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शिक्षकों की मांग पूरी करने की बजाए अंध विद्यालय को बंद करना चाहती है सोसायटी

Sun, 30 Jul 2017 12:20 AM IST
Updated Sun, 30 Jul 2017 12:20 AM IST
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शिक्षकों की मांग पूरी करने की बजाए अंध विद्यालय को बंद करना चाहती है सोसायटी
शिक्षकाें की मांग पूरी करने की बजाए अंध विद्यालय को बंद करना चाहती है सोसायटी
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जिला शिक्षा अधिकारी के साथ बैठक कर अंधविद्यालय सोसायटी ने दिया सुझाव,
पांचवें दिन भी जारी रहा शिक्षकों व कर्मचारियों का धरना
महिला आयोग की चेयरपर्सन को सौंपकर दिव्यांग छात्राओं की बताई समस्याएं
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
हेलन केलर दृष्टिबाधित विद्यालय के शिक्षक पांच दिनों से लघु सचिवायल में जिस समस्या को दूर करने की मांग कर रहे हैं उसका समाधान नहीं निकल रहा, बल्कि नौबत यहां आ चुकी है कि अंधविद्यालय सोसायटी विद्यालय को ही बंद करने पर विचार कर रही है।
शनिवार को हेलन केलर अंधविद्यालय सोसायटी के पदाधिकारियों की आवश्यक बैठक डॉ. आरएस सांगवान की अध्यक्षता में हुई। बैठक पदाधिकारियाें ने जिला शिक्षा अधिकारी यज्ञदत्त वर्मा समक्ष अंध विद्यालय का मुद्दा रखा। इस दौरान अंधविद्यालय के शिक्षकों द्वारा पिछले कुछ दिनों से उपायुक्त कार्यालय के समक्ष दिए जा रहे धरने पर भी मंत्रणा हुई। संस्था के संविधान और मौजूदा विकट आर्थिक स्थितियों को देखते हुए निर्णय लिया गया कि इन शिक्षकों की समस्याओं को लेकर उनसे बातचीत की जाए। यदि उनकी समस्याएं जायज हैं तो उनका समाधान किया जाए। यदि उसके बावजूद उक्त शिक्षक अपनी मांगों पर अडिग रहते हैं तो इस संस्था में बच्चों की कम हो रही संख्या को देखते हुए इसे बंद कर दिया जाए। बैठक के दौरान कुछ पदाधिकारियों ने सुझाव दिया कि उपायुक्त एवं अतिरिक्त उपायुक्त के कार्यों की व्यस्तता देखते हुए भविष्य में संस्था के प्रधान व उपप्रधान संस्था पदाधिकारियों में से ही चयनित किए जाएं। बैठक में डॉ. आरएस सांगवान, सोसायटी के सचिव डॉ. यज्ञदत्त वर्मा, सुरेंद्र वैदवाला, अरुण मेहता, श्याम बजाज, डॉ. वेद बेनीवाल, वीरभान सेठी, ललित जैन, संजीव जैन एडवोकेट, दलीप जैन, नवीन केडिया, वेद गोयल, रमेश मेहता एडवोकेट, रमता सोनी, अनिल डूमड़ा सहित कुछ अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे। वहीं, शनिवार पांचवें दिन लघु सचिवालय के बरामदे में शनिवार को हेलन केयर दृष्टिबाधितार्थ विद्यालय के नेत्रहीन शिक्षक, कर्मचारी व विद्यार्थी धरने पर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी।
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उधर, धरने पर राजेश कुमार टीजीटी अध्यापक, बिंदू, पवन, तुषार, नानू, जगतार, आशू आदि उपस्थित रहे। हेलन केयर स्कूल के वोकेशनल इंस्ट्रक्टर पवन कुमार ने लोक निर्माण विश्राम गृह में आए भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष समय सिंह भाटी और महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन को ज्ञापन सौंपा और दिव्यांग छात्र-छात्राओं की व्यथा बताई। उन्होंने चेयरपर्सन से कहा कि वे महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य करने की बात कहती हैं ,लेकिन महिला आयोग ने कभी दिव्यांग छात्र-छात्राओं की समस्याओं को कभी भी नहीं उठाया। प्रदेश में अनेक ऐसी नेत्रहीन दिव्यांग छात्राएं हैं जो पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए प्रदेश में बारहवीं तक का पानीपत में केवल एक ही स्कूल है। इसके अतिरिक्त दिव्यांग महिलाओं को किसी कार्य का प्रशिक्षण देने के लिए प्रदेश तो क्या देश में कहीं भी कोई आईटीआई नहीं है। उन्होंने महिला आयोग की चेयरपर्सन को बताया सीएम ने गत अप्रैल माह में सिरसा में नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए आठवीं कक्षा तक के हेलन केयर स्कूल को अपग्रेड करने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इसे अपग्रेड करने के ऑर्डर जारी नहीं किए हैं। उन्होंने नेत्रहीन दिव्यांग छात्र व छात्राओं की भावनाओं को समझते हुए प्रदेश सरकार से जल्द से जल्द सिरसा के हेलन केयर स्कूल को अपग्रेड करवाने व इसे समाज कल्याण विभाग के तहत किए जाने, महिला कॉलेज के पूर्व के भवन को हेलन केलर स्कूल को देने, कर्मचारियों से संबंधित समस्याएं दूर करने व भ्रष्टाचार की जांच शुरू करवाने की मांग की। चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन ने उनकी मांग के अनुसार सरकार से बात करने और जल्द ही स्कूल को अपग्रेड करवाने व अन्य मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन दिया।
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तीन शिक्षक हो चुके है बीमार
लघु सचिवालय में अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे अंध विद्यालय के शिक्षकों में से तीन बीमार हो चुके हैं। उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। अध्यपाक सुखराज और कृष्ण सिविल अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि अध्यापक सुरेश कुमार का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अंध विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि प्रबंधन समिति द्वारा किए गए भ्रष्टाचार का खुलासा करने और प्राचार्य की तानाशाही से सीएम, पीएम, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित डीसी को अवगत करवाने के बावजूद न तो भ्रष्टाचार की जांच की गई और न ही प्राचार्य का यहां से तबादला किया गया। बार-बार अधिकारियों और मंत्रियों से मिल रहे हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई है।
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