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घनी धुंध से घबराए रोडवेज बसों के चालक, डिपो प्रशासन ने बसों में नहीं लगाई फॉग लाइटें

Fri, 04 Jan 2019 01:50 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jan 2019 01:50 AM IST
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घनी धुंध से घबराए रोडवेज बसों के चालक, डिपो प्रशासन ने बसों में नहीं लगाई फॉग लाइटें
बसों में नहीं लगाई फॉग लाइटें, घनी धुंध से रोडवेज चालक परेशान
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सिरसा। घनी धुंध पड़ने के साथ ही रोडवेज बस चालकों को हादसा होने का का डर सताने लगा है, क्योंकि उन्हें बिना फॉग लाइट के ही बसें चलानी पड़ रही है। सिरसा डिपो प्रशासन ने धुंध के सीजन में अधिकांश बसों में फॉग लाइटें अभी तक नहीं लगाई है। फॉग लाइट के बिना सबसे ज्यादा दिक्कत लंबे रुटों पर चलने वाली बसों के चालकों को हो रही हैं।
डिपो से हररोज दिल्ली, चंडीगढ़, हनुमानगढ़, गंगानगर, बीकानेर व जयपुर रुट पर बसें चलती हैं और रात को लौटती हैं। ऐसे में बसों में फॉग लाइटें नहीं होने से धुंध में से बसों को निकालने में चालकों को तो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं, मुसाफिरों को भी हादसा होने का डर सताता रहता है। बस चालक छेलू राम, मदन कुमार, बलवंत, सुभाष व जोधा सिंह का कहना है कि धुंध में सड़क पर चल रहे वाहनों के दिखाई न देने से उन्हें काफी परेशानी होती हैं । रोडवेज अधिकारियों की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फॉग लाइटें स्टोर में पड़ी हैं, लेकिन अभी तक विभाग का मानना है कि इनकी कोई जरूरत नहीं है। घनी धुंध पड़ने के कारण चालक घबराए हुए हैं और मांग कर रहे हैं बसों में फाग लाइट लगाई जाएं।
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कई बसों पर रिफ्लेक्टर भी नहीं
रोडवेज की कई बसें तो ऐसी हैं, जिनके पीछे रिफ्लेक्टर भी नहीं है। धुंध में रिफ्लेक्टर न होने के कारण पीछे से आने वाले वाहनों को आगे चल रही बस दिखाई न देने के कारण दुर्घटना हो जाती है। वहीं, कई बसें ऐसी भी हैं, जिन पर रिफ्लेक्टर तो लगे हुए हैं, लेकिन बस पर पेंट करते समय रिफ्लेक्टरों पर भी पेंट कर दिया गया है। इससे दूर से वाहनों की लाइट लगने के बाद रिफ्लेक्ट नहीं हो पाती।
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50 बसों की बैटरी खराब, धक्का मारकर बसों में चढ़ने को मजबूर हैं यात्री
सिरसा डिपो की करीब 50 बसों की बैटरी खराब हो चुकी है। इससे वे स्टार्ट नहीं हो पा रही हैं, स्टार्ट करने के लिए कर्मचारियों को ही धक्का मारकर स्टार्ट करना पड़ रहा है। आलम ये है सुबह के समय चालक-परिचालक धक्का मारने के लिए यात्रियों का इंतजार करते हैं, लेकिन रोडवेज अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। बैटरी खराब होने की दिक्कत स्थानीय रुटों की बसों में है। सुलतानपुरिया, जोगीवाला, चौपटा, जमाल व भादरा रुट की बस में बैठने के लिए पहले यात्रियों को उसे धक्का मारकर स्टार्ट करना पड़ता है। रोडवेज कर्मचारी यूनियन प्रधान राम कुमार चुरनियां ने बताया कि डिपो प्रशासन को काफी बार बसों की बैटरी खराब होने की शिकायतें की जा चुकी हैं। अधिकारी हरबार ये जवाब देते हैं कि नई बैटरी मंगवाने को लेकर विभाग को पत्र लिखा हुआ है। इस संबंध में कर्मशाला प्रभारी मनोज शर्मा का कहना है कि विभाग की ओर से 20 बैटरियां भेजी गई हैं। जल्द ही नई बैटरियों को बसों में लगा दिया जाएगा।

कोट्स
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घनी धुंध पड़ने का सीजन दो दिन पहले ही शुरू हुआ है। रोडवेज की अधिकतर बसों में जो लाइट लगी हैं, वह धुंध में ठीक काम करती हैं। रोडवेज के स्टोर में फॉग लाइटें रखी हैं। शुक्रवार तक सभी बसों पर फॉग लाइटें लगा दी जाएगी।
मनोज शर्मा, कर्मशाला प्रभारी सिरसा डिपो
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