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निरंतर अभ्यास से निखरता है लेखन : प्रो. आशीष दहिया
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3-एमडीयू के होटल प्रबंधन विभाग में परवीन मोदी को पुष्प गुच्छ भेंट करते निदेशक जनसंपर्क प्रो. आश
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट में पत्रकारिता-आधारित टूरिज्म व कुलिनरी राइटिंग पर विशेष सत्र आयोजित किया गया।
पत्रकार परवीन कुमार मोदी ने होटल एवं पर्यटन प्रबंधन के विद्यार्थियों को ट्रैवल, टूरिज्म व कुलिनरी राइटिंग के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भारत की यात्रा-कथाएं और भोजन-संस्कृति वैश्विक स्तर पर बड़ी संभावनाएं रखती हैं। इनके प्रामाणिक दस्तावेजीकरण व प्रभावी प्रस्तुति की जरूरत है।
उन्होंने विषय चयन, फील्ड ऑब्जर्वेशन, इंटरव्यू तकनीक, नोट्स-टेकिंग और मानवीय शैली में कहानी कहने पर उपयोगी सुझाव दिए। विकसित भारत 2047 के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कुलिनरी व ट्रैवल राइटिंग सांस्कृतिक ब्रांडिंग और राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
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निदेशक जनसंपर्क प्रो. आशीष दहिया ने कहा कि उत्कृष्ट लेखन निरंतर अभ्यास से निखरता है। अमृतकाल में भारतीय पाक-परंपराओं का संरक्षण व दस्तावेजीकरण समय की आवश्यकता है। डॉ. शिल्पी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
वहीं आईएचटीएम निदेशक प्रो. संदीप मलिक ने कहा कि कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति के नए मानक स्थापित कर रहा है। विद्यार्थियों को उद्योग व समाज की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इस मौके पर आईएचटीएम के शिक्षक, शोधार्थी व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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पत्रकार परवीन कुमार मोदी ने होटल एवं पर्यटन प्रबंधन के विद्यार्थियों को ट्रैवल, टूरिज्म व कुलिनरी राइटिंग के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भारत की यात्रा-कथाएं और भोजन-संस्कृति वैश्विक स्तर पर बड़ी संभावनाएं रखती हैं। इनके प्रामाणिक दस्तावेजीकरण व प्रभावी प्रस्तुति की जरूरत है।
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उन्होंने विषय चयन, फील्ड ऑब्जर्वेशन, इंटरव्यू तकनीक, नोट्स-टेकिंग और मानवीय शैली में कहानी कहने पर उपयोगी सुझाव दिए। विकसित भारत 2047 के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कुलिनरी व ट्रैवल राइटिंग सांस्कृतिक ब्रांडिंग और राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन सकती है।
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निदेशक जनसंपर्क प्रो. आशीष दहिया ने कहा कि उत्कृष्ट लेखन निरंतर अभ्यास से निखरता है। अमृतकाल में भारतीय पाक-परंपराओं का संरक्षण व दस्तावेजीकरण समय की आवश्यकता है। डॉ. शिल्पी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
वहीं आईएचटीएम निदेशक प्रो. संदीप मलिक ने कहा कि कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति के नए मानक स्थापित कर रहा है। विद्यार्थियों को उद्योग व समाज की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इस मौके पर आईएचटीएम के शिक्षक, शोधार्थी व विद्यार्थी उपस्थित रहे।