{"_id":"664d0293b8ec5f0daf076004","slug":"150-to-200-campers-are-providing-water-to-the-passengers-every-day-sirsa-news-c-128-1-slko1008-120048-2024-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: रेलवे स्टेशन पर पांच दोस्तों ने 50 वर्ष पहले शुरू की जल सेवा लगातार जारी, रोजाना यात्रियों को पिला रहे 150 से 200 कैंपर पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: रेलवे स्टेशन पर पांच दोस्तों ने 50 वर्ष पहले शुरू की जल सेवा लगातार जारी, रोजाना यात्रियों को पिला रहे 150 से 200 कैंपर पानी
Wed, 22 May 2024 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 22 May 2024 01:52 AM IST
विज्ञापन
स्टेशन पर यात्रियों को पानी पिलाते हुए सेवादार।
कालांवाली। शहर कालांवाली के समाजसेवी मदन लाल असीजा के एक कदम आज हजारों लोगों की दुआ का कारण बन रहा है। मदन लाल असीजा ने अपने चचेरे भाई शेषपाल असीजा व तीन साथियों महावीर पंसारी, खुशी राम बागड़ी, रूलदू राम बांसल के साथ शहर के रेलवे स्टेशन पर 50 साल पहले जल सेवा शुरू की थी। जो आज भी जारी है। इस सेवा में पिछले 10 सालों से श्री गुरु अर्जुन देव जल सेवा समिति भी अपना योगदान दे रहे है। समिति के 60 से अधिक सदस्य रोजाना सुबह से शाम तक रेल यात्रियों को 150 से 200 कैंपर पानी पिलाकर पुण्य कमा रहे है।
सन 1970 में एक साथ पढ़ने वाले पांच युवाओं ने मिलकर रुपये एकत्रित करके शहर के रेलवे स्टेशन पर जल सेवा शुरू की थी। पांचों दोस्त स्कूल से ट्रेन से पहले आकर पानी पिलाते थे। धीरे-धीरे स्कूल के बच्चे, शिक्षक और शहरवासी भी सहयोग करने लगे। इसके बाद पढ़ाई करने के बाद पांचों दोस्त किराने का काम करने लगे। लेकिन वर्ष 1980 में मदन लाल असीजा के पेट की नाड़ी फट गई और चिकित्सकों ने उन्हें पानी देने से मना कर दिया। उनके जाने के बाद भी उनके परिजनों और दोस्तों ने इस सेवा को बंद नहीं होने दिया।
शहर ही नहीं दूरदराज के गांवों के लोग भी कर रहे सहयोग
शहर कालांवाली के ही नहीं बल्कि गांव दादू, गांव देसूमलकाना, गांव कमाल, गांव पक्का शहीदां, गांव तख्तमल, गांव चकेरियां सहित कई गांवों के बच्चे, युवा, बुजुर्ग भी आकर जल सेवा में सहयोग रहे हैं। इसमें से अधिकतर 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग रोजाना साइकिल पर 10 किलोमीटर की दूरी तय करके सुबह से शाम तक जल सेवा में सहयोग करते हैं।
विज्ञापन
सुख-दुख के मौके पर भी नागरिक करते हैं सहयोग
समिति के सदस्यों ने बताया कि शहर व आस-पास के गांवों के लोग अपने जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ, नौकरी लगने आदि खुशी को जल सेवा में रोजाना पानी के कैंपर देकर मना रहे हैं। वो खुशी के मौके पर ही नहीं बल्कि किसी पारिवारिक सदस्य की मृत्यु उपरांत, बरसी के मौके पर भी कैंपर देकर पुण्य कमा रहे हैं। लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भी जल सेवा में भरपूर सहयोग करते हैं।
विज्ञापन
सन 1970 में एक साथ पढ़ने वाले पांच युवाओं ने मिलकर रुपये एकत्रित करके शहर के रेलवे स्टेशन पर जल सेवा शुरू की थी। पांचों दोस्त स्कूल से ट्रेन से पहले आकर पानी पिलाते थे। धीरे-धीरे स्कूल के बच्चे, शिक्षक और शहरवासी भी सहयोग करने लगे। इसके बाद पढ़ाई करने के बाद पांचों दोस्त किराने का काम करने लगे। लेकिन वर्ष 1980 में मदन लाल असीजा के पेट की नाड़ी फट गई और चिकित्सकों ने उन्हें पानी देने से मना कर दिया। उनके जाने के बाद भी उनके परिजनों और दोस्तों ने इस सेवा को बंद नहीं होने दिया।
विज्ञापन
शहर ही नहीं दूरदराज के गांवों के लोग भी कर रहे सहयोग
शहर कालांवाली के ही नहीं बल्कि गांव दादू, गांव देसूमलकाना, गांव कमाल, गांव पक्का शहीदां, गांव तख्तमल, गांव चकेरियां सहित कई गांवों के बच्चे, युवा, बुजुर्ग भी आकर जल सेवा में सहयोग रहे हैं। इसमें से अधिकतर 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग रोजाना साइकिल पर 10 किलोमीटर की दूरी तय करके सुबह से शाम तक जल सेवा में सहयोग करते हैं।
विज्ञापन
सुख-दुख के मौके पर भी नागरिक करते हैं सहयोग
समिति के सदस्यों ने बताया कि शहर व आस-पास के गांवों के लोग अपने जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ, नौकरी लगने आदि खुशी को जल सेवा में रोजाना पानी के कैंपर देकर मना रहे हैं। वो खुशी के मौके पर ही नहीं बल्कि किसी पारिवारिक सदस्य की मृत्यु उपरांत, बरसी के मौके पर भी कैंपर देकर पुण्य कमा रहे हैं। लोग सोशल मीडिया के माध्यम से भी जल सेवा में भरपूर सहयोग करते हैं।