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पहलवानों ने शाह से की मुलाकात: गृहमंत्री बोले- जल्दबाजी में न लें कोई फैसला, पढ़िए गृहमंत्री ने और क्या कहा
Sun, 04 Jun 2023 11:25 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक/सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक/सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 04 Jun 2023 11:25 PM IST
सार
गृहमंत्री ने पहलवानों से जल्दबाजी में कोई फैसला न लेने को कहा। यह दावा ओलंपियन साक्षी मलिक की मां सुदेश मलिक ने किया। वहीं मुंडलाना में बजरंग पुनिया बोले कि तीन-चार दिन में पंचायत का समय और स्थान तय होगा, मुंडलाना की पंचायत में कोई महत्वपूर्ण निर्णय नहीं हो सका।
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अमित शाह ने पहलवानों से मुलाकात की
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी पर अड़े पहलवानों ने शनिवार देर शाम नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। गृहमंत्री ने पहलवानों से जल्दबाजी में कोई फैसला न लेने को कहा। यह दावा ओलंपियन साक्षी मलिक की मां सुदेश मलिक ने किया। इधर, रविवार को मुंडलाना में हुई पंचायत में पहलवान बजरंग पूनिया की अपील पर कोई महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया। बजरंग ने सभी संगठनों को एक मंच पर लाकर जल्द महापंचायत कर बड़ा फैसला लेने की बात कही।
रविवार को ओलंपियन साक्षी मलिक की मां सुदेश मलिक ने अमर उजाला से हुई बातचीत में दावा किया कि साक्षी, विनेश और बजरंग ने शनिवार रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। करीब एक घंटे की मुलाकात में गृह मंत्री ने तीनों खिलाड़ियों से कहा कि वे जोश की बजाय समझदारी से काम लें।
सुदेश मलिक ने बताया कि शाह ने पहलवानों को आंदोलन समाप्त करने के लिए समझाते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। मुलाकात के दौरान पहलवानों ने बृजभूषण की गिरफ्तारी पर ही जोर दिया। इस पर शाह ने कहा, कोई भी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी।
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इसके बाद रविवार को बजरंग पूनिया सोनीपत स्थित मुंडलाना पंचायत में पहुंचे और आह्वान किया कि आज कोई फैसला नहीं लिया जाए। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी संगठनों को एक मंच पर लाकर बड़ी पंचायत बुलाई जाएगी। इस बारे में तीन-चार दिन में फैसला लिया जाएगा। फिर सभी को पंचायत के स्थान और समय के बारे सूचित कर दिया जाएगा। इसी पंचायत में अगला फैसला लिया जाएगा।
कुरुक्षेत्र की पंचायत में न आने पर मांगी माफी, विनेश व साक्षी टूटीं
बजरंग ने मुंडलाना की पंचायत में विनेश व साक्षी के नहीं आने व कुरुक्षेत्र की पंचायत में पहलवानों के नहीं पहुंचने पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि 28 मई की दिल्ली व 30 मई की हरिद्वार की घटना से पहलवान बेटियां विनेश व साक्षी टूट चुकी हैं। आज पूरा देश एक साथ खड़ा होकर पहलवानों को शक्ति दे रहा है। सभी का सहयोग ही हमारी हिम्मत है। पंचायत राष्ट्रीय लोकदल नेता जयंत चौधरी, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर, उत्तर प्रदेश के विधायक प्रदीप चौधरी, गुलाब अहमद, निहंग बाबा अमन सिंह आदि मौजूद रहे।
बेटियों को घसीटने वाली सरकार के नुमाइंदों को गांवों से घसीटकर निकालना चाहते थे: चढूनी
समर्थन पंचायत के अध्यक्ष और भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि बजरंग पूनिया के आह्वान पर उन्होंने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। हालांकि वह चाहते थे कि जिस तरह भाजपा ने हमें संसद भवन के सामने जाने से रोका था, उसी तरह उन्हें भी गांवों में घुसने से रोक दें। जिस तरह हमारी बहन-बेटियों को घसीटा गया, उसी तरह उनके नुमाइंदों को भी घसीट कर बाहर निकाल दें, लेकिन हमें अनुशासन में रहना है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन खिलाड़ियों का है, हम उनके सहयोगी हैं। उन्हें आश्वासन देते हैं कि अगर पहलवान कहें कि जंतर-मंतर पर जाकर सिर कटवाना है तो हम कटवा देंगे, पीछे नहीं हटेंगे। इसका फैसला हम पहलवानों पर छोड़ते हैं। वह जो भी निर्णय लेंगे, हम उनके साथ हैं।
अब फालतू पंचायत नहीं, पहलवानों के निर्णय को देंगे समर्थन : सत्यपाल मलिक
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि अब पहलवानों के आह्वान के बाद फालतू पंचायत नहीं होंगी। पहलवान जो कहेंगे उनका साथ दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने फिर से कहा कि पुलवामा हमले से पहले सेना ने गृह मंत्रालय से पांच हेलिकॉप्टर की मांग की थी, लेकिन गृह मंत्रालय ने हेलिकॉप्टर उपलब्ध नहीं कराए और सेना के 40 जवानों की जान चली गई है। उन्होंने यह बात प्रधानमंत्री के सामने रखी तो उन्होंने चुप रहने के लिए कहा और अब तक कोई जांच भी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के चुनाव में भाजपा सरकार को बाहर का रास्ता दिखाना है। जिस तरह सरकार ने किसानों के विरोध में बनाए कानून माफी मांगकर वापस लिए थे, उसी तरह अब पहलवान बेटियों से माफी मांगी जाएगी। इससे पहले पंचायत में ओडिशा में हुए रेल हादसे को लेकर दो मिनट का मौन रखा गया।
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रविवार को ओलंपियन साक्षी मलिक की मां सुदेश मलिक ने अमर उजाला से हुई बातचीत में दावा किया कि साक्षी, विनेश और बजरंग ने शनिवार रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। करीब एक घंटे की मुलाकात में गृह मंत्री ने तीनों खिलाड़ियों से कहा कि वे जोश की बजाय समझदारी से काम लें।
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सुदेश मलिक ने बताया कि शाह ने पहलवानों को आंदोलन समाप्त करने के लिए समझाते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। मुलाकात के दौरान पहलवानों ने बृजभूषण की गिरफ्तारी पर ही जोर दिया। इस पर शाह ने कहा, कोई भी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी।
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इसके बाद रविवार को बजरंग पूनिया सोनीपत स्थित मुंडलाना पंचायत में पहुंचे और आह्वान किया कि आज कोई फैसला नहीं लिया जाए। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी संगठनों को एक मंच पर लाकर बड़ी पंचायत बुलाई जाएगी। इस बारे में तीन-चार दिन में फैसला लिया जाएगा। फिर सभी को पंचायत के स्थान और समय के बारे सूचित कर दिया जाएगा। इसी पंचायत में अगला फैसला लिया जाएगा।
कुरुक्षेत्र की पंचायत में न आने पर मांगी माफी, विनेश व साक्षी टूटीं
बजरंग ने मुंडलाना की पंचायत में विनेश व साक्षी के नहीं आने व कुरुक्षेत्र की पंचायत में पहलवानों के नहीं पहुंचने पर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि 28 मई की दिल्ली व 30 मई की हरिद्वार की घटना से पहलवान बेटियां विनेश व साक्षी टूट चुकी हैं। आज पूरा देश एक साथ खड़ा होकर पहलवानों को शक्ति दे रहा है। सभी का सहयोग ही हमारी हिम्मत है। पंचायत राष्ट्रीय लोकदल नेता जयंत चौधरी, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर, उत्तर प्रदेश के विधायक प्रदीप चौधरी, गुलाब अहमद, निहंग बाबा अमन सिंह आदि मौजूद रहे।
बेटियों को घसीटने वाली सरकार के नुमाइंदों को गांवों से घसीटकर निकालना चाहते थे: चढूनी
समर्थन पंचायत के अध्यक्ष और भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि बजरंग पूनिया के आह्वान पर उन्होंने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया। हालांकि वह चाहते थे कि जिस तरह भाजपा ने हमें संसद भवन के सामने जाने से रोका था, उसी तरह उन्हें भी गांवों में घुसने से रोक दें। जिस तरह हमारी बहन-बेटियों को घसीटा गया, उसी तरह उनके नुमाइंदों को भी घसीट कर बाहर निकाल दें, लेकिन हमें अनुशासन में रहना है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन खिलाड़ियों का है, हम उनके सहयोगी हैं। उन्हें आश्वासन देते हैं कि अगर पहलवान कहें कि जंतर-मंतर पर जाकर सिर कटवाना है तो हम कटवा देंगे, पीछे नहीं हटेंगे। इसका फैसला हम पहलवानों पर छोड़ते हैं। वह जो भी निर्णय लेंगे, हम उनके साथ हैं।
अब फालतू पंचायत नहीं, पहलवानों के निर्णय को देंगे समर्थन : सत्यपाल मलिक
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि अब पहलवानों के आह्वान के बाद फालतू पंचायत नहीं होंगी। पहलवान जो कहेंगे उनका साथ दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने फिर से कहा कि पुलवामा हमले से पहले सेना ने गृह मंत्रालय से पांच हेलिकॉप्टर की मांग की थी, लेकिन गृह मंत्रालय ने हेलिकॉप्टर उपलब्ध नहीं कराए और सेना के 40 जवानों की जान चली गई है। उन्होंने यह बात प्रधानमंत्री के सामने रखी तो उन्होंने चुप रहने के लिए कहा और अब तक कोई जांच भी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के चुनाव में भाजपा सरकार को बाहर का रास्ता दिखाना है। जिस तरह सरकार ने किसानों के विरोध में बनाए कानून माफी मांगकर वापस लिए थे, उसी तरह अब पहलवान बेटियों से माफी मांगी जाएगी। इससे पहले पंचायत में ओडिशा में हुए रेल हादसे को लेकर दो मिनट का मौन रखा गया।