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नशे के खात्मे के लिए चार और पंचायतें आई आगे, 1
Updated Tue, 11 Sep 2018 02:32 AM IST
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नशे के खात्मे के लिए चार पंचायतों ने नशा बेचने पर लगाया प्रतिबंध
सिरसा। जिले में फैल रहे नशे के जंजाल को तोड़ने के लिए धीरे-धीरे ही सही ग्राम पंचायतें आगे आने लगी हैं।
पूर्व में जहां 3 पंचायतें नशे के खात्मे के लिए कदम बढ़ा चुकी हैं। वहीं अब चार और पंचायतों ने भी नशे के खात्मे के लिए अपने-अपने गांवों में प्रस्ताव पारित किया है। चारों गांवों की पंचायतों ने अपने-अपने गांवों में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए गांव में दुकानदारों को 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कोई भी नशीला पदार्थ न देने का प्रस्ताव पारित किया है। दुकानदारों को भी रेज्यूलेशन की कॉपी दी गई है। ढाणी 400 के सरपंच संतोष कुमारी, गांव धनूर के सरपंच प्रतिनिधि देसराज, गांव ढाणी ख्योंवाली के सरपंच रोशनलाल व गांव चामल के सरपंच राजरानी ने बताया कि सिरसा में पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रबल प्रहार से वे काफी प्रभावित हुए हैं। एसपी के अभियान से प्रभावित होकर ही उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर ये कदम उठाया है। ताकि आने वाली भावी पीढ़ी को नशे की गर्त से छुटकारा मिल सके।
चारों गांवों के सरपंच प्रतिनिधियों ने अपने-अपने गांवों में सर्वसम्मति से पारित किए गए प्रस्तावों में लिखा है कि कोई भी दुकानदार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को कोई भी नशीला पदार्थ जैसे बीड़ी, सिगरेट, जर्दा या तंबाकू नहीं बेचेगा। दुकानदारों को बाकायदा प्रस्ताव संबंधी कॉपी भी दे दी गई है। इसके बाद भी कोई दुकानदार गलती करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव में ये भी स्पष्ट लिखा है कि कोई भी नशे का तस्कर या ग्रामीण गांव में कोई नशीला पदार्थ लेकर नहीं घुसेगा। पहली बार तो उसे समझाया जाएगा। अगर उसके बाद भी वह नहीं मानता तो उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई जाएगी। पंचायत प्रतिनिधियों ने ये भी लिखा है कि वे नशे को बंद करने के लिए पुलिस का हर सहयोग करेंगे। उन्होंने गांवों के युवाओं से भी आह्वान किया है कि वे भी नशे की चपेट में आने की बजाय खेल व अन्य गतिविधियों पर ध्यान दें। ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा है कि वे आसपास के गांवों के ग्रामीणों से भी नशे पर रोक लगाने को लेकर बातचीत करेंगे। ताकि जिले से नशे का पूरी तरह से खात्मा किया जा सके।
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सिरसा। जिले में फैल रहे नशे के जंजाल को तोड़ने के लिए धीरे-धीरे ही सही ग्राम पंचायतें आगे आने लगी हैं।
पूर्व में जहां 3 पंचायतें नशे के खात्मे के लिए कदम बढ़ा चुकी हैं। वहीं अब चार और पंचायतों ने भी नशे के खात्मे के लिए अपने-अपने गांवों में प्रस्ताव पारित किया है। चारों गांवों की पंचायतों ने अपने-अपने गांवों में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए गांव में दुकानदारों को 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कोई भी नशीला पदार्थ न देने का प्रस्ताव पारित किया है। दुकानदारों को भी रेज्यूलेशन की कॉपी दी गई है। ढाणी 400 के सरपंच संतोष कुमारी, गांव धनूर के सरपंच प्रतिनिधि देसराज, गांव ढाणी ख्योंवाली के सरपंच रोशनलाल व गांव चामल के सरपंच राजरानी ने बताया कि सिरसा में पुलिस अधीक्षक हामिद अख्तर द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रबल प्रहार से वे काफी प्रभावित हुए हैं। एसपी के अभियान से प्रभावित होकर ही उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर ये कदम उठाया है। ताकि आने वाली भावी पीढ़ी को नशे की गर्त से छुटकारा मिल सके।
चारों गांवों के सरपंच प्रतिनिधियों ने अपने-अपने गांवों में सर्वसम्मति से पारित किए गए प्रस्तावों में लिखा है कि कोई भी दुकानदार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को कोई भी नशीला पदार्थ जैसे बीड़ी, सिगरेट, जर्दा या तंबाकू नहीं बेचेगा। दुकानदारों को बाकायदा प्रस्ताव संबंधी कॉपी भी दे दी गई है। इसके बाद भी कोई दुकानदार गलती करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ग्राम पंचायतों ने प्रस्ताव में ये भी स्पष्ट लिखा है कि कोई भी नशे का तस्कर या ग्रामीण गांव में कोई नशीला पदार्थ लेकर नहीं घुसेगा। पहली बार तो उसे समझाया जाएगा। अगर उसके बाद भी वह नहीं मानता तो उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई जाएगी। पंचायत प्रतिनिधियों ने ये भी लिखा है कि वे नशे को बंद करने के लिए पुलिस का हर सहयोग करेंगे। उन्होंने गांवों के युवाओं से भी आह्वान किया है कि वे भी नशे की चपेट में आने की बजाय खेल व अन्य गतिविधियों पर ध्यान दें। ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा है कि वे आसपास के गांवों के ग्रामीणों से भी नशे पर रोक लगाने को लेकर बातचीत करेंगे। ताकि जिले से नशे का पूरी तरह से खात्मा किया जा सके।
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