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विद्यार्थियों से बोले रजिस्ट्रार, पुनर्मूल्यांकन में पास होने वालों की फीस कर दी जाएगी वापस
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। सीडीएलयू के जो विद्यार्थी विभिन्न विषयों में फेल हो गए हैं, उन्हें रिचेकिंग का फार्म भरना होगा। जो विद्यार्थी रिचेकिंग में पास हो जाएगा उसकी फीस रिफंड कर दी जाएगी। यह फैसला सीडीएलयू प्रशासन ने विद्यार्थियों द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के बाद लिया है।
वीरवार को सीडीएलयू में खराब परीक्षा परिणामों के कारण जानने के लिए नेशनल कॉलेज, शाह सतनाम सिंह कॉलेज व राजकीय कन्या महाविद्यालय के विद्यार्थी पहुंचे। हालांकि परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सुलतान सिंह के छुट्टी पर होने के कारण विद्यार्थी उनसे नहीं मिल पाए। इसके बाद विद्यार्थी रजिस्ट्रार राकेश वधवा से मिलने के लिए उनके कार्यालय पहुंच गए।
छात्र पंकज, विकास जाखड़, हरप्रीत, हरप्रीत, रोहित शर्मा ने बताया कि वे बीते सोमवार को तीन कॉलेजों के विद्यार्थी लोक प्रशासन, इनकम टैक्स, एकाउंट और अर्थशास्त्र की परीक्षा के खराब रिजल्ट को लेकर आए थे। विश्वविद्यालय ने इस संबंध में दो दिन में एक कमेटी के गठन करने की बात कही थी। इसलिए हमें बताया जाए कि खराब रिजल्ट को लेकर कमेटी ने क्या निर्णय लिया है। वहीं शाह सतनाम कॉलेज के विद्यार्थियों ने एमएससी जियोग्राफी के तीसरे सेमेस्टर में कॉलेज के दस के दस छात्रों को फेल होने की सूचना दी। छात्रों ने बताया कि एग्जामिनर ने तीन से लेकर आठ अंक दिए हैं।
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छात्र बोला- शराब पीकर पेपर चेक करते हैं क्या एग्जामिनर
रजिस्ट्रार राकेश वधवा ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जब किसी मूल्यांकन सेंटर पर पेपर चेक करने के लिए भेजते हैं तो वहां पर उपस्थित दोनों एग्जामिनर अपने अपने विवेक के आधार पर अंक देते हैं। मान लो एक एग्जामिनर ने 200 पेपर चेक किए। उसने अपने विवेक के आधार पर 200 में से 176 बच्चों को पास कर दिया और 24 को फेल कर दिया। जबकि दूसरे ने अपने टफ मार्किंग करते हुए 200 में से 24 बच्चों को पास किया और 176 को फेल कर दिया। तभी एक छात्र बोल पड़ा कि क्या एग्जामिनर शराब पीकर पेपर चेक करते हैं। तब रजिस्ट्रार राकेश वधवा ने उसे लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि आप किसी शैक्षणिक संस्था में हैं और ऐसी बात स्टूडेंट्स को शोभा नहीं देती।
15 दिन में आ जाएगी डीएमसी
रजिस्ट्रार ने उन्हें बताया कि कमेटी ने 15 दिनों में छात्रों की डीएमसी भिजवाने का फैसला लिया है। डीएमसी मिलते ही छात्र रिवेल्युएशन के लिए आवेदन कर दें। इसकी फीस 300 रुपये हैं। जो छात्र रिवेल्युएशन में पास हो जाएगा। विश्वविद्यालय उसकी फीस रिफंड कर देगा। साथ ही आवेदन के बाद 15 दिनों में ही रिवेल्युएशन का रिजल्ट भी निकाल दिया जाएगा। हालांकि पहले रिवेल्युएशन का रिजल्ट करीब तीन महीने में निकलता है। रजिस्ट्रार के इस आश्वासन के बाद छात्र वापस चले गए। साथ ही उन्होंने शाह सतनाम सिंह गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं को पुराने पाठयक्रम के अनुसार ही पेपर लेने का आश्वासन दिया। ताकि उनका भविष्य खराब न हो।
हमने छात्रों को 15 दिनों में डीएमसी कॉलेज में भेजने और 15 दिनों में ही रिचेकिंग का रिजल्ट निकालने की बात कही है। इससे छात्र संतुष्ट हैं। जो छात्र पास हो जाएंगे, उन्हें फीस रिफंड कर दी जाएगी। शाह सतनाम सिंह गर्ल्स कॉलेज की जिन छात्राओं को पुराना पाठ्यक्रम पढ़ाया गया था। उनका पेपर उसी पाठ्यक्रम के अनुसार ही दोबारा से लिया जाएगा।
- राकेश वधवा, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा।
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सिरसा। सीडीएलयू के जो विद्यार्थी विभिन्न विषयों में फेल हो गए हैं, उन्हें रिचेकिंग का फार्म भरना होगा। जो विद्यार्थी रिचेकिंग में पास हो जाएगा उसकी फीस रिफंड कर दी जाएगी। यह फैसला सीडीएलयू प्रशासन ने विद्यार्थियों द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के बाद लिया है।
वीरवार को सीडीएलयू में खराब परीक्षा परिणामों के कारण जानने के लिए नेशनल कॉलेज, शाह सतनाम सिंह कॉलेज व राजकीय कन्या महाविद्यालय के विद्यार्थी पहुंचे। हालांकि परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सुलतान सिंह के छुट्टी पर होने के कारण विद्यार्थी उनसे नहीं मिल पाए। इसके बाद विद्यार्थी रजिस्ट्रार राकेश वधवा से मिलने के लिए उनके कार्यालय पहुंच गए।
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छात्र पंकज, विकास जाखड़, हरप्रीत, हरप्रीत, रोहित शर्मा ने बताया कि वे बीते सोमवार को तीन कॉलेजों के विद्यार्थी लोक प्रशासन, इनकम टैक्स, एकाउंट और अर्थशास्त्र की परीक्षा के खराब रिजल्ट को लेकर आए थे। विश्वविद्यालय ने इस संबंध में दो दिन में एक कमेटी के गठन करने की बात कही थी। इसलिए हमें बताया जाए कि खराब रिजल्ट को लेकर कमेटी ने क्या निर्णय लिया है। वहीं शाह सतनाम कॉलेज के विद्यार्थियों ने एमएससी जियोग्राफी के तीसरे सेमेस्टर में कॉलेज के दस के दस छात्रों को फेल होने की सूचना दी। छात्रों ने बताया कि एग्जामिनर ने तीन से लेकर आठ अंक दिए हैं।
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छात्र बोला- शराब पीकर पेपर चेक करते हैं क्या एग्जामिनर
रजिस्ट्रार राकेश वधवा ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि जब किसी मूल्यांकन सेंटर पर पेपर चेक करने के लिए भेजते हैं तो वहां पर उपस्थित दोनों एग्जामिनर अपने अपने विवेक के आधार पर अंक देते हैं। मान लो एक एग्जामिनर ने 200 पेपर चेक किए। उसने अपने विवेक के आधार पर 200 में से 176 बच्चों को पास कर दिया और 24 को फेल कर दिया। जबकि दूसरे ने अपने टफ मार्किंग करते हुए 200 में से 24 बच्चों को पास किया और 176 को फेल कर दिया। तभी एक छात्र बोल पड़ा कि क्या एग्जामिनर शराब पीकर पेपर चेक करते हैं। तब रजिस्ट्रार राकेश वधवा ने उसे लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि आप किसी शैक्षणिक संस्था में हैं और ऐसी बात स्टूडेंट्स को शोभा नहीं देती।
15 दिन में आ जाएगी डीएमसी
रजिस्ट्रार ने उन्हें बताया कि कमेटी ने 15 दिनों में छात्रों की डीएमसी भिजवाने का फैसला लिया है। डीएमसी मिलते ही छात्र रिवेल्युएशन के लिए आवेदन कर दें। इसकी फीस 300 रुपये हैं। जो छात्र रिवेल्युएशन में पास हो जाएगा। विश्वविद्यालय उसकी फीस रिफंड कर देगा। साथ ही आवेदन के बाद 15 दिनों में ही रिवेल्युएशन का रिजल्ट भी निकाल दिया जाएगा। हालांकि पहले रिवेल्युएशन का रिजल्ट करीब तीन महीने में निकलता है। रजिस्ट्रार के इस आश्वासन के बाद छात्र वापस चले गए। साथ ही उन्होंने शाह सतनाम सिंह गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं को पुराने पाठयक्रम के अनुसार ही पेपर लेने का आश्वासन दिया। ताकि उनका भविष्य खराब न हो।
हमने छात्रों को 15 दिनों में डीएमसी कॉलेज में भेजने और 15 दिनों में ही रिचेकिंग का रिजल्ट निकालने की बात कही है। इससे छात्र संतुष्ट हैं। जो छात्र पास हो जाएंगे, उन्हें फीस रिफंड कर दी जाएगी। शाह सतनाम सिंह गर्ल्स कॉलेज की जिन छात्राओं को पुराना पाठ्यक्रम पढ़ाया गया था। उनका पेपर उसी पाठ्यक्रम के अनुसार ही दोबारा से लिया जाएगा।
- राकेश वधवा, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा।