग लगाने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं है। 2017 में खराब हुई फ सल की मुआवजा सूची में वंचित 32 गांव को जोड़ा जाए। मांग पत्र में यह भी मांग की गई कि गई की देश की बहुमत आबादी चावल खाती है। जिसमें खाद्यान्न में चावल की फ सल का अहम रोल है और चावल की फसल के अवशेष पराली का स्थाई समाधान करने की जिम्मेदारी भी सरकार की बनती है। इसलिए इस का निपटारा भी सरकार करवाए। किसानों ने आगामी आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि 26 अक्तूबर को जिला स्तर पर प्रदर्शन कर घेराव करेंगे। इस अवसर पर बलराज बणी, प्रीतपाल, प्रकाश मंमेरा, साबराम किशनपुरा, मदन, रमेश सहारण, सुरेंद्र मंगाला, नरवैर सिंह सरपंच, सतनाम धनूर, सरदूल कोटली, गुरदीप सिंह बूढीमेड़ी, सुखदेव सिंह मौजूद थे।
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