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ईसी की बैठक में फैसला, सीडीएलयू खुद का खोलेंगी पेट्रोल पंप,
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ईसी की बैठक में इलेवन छह की शक्तियों से फैसले लेने पर सदस्यों ने जताया ऐतराज
सिरसा। सीडीएलयू की ईसी की बैठक बुधवार को लघु सचिवालय में एनआईसी स्थित वीडियो कांफ्रेंसिंग कार्यालय में हुई। इस मीटिंग के भी ईसी के सदस्यों की वीसी से कई मुद्दों पर वाद विवाद हुआ। हालांकि पहले 65 एजेंडे थे, बाद में कुछ अतिरिक्त एजेंडे शामिल किए गए जिससे कि संख्या 68 हो गई। एजेंडों में कुछ प्रोफेसर के चार्जशीट के मामले भी रखे गए है। बैठक में वीसी, रजिस्ट्रार सहित करीब 15 सदस्यों ने भाग लिया। ईसी की यह 54 वीं बैठक है। इससे पहले मार्च 2018 में ईसी की बैठक हुई थी। बैठक में प्राध्यापक डीपी वार्ने को चार्जशीट के मामले पर प्राध्यापकों ने ऐतराज जताया और कहा कि बार बार किसी मामले की इंक्वायरी नहीं करवाई जा सकती। बैठक में डीपी वार्ने को अलग अलग मामलों में चार्जशीट होने पर सख्त दंड देने की बजाए दंड देने का फैसला किया गया। लेकिन यह दंड निर्धारित नहीं की गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 27 फरवरी को ईसी द्वारा लघु सचिवालय में बैठक निर्धारित की गई है। लघु सचिवालय के वीसी हॉल में इसलिए भी रखी गई है क्योंकि चंडीगढ़ से भी कई अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इसमें शामिल हुए। मीटिंग में ईसी के सदस्यों के रुप में मौजूद प्राध्यापकों ने शार्ट टाइम पर ईसी की बैठक बुलाने पर ऐतराज जताया। सदस्यों ने कहा कि शार्ट टाइम में 68 एजेंडे शामिल किए गए। इसमें से अधिकतर एजेंडों वीसी ने इलेवन 6 की पावर से पास किए हुए। इस पर वीसी स्पष्टीकरण दें। यदि वीसी ने अपनी शक्तियों से ही सभी काम पास करने हैं तो इस बॉडी की जरूरत ही क्या है। ईसी के प्राध्यापक सदस्यों ने कहा कि ये पोस्ट ऑफिस नहीं है कि जिस पर मुहर मार कर काम फाइनल कर दिया गया। यदि ऐसे ही करना है तो इस बॉडी को ही खत्म कर दो। वीसी ने कहा कि जो भी फैसले लिए गए है तो वह विश्वविद्यालय के हितों को देखकर ही लिए गए है। बैठक में सभी प्राध्यापकों की पदोन्नति के लिफाफे खोल दिए गए।
दूसरी ओर प्राध्यापकों ने कहा कि डीपी वार्ने की पदोन्नति आठ साल से पेंडिंग है। तब वीसी ने कहा एसीआर नहीं आई। इसलिए पदोन्नति पेंडिंग है। सदस्यों ने कहा कि बाकी प्राध्यापकों को पदोन्नत किया जा रहा है। ये एक तरफा फैसले हैं। प्राध्यापक सत्यवान दलाल और मुकेश गर्ग से मारपीट के मामले में फैसला लिया गया कि इसकी राज्यपाल से आने वाली रिपोर्ट के आधार पर कोई कार्रवाई की जाएगी। एजेंडे नंबर 68 में प्रोफेसर राजबीर दलाल द्वारा तीन जनवरी 2018 को नॉन टीचिंग यूनियन के धरने पर दिए गए भाषण को लेकर जांच रिपोर्ट पेश गई। इस पर प्रोफेसर राजबीर दलाल ने कहा कि किसी भी मामले पर अपने विचार रखना उनका मौलिक अधिकार है। यह सुप्रीम कोर्ट की भी गाइडलाइन है। उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया।
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ये सकारात्मक लिए गए फैसले
सीडीएलयू विश्वविद्यालय परिसर में अपना खुद का पेट्रोल पंप खोलेंगी और इसका संचालन भीखुद ही करेंगे। साथ ही जिम खोलने का प्रस्ताव भी पास किया गया।
ईसी की मीटिंग से पहले ही तीन प्राध्यापकों ने हाईकोर्ट में लगाई थी याचिकाएं
सीडीएलयू के लॉ विभाग के एक प्राध्यापक ने ईसी की मीटिंग को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन वह याचिका खारिज हो गई। वहीं प्राध्यापक डीपी वार्ने द्वारा वाणिज्य विभाग के एक प्राध्यापक की पदोन्नति को रुकवाने के लिए याचिका लगाई गई थी। इस पर 10 मई 2019 को सुनवाई होगी। वहीं प्रोफेसर दिलबाग सिंह की याचिका पर भी सुनवाई 25 अप्रैल 2019 को होगी।
कोट्स
कार्यकारी परिषद की बैठक सौहार्दपूर्ण रही। पेट्रोल पंप विश्वविद्यालय में खोला जाएगा। डीपी वार्ने को चार्जशीट मामलों पर दंड दिया जाएगा। , लेकिन दंड का फैसला नहीं किया गया। वहीं राजबीर दलाल को चेतावनी जारी की गई।
राकेश वधवा, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा।
फोटो 35
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सिरसा। सीडीएलयू की ईसी की बैठक बुधवार को लघु सचिवालय में एनआईसी स्थित वीडियो कांफ्रेंसिंग कार्यालय में हुई। इस मीटिंग के भी ईसी के सदस्यों की वीसी से कई मुद्दों पर वाद विवाद हुआ। हालांकि पहले 65 एजेंडे थे, बाद में कुछ अतिरिक्त एजेंडे शामिल किए गए जिससे कि संख्या 68 हो गई। एजेंडों में कुछ प्रोफेसर के चार्जशीट के मामले भी रखे गए है। बैठक में वीसी, रजिस्ट्रार सहित करीब 15 सदस्यों ने भाग लिया। ईसी की यह 54 वीं बैठक है। इससे पहले मार्च 2018 में ईसी की बैठक हुई थी। बैठक में प्राध्यापक डीपी वार्ने को चार्जशीट के मामले पर प्राध्यापकों ने ऐतराज जताया और कहा कि बार बार किसी मामले की इंक्वायरी नहीं करवाई जा सकती। बैठक में डीपी वार्ने को अलग अलग मामलों में चार्जशीट होने पर सख्त दंड देने की बजाए दंड देने का फैसला किया गया। लेकिन यह दंड निर्धारित नहीं की गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से 27 फरवरी को ईसी द्वारा लघु सचिवालय में बैठक निर्धारित की गई है। लघु सचिवालय के वीसी हॉल में इसलिए भी रखी गई है क्योंकि चंडीगढ़ से भी कई अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इसमें शामिल हुए। मीटिंग में ईसी के सदस्यों के रुप में मौजूद प्राध्यापकों ने शार्ट टाइम पर ईसी की बैठक बुलाने पर ऐतराज जताया। सदस्यों ने कहा कि शार्ट टाइम में 68 एजेंडे शामिल किए गए। इसमें से अधिकतर एजेंडों वीसी ने इलेवन 6 की पावर से पास किए हुए। इस पर वीसी स्पष्टीकरण दें। यदि वीसी ने अपनी शक्तियों से ही सभी काम पास करने हैं तो इस बॉडी की जरूरत ही क्या है। ईसी के प्राध्यापक सदस्यों ने कहा कि ये पोस्ट ऑफिस नहीं है कि जिस पर मुहर मार कर काम फाइनल कर दिया गया। यदि ऐसे ही करना है तो इस बॉडी को ही खत्म कर दो। वीसी ने कहा कि जो भी फैसले लिए गए है तो वह विश्वविद्यालय के हितों को देखकर ही लिए गए है। बैठक में सभी प्राध्यापकों की पदोन्नति के लिफाफे खोल दिए गए।
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दूसरी ओर प्राध्यापकों ने कहा कि डीपी वार्ने की पदोन्नति आठ साल से पेंडिंग है। तब वीसी ने कहा एसीआर नहीं आई। इसलिए पदोन्नति पेंडिंग है। सदस्यों ने कहा कि बाकी प्राध्यापकों को पदोन्नत किया जा रहा है। ये एक तरफा फैसले हैं। प्राध्यापक सत्यवान दलाल और मुकेश गर्ग से मारपीट के मामले में फैसला लिया गया कि इसकी राज्यपाल से आने वाली रिपोर्ट के आधार पर कोई कार्रवाई की जाएगी। एजेंडे नंबर 68 में प्रोफेसर राजबीर दलाल द्वारा तीन जनवरी 2018 को नॉन टीचिंग यूनियन के धरने पर दिए गए भाषण को लेकर जांच रिपोर्ट पेश गई। इस पर प्रोफेसर राजबीर दलाल ने कहा कि किसी भी मामले पर अपने विचार रखना उनका मौलिक अधिकार है। यह सुप्रीम कोर्ट की भी गाइडलाइन है। उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया।
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ये सकारात्मक लिए गए फैसले
सीडीएलयू विश्वविद्यालय परिसर में अपना खुद का पेट्रोल पंप खोलेंगी और इसका संचालन भीखुद ही करेंगे। साथ ही जिम खोलने का प्रस्ताव भी पास किया गया।
ईसी की मीटिंग से पहले ही तीन प्राध्यापकों ने हाईकोर्ट में लगाई थी याचिकाएं
सीडीएलयू के लॉ विभाग के एक प्राध्यापक ने ईसी की मीटिंग को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन वह याचिका खारिज हो गई। वहीं प्राध्यापक डीपी वार्ने द्वारा वाणिज्य विभाग के एक प्राध्यापक की पदोन्नति को रुकवाने के लिए याचिका लगाई गई थी। इस पर 10 मई 2019 को सुनवाई होगी। वहीं प्रोफेसर दिलबाग सिंह की याचिका पर भी सुनवाई 25 अप्रैल 2019 को होगी।
कोट्स
कार्यकारी परिषद की बैठक सौहार्दपूर्ण रही। पेट्रोल पंप विश्वविद्यालय में खोला जाएगा। डीपी वार्ने को चार्जशीट मामलों पर दंड दिया जाएगा। , लेकिन दंड का फैसला नहीं किया गया। वहीं राजबीर दलाल को चेतावनी जारी की गई।
राकेश वधवा, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा।
फोटो 35