{"_id":"5a21aab64f1c1b7a548c08ba","slug":"121512155830-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"थेहड से परिवारों का पलायन जारी, 20 परिवार और हुए फ्लैटों में शिफ्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थेहड से परिवारों का पलायन जारी, 20 परिवार और हुए फ्लैटों में शिफ्ट
Updated Sat, 02 Dec 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरसा।
थेहड़ से मकान खाली करवाने का क्रम लगातार जारी है। अब थेहड़वासी खुद ही थेहड़ से मकान खाली कर रहे हैं। शुक्रवार को भी थेहड़ से 22 परिवारों ने अपने मकान खाली कर दिए तथा वाहनों में सामान लादकर हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट में शिफ्ट हो गए।
थेहड़ को खाली करवाने के लिए पुरातत्व विभाग द्वारा तीन चरणों में अभियान चलाया जा रहा है। पहले दो अभियानों में 204 मकान खाली करवाए गए थे। वीरवार को भी दो दर्जन से अधिक मकान खाली हुए थे। थेहड़ से विस्थापित किए गए लोगों को हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट्स में शिफ्ट किया जा रहा है। जब तक पंचायती राज विभाग की ओर से कंगनपुर गांव की ढाई एकड़ और बेगू गांव की चार एकड़ जमीन नगर परिषद के हवाले नहीं कर दी जाती, तब तक थेहड़वासियों को इन फ्लैट्स में ही रहना पड़ेगा। प्रशासन की ओर से फ्लैट्स में थेहड़वासियों को वाहन, खाने-पीने, बिजली आदि सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसी का परिणाम है कि थेहड़ पर बसे अन्य परिवार भी अब अपने मकान खाली करने के लिए सहमत होने लगे हैं। खुद मकान खाली कर फ्लैट में शिफ्ट होने वाले परिवारों को प्रशासन की ओर से बाकायदा वाहन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, जिसमें थेहड़ वासी अपना सामान लेकर आते हैं।
हाईकोर्ट के आदेशानुसार थेहड़ पर काबिज 671 मकानों को खाली किया जाना है, जिसके लिए प्रशासन की ओर से क्रम अनुसार संख्या तय कर रखी है। दो चरणों का क्रम पूरा हो चुका है और अब तीसरे चरण की शुरुआत जल्द होने वाली है। शुरू में तो थेहड़ पर विरोध के स्वर सुनाई दिए थे लेकिन प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर भरोसा होने के बाद थेहड़वासी अपने आप ही मकान खाली करने को तैयार हो गए। थेहड़वासियों का कहना है कि उन्हें भरोसा है कि सरकार उन्हें प्लॉट और मकान बनाने के लिए लोन देगी। कई गांवों में प्रशासन की ओर से जमीन देखी गई है। नगर परिषद के पास जब सरकार की ओर से रुपया भेज दिया जाएगा तो जमीन की खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। फ्लैट में भी किसी प्रकार की कोई दिक्कत थेहड़वासियों को नहीं आ रही। प्रशासन का पूरा सहयोग उन्हें मिल रहा है। प्रशासन को 19 जनवरी तक मकानों को खाली करवाना है। इसके बाद थेहड़ पर पुरातत्व विभाग खुदाई का कार्य शुरू कर देगा। थेहड़ देश की प्राचीन धरोहर में शुमार है। विभाग को उम्मीद है कि थेहड़ की खुदाई के दौरान काफी प्राचीन चीजें मिलेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
थेहड़ से मकान खाली करवाने का क्रम लगातार जारी है। अब थेहड़वासी खुद ही थेहड़ से मकान खाली कर रहे हैं। शुक्रवार को भी थेहड़ से 22 परिवारों ने अपने मकान खाली कर दिए तथा वाहनों में सामान लादकर हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट में शिफ्ट हो गए।
थेहड़ को खाली करवाने के लिए पुरातत्व विभाग द्वारा तीन चरणों में अभियान चलाया जा रहा है। पहले दो अभियानों में 204 मकान खाली करवाए गए थे। वीरवार को भी दो दर्जन से अधिक मकान खाली हुए थे। थेहड़ से विस्थापित किए गए लोगों को हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट्स में शिफ्ट किया जा रहा है। जब तक पंचायती राज विभाग की ओर से कंगनपुर गांव की ढाई एकड़ और बेगू गांव की चार एकड़ जमीन नगर परिषद के हवाले नहीं कर दी जाती, तब तक थेहड़वासियों को इन फ्लैट्स में ही रहना पड़ेगा। प्रशासन की ओर से फ्लैट्स में थेहड़वासियों को वाहन, खाने-पीने, बिजली आदि सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसी का परिणाम है कि थेहड़ पर बसे अन्य परिवार भी अब अपने मकान खाली करने के लिए सहमत होने लगे हैं। खुद मकान खाली कर फ्लैट में शिफ्ट होने वाले परिवारों को प्रशासन की ओर से बाकायदा वाहन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, जिसमें थेहड़ वासी अपना सामान लेकर आते हैं।
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेशानुसार थेहड़ पर काबिज 671 मकानों को खाली किया जाना है, जिसके लिए प्रशासन की ओर से क्रम अनुसार संख्या तय कर रखी है। दो चरणों का क्रम पूरा हो चुका है और अब तीसरे चरण की शुरुआत जल्द होने वाली है। शुरू में तो थेहड़ पर विरोध के स्वर सुनाई दिए थे लेकिन प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर भरोसा होने के बाद थेहड़वासी अपने आप ही मकान खाली करने को तैयार हो गए। थेहड़वासियों का कहना है कि उन्हें भरोसा है कि सरकार उन्हें प्लॉट और मकान बनाने के लिए लोन देगी। कई गांवों में प्रशासन की ओर से जमीन देखी गई है। नगर परिषद के पास जब सरकार की ओर से रुपया भेज दिया जाएगा तो जमीन की खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। फ्लैट में भी किसी प्रकार की कोई दिक्कत थेहड़वासियों को नहीं आ रही। प्रशासन का पूरा सहयोग उन्हें मिल रहा है। प्रशासन को 19 जनवरी तक मकानों को खाली करवाना है। इसके बाद थेहड़ पर पुरातत्व विभाग खुदाई का कार्य शुरू कर देगा। थेहड़ देश की प्राचीन धरोहर में शुमार है। विभाग को उम्मीद है कि थेहड़ की खुदाई के दौरान काफी प्राचीन चीजें मिलेंगी।
विज्ञापन