फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   World Organ Donation Day today... 18 kidney transplants done in 18 months in PGI, 4 brain dead people gave new life

Rohtak News: पीजीआई में 18 माह में हुए 18 किडनी प्रत्यारोपण, 4 को ब्रेन डेड लोगों ने दिया नया जीवन

Wed, 13 Aug 2025 02:41 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 13 Aug 2025 02:41 AM IST
विज्ञापन
World Organ Donation Day today... 18 kidney transplants done in 18 months in PGI, 4 brain dead people gave new life
विकास सैनी
विज्ञापन

रोहतक। पीजीआई किडनी रोगियों को नया जीवन दे रहा है। 18 महीने में चिकित्सकों ने 18 सफल किडनी प्रत्यारोपण कर मरीजों को नया जीवन दिया है। इनमें से चार मरीजों में ब्रेन डेड लोगों से मिली किडनी प्रत्यारोपित की गई हैं। यह नाकाफी है। इसकी वजह संस्थान की सूची में किडनी की जरूरत वाले 100 मरीजों के लिए किडनी नहीं मिलना है।
अंगदान के प्रति लोगों में जागरूकता न होना व भ्रांतियों के चलते यह जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है। इस काम के लिए संस्थान में बनाई सोटो (स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेल) टीम भी लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित नहीं करा पा रही है।
विज्ञापन

पीजीआई के आंकडों पर नजर डालें तो यहां रोजाना औसतन 20 ब्रेन डेड केस आते हैं। इनमें से दस मरीजों के परिजन भी अंगदान के लिए सहमत होते हैं तो 80 लोगों को नया जीवन मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चिकित्सकों का कहना है कि एक ब्रेन डेड व्यक्ति आठ लोगों को नया जीवन दे सकता है। अकेले किडनी की जरूरत वाले दस से बीस लोगों को जीवन मिल सकता है। इसके लिए केवल ब्रेन डेड व्यक्ति के परिजनों को प्रेरित करने की जरूरत है।
इस दिशा में प्रयास कम नजर आ रहे हैं। यही वजह रही कि जनवरी से अब तक एक भी ब्रेन डेड व्यक्ति के परिजनों ने अंगदान की सहमति नहीं दी है। इस कारण मरीजों को अंगदान का इंतजार है।

ओपीडी में रोज आ रहे 200 किडनी रोगी, 100 का हो चुका पंजीकरण
बदलती जीवनशैली व खानपान हमारी सेहत बिगाड़ रहा है। दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल व प्रदूषण का असर किडनी पर पड़ रहा है। इस कारण किडनी मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
पीजीआई के नेफ्रोलॉजी विभाग की ओपीडी में ऐसे रोजाना औसतन 200 मरीज आ रहे हैं। इनमें गंभीर मरीज या किडनी की जरूरत वाले मरीज भी शामिल हैं। सोटो के तहत ऐसे मरीजों का पंजीकरण किया जा रहा है। विभाग में करीब डेढ़ साल पहले किडनी प्रत्यारोपण शुरू हुआ है। यहां अब तक 100 लोगों का पंजीकरण हो चुका है।

- डॉ. अंकुर गोयल, नेफ्रोलॉजिस्ट, पीजीआई।


संस्थान ने किडनी प्रत्यारोपण किए जा रहे हैं। अब तक हुए सफल प्रत्यारोपण से मरीज सामान्य जीवन यापन कर रहे हैं। यहां प्रत्यारोपण संबंधी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मरीजों को प्राथमिकता से इलाज दिया जा रहा है।
डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed