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जागा विद्युत निगम: 75 लाख का बिल 9 हजार बनाकर भेजा
Updated Sun, 14 Oct 2018 02:28 AM IST
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75 लाख का बिल सुधारकर 9 हजार बनाकर भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। कई माह से गलत बिल भेजकर उपभोक्ताओं के दिन का चैन और रातों की नींद उड़ाने वाले विद्युत निगम ने 75 लाख के बिल को चंद घंटों में सुधार कर 9 हजार बना दिया है। उपभोक्ता की फरियाद को अनसुनी करने वाले निगम के कर्मी शनिवार को अवकाश के दिन प्रात: 10 बजे से पहले सुधारे गए बिल की प्रति लेकर उपभोक्ता के द्वार पर पहुंच गए। इंद्रपुरी मोहल्ला निवासी सीताराम ने बताया कि उसे कई माह से गलत बिल भेजा जा रहा है। बार-बार शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं की गई। इस बार उन्हें 75 लाख 58 हजार 332 रुपये का बिल भेजा। बिल की अदायगी समय पर न करने पर दो लाख 22 हजार 286 रुपये सरचार्ज सहित 77 लाख 80 हजार 816 भरने के निर्देश दिए थे। इस बारे में निगम में शिकायत भी की, लेकिन उसकी शिकायत लेने में भी आनाकानी की गई। निगम द्वारा गलत बिल भेजने का मामला मीडिया में आते ही निगम में हरकत हुई और शनिवार को साप्ताहिक अवकाश होने के बावजूद सुबह 10 बजे से पहले संशोधित बिल उपभोक्ता के घर पहुंचा दिया गया। संशोधित बिल में 75 लाख रुपये के बिल को लगभग 9 हजार बताया गया है। यानि निगम ने स्वीकार किया कि उससे बड़ी गलती हुई है। हालांकि उपभोक्ता ने संशोधित बिल को भी अत्यधिक बताया है और इसमें भी सुधार करने की मांग की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। कई माह से गलत बिल भेजकर उपभोक्ताओं के दिन का चैन और रातों की नींद उड़ाने वाले विद्युत निगम ने 75 लाख के बिल को चंद घंटों में सुधार कर 9 हजार बना दिया है। उपभोक्ता की फरियाद को अनसुनी करने वाले निगम के कर्मी शनिवार को अवकाश के दिन प्रात: 10 बजे से पहले सुधारे गए बिल की प्रति लेकर उपभोक्ता के द्वार पर पहुंच गए। इंद्रपुरी मोहल्ला निवासी सीताराम ने बताया कि उसे कई माह से गलत बिल भेजा जा रहा है। बार-बार शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं की गई। इस बार उन्हें 75 लाख 58 हजार 332 रुपये का बिल भेजा। बिल की अदायगी समय पर न करने पर दो लाख 22 हजार 286 रुपये सरचार्ज सहित 77 लाख 80 हजार 816 भरने के निर्देश दिए थे। इस बारे में निगम में शिकायत भी की, लेकिन उसकी शिकायत लेने में भी आनाकानी की गई। निगम द्वारा गलत बिल भेजने का मामला मीडिया में आते ही निगम में हरकत हुई और शनिवार को साप्ताहिक अवकाश होने के बावजूद सुबह 10 बजे से पहले संशोधित बिल उपभोक्ता के घर पहुंचा दिया गया। संशोधित बिल में 75 लाख रुपये के बिल को लगभग 9 हजार बताया गया है। यानि निगम ने स्वीकार किया कि उससे बड़ी गलती हुई है। हालांकि उपभोक्ता ने संशोधित बिल को भी अत्यधिक बताया है और इसमें भी सुधार करने की मांग की है।