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Rohtak News: पहलवान सलोनी ने डेढ़ साल बाद कमबैक कर नेशनल प्रतियोगिता में जीता कांस्य
Tue, 09 Sep 2025 03:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 09 Sep 2025 03:00 AM IST
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रोहतक। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ गांव की महिला पहलवान सलोनी ने 2020 में कुश्ती खेलना शुरू किया था। सलोनी को 2023 में दोनों कंधों में चोट लग गई थी। इसके बाद उसे काफी निराशा हुई।
डेढ़ साल बाद 2025 कुश्ती में कमबैक कर पहली ही नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। सलोनी ने संवाद न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान अपने विचार साझा किए।
सलोनी ने बताया कि मां संध्या ने उसे कुश्ती खेलने के लिए प्रेरित किया। उनके गांव के आस-पास कुश्ती का कोई माहौल नहीं था। परिवार ने सलोनी की प्रतिभा को पहचाना व उसे रोहतक भेजने का फैसला किया क्योंकि रोहतक के छोटूराम स्टेडियम में कोच मनदीप के मार्गदर्शन में सबसे ज्यादा लड़कियां अभ्यास कर पदक जीतती है।
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उन्होंने बताया कि पिता प्रवेश कुमार बिजनेसमैन हैं, मां संध्या देवी आशा वर्कर हैं और दो भाई-बहन हैं।
चोट ने निराश किया, पदक से दमदार वापसी
2023 में सलोनी रोहतक पहुंची और कोच मनदीप के पास अभ्यास करना शुरू किया। रोहतक आए ज्यादा दिन नहीं हुए थे कि दोनों कंधों में गंभीर चोट लग गई। वह निराश हो गई थीं और उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह इस चोट से कैसे उभर पाएंगी। उसे ऑपरेशन करवाना पड़ा और वह लगभग डेढ़ साल तक कुश्ती से दूर रहीं। यह समय उनके लिए बेहद कठिन था लेकिन सलोनी ने हार नहीं मानी। 2025 में एक लंबे अंतराल के बाद उसने फिर से मैट पर वापसी की। मेहनत और लगन के दम पर 2025 की पहली ही नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर वापसी को यादगार बना दिया।
सलोनी की उपलब्धियां
2021 में अंडर-17 नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। 2023 अंडर-19 स्कूली नेशनल प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। 2025 में सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।
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डेढ़ साल बाद 2025 कुश्ती में कमबैक कर पहली ही नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। सलोनी ने संवाद न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान अपने विचार साझा किए।
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सलोनी ने बताया कि मां संध्या ने उसे कुश्ती खेलने के लिए प्रेरित किया। उनके गांव के आस-पास कुश्ती का कोई माहौल नहीं था। परिवार ने सलोनी की प्रतिभा को पहचाना व उसे रोहतक भेजने का फैसला किया क्योंकि रोहतक के छोटूराम स्टेडियम में कोच मनदीप के मार्गदर्शन में सबसे ज्यादा लड़कियां अभ्यास कर पदक जीतती है।
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उन्होंने बताया कि पिता प्रवेश कुमार बिजनेसमैन हैं, मां संध्या देवी आशा वर्कर हैं और दो भाई-बहन हैं।
चोट ने निराश किया, पदक से दमदार वापसी
2023 में सलोनी रोहतक पहुंची और कोच मनदीप के पास अभ्यास करना शुरू किया। रोहतक आए ज्यादा दिन नहीं हुए थे कि दोनों कंधों में गंभीर चोट लग गई। वह निराश हो गई थीं और उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह इस चोट से कैसे उभर पाएंगी। उसे ऑपरेशन करवाना पड़ा और वह लगभग डेढ़ साल तक कुश्ती से दूर रहीं। यह समय उनके लिए बेहद कठिन था लेकिन सलोनी ने हार नहीं मानी। 2025 में एक लंबे अंतराल के बाद उसने फिर से मैट पर वापसी की। मेहनत और लगन के दम पर 2025 की पहली ही नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर वापसी को यादगार बना दिया।
सलोनी की उपलब्धियां
2021 में अंडर-17 नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। 2023 अंडर-19 स्कूली नेशनल प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। 2025 में सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।