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22 वर्षीय मनदीप सहारण भारतीय सेना में बने लेफ्टिनेंट
Updated Fri, 15 Dec 2017 01:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चोपटा।
खंड के गांव शक्करमंदोरी निवासी 22 वर्षीय मनदीप सहारण को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति हुई है। फिलहाल ट्रेनिंग के बाद उन्हें मेरठ तोपखाने में नियुक्ति हुई है। मनदीप सहारण अपने गांव में पहुंचे जहां पर उनके पारिवारिक सदस्यों के अलावा अन्य ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया।
फरवरी 2016 में भारतीय सेना की सीडीएस की परीक्षा आयोजित हुई थी, जिसमें कुल 409 युवाओं को लेफ्टिनेंट के पद पर सेलेक्शन हुआ था। इस परीक्षा में हरियाणा के 58 और सिरसा से एकमात्र मनदीप सहारण का सेलेक्शन हुआ था। लेफ्टिनेंट मनदीप ने बताया कि बचपन से ही ताऊ हेतराम सहारण और रिटायर्ड हेडमास्टर हरद्वारीलाल सहारण ने उन्हें सेना में बड़े पद पर तैनात होने के लिए प्रेरित करते रहे हैं। वहीं, उनके दादा रामचंद सहारण का भी सपना उन्हें सेना में भेजने का था। मनदीप ने बताया कि उन्होंने बारहवीं कक्षा तक फतेहाबाद और कम्प्यूटर साइंस से बीटेक गुरुग्राम से की थी। मनदीप सहारण ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय मां-बाप के अलावा ताऊ हेतराम सहारण, हरद्वारी लाल, दादा रामचंद के अलावा अध्यापकों को दिया है।
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चोपटा।
खंड के गांव शक्करमंदोरी निवासी 22 वर्षीय मनदीप सहारण को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति हुई है। फिलहाल ट्रेनिंग के बाद उन्हें मेरठ तोपखाने में नियुक्ति हुई है। मनदीप सहारण अपने गांव में पहुंचे जहां पर उनके पारिवारिक सदस्यों के अलावा अन्य ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया।
फरवरी 2016 में भारतीय सेना की सीडीएस की परीक्षा आयोजित हुई थी, जिसमें कुल 409 युवाओं को लेफ्टिनेंट के पद पर सेलेक्शन हुआ था। इस परीक्षा में हरियाणा के 58 और सिरसा से एकमात्र मनदीप सहारण का सेलेक्शन हुआ था। लेफ्टिनेंट मनदीप ने बताया कि बचपन से ही ताऊ हेतराम सहारण और रिटायर्ड हेडमास्टर हरद्वारीलाल सहारण ने उन्हें सेना में बड़े पद पर तैनात होने के लिए प्रेरित करते रहे हैं। वहीं, उनके दादा रामचंद सहारण का भी सपना उन्हें सेना में भेजने का था। मनदीप ने बताया कि उन्होंने बारहवीं कक्षा तक फतेहाबाद और कम्प्यूटर साइंस से बीटेक गुरुग्राम से की थी। मनदीप सहारण ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय मां-बाप के अलावा ताऊ हेतराम सहारण, हरद्वारी लाल, दादा रामचंद के अलावा अध्यापकों को दिया है।
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